Rajasthan Sarpanch: राजस्थान पंचायत चुनाव का अपडेट, सरपंचों के कार्यकाल बढ़ाने को दे दी चुनौती
Rajasthan Sarpanch: राजस्थान सरकार द्वारा निवर्तमान सरपंचों का कार्यकाल बढ़ाकर उनको ग्राम पंचायतों का प्रशासक नियुक्त करने के फैसले पर कांग्रेस पार्टी ने आपत्ति जताई है। राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सीबी यादव ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर संवैधानिक चिंताओं का हवाला देते हुए पंचायतों के लिए समय पर चुनाव कराने की मांग की है।
सीबी यादव का तर्क है कि चुनावों में देरी करना संविधान के अनुच्छेद 243-ई और राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 95 का उल्लंघन है। इन कानूनों के अनुसार, पांच साल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद कार्यकाल बढ़ाने या चुनाव स्थगित करने का कोई प्रावधान नहीं है।

(Rajasthan Sarpanch Chunav) राजस्थान सरकार में 6,759 का कार्यकाल बढ़ाया
राजस्थान सरकार ने गुरुवार को सरपंचों को प्रशासक नियुक्त करने का आदेश जारी किया था। यह फैसला मध्य प्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड के मॉडल पर करीब एक महीने तक विचार करने के बाद लिया गया। इस दौरान कानूनी राय भी ली गई।
राजस्थान में 6,759 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल जनवरी 2024 को समाप्त होने वाला है। सरकार ने इस पर निर्णय लेने से पहले सरपंच संघ के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा की। सरपंचों ने योजना पर अपनी सहमति जताई।

राजस्थान पंचायत चुनाव में देरी पर कांग्रेस का रुख (Rajasthan Panchayat Elections)
कांग्रेस पार्टी का कहना है कि समय पर चुनाव न कराना संवैधानिक आदेशों के विरुद्ध है। वे इस बात पर जोर देते हैं कि किसी भी परिस्थिति में कार्यकाल को पांच साल से अधिक बढ़ाने का कोई कानूनी आधार नहीं है।
अपने पत्र में यादव ने संवैधानिक प्रावधानों का पालन करने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने और समय पर चुनाव कराने का आग्रह किया।
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इस मुद्दे ने राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में शासन-प्रशासन के तौर-तरीकों पर बहस छेड़ दी है। कांग्रेस पार्टी का विरोध लोकतांत्रिक मानदंडों को बनाए रखने और स्थानीय शासन में जवाबदेही सुनिश्चित करने की उनकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है क्योंकि हितधारक आगे के घटनाक्रम का इंतजार कर रहे हैं। इसका परिणाम राजस्थान की ग्राम पंचायतों में भविष्य की शासन रणनीतियों को प्रभावित करेगा।












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