दिल्ली चुनाव: आप की वजह से पीएम मोदी को इन 7 बातों का हैं डर
नयी दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारिखों के ऐलान के साथ ही सियासी गहमागहमी तेज हो गई है। इस चुनाव को आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और बीजेपी के बीच जोड़कर देखा जा रहा है। जहां आप केजरीवाल के नाम पर वोट मांग रही है तो वहीं बीजेपी सीधे पीएम न रेन्द्र मोदी के नाम पर लोगों को विकास का सपना दिखा रही है। ऐसे में दिल्ली विधानसभा चुनाव में केजरीवाल का सीधा मुकाबला पीएम मोदी से है।
आपको बता दें कि पिछले दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी आप को कम आंकने का खामियाजा भुगत चुकी है। ऐसे में इस बार वो कोई रिस्क नहीं उठाना चाहती है। दिल्ली की सत्ता बीजेपी के लिए भी आसान नहीं हैं। आप ने यहां लोगों के बीच पैठ बना ली है। केजरीवाल की 7 बातें पीएम मोदी को बड़ा झटका दे सकती है।
- आम आदमी पार्टी दिल्लीवालों की समस्याओं को हमेशा से प्रदर्शन, आंदोलन करती रही है। लोग केजरीवाल को 'बदलाव का चेहरा' मानते हैं। ऐसे में बिना सीएम चेहरे के साथ आप का मुकाबला करना बीजेपी के लिए आसान नहीं होगा।
- 'आप' दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए काफी वक्त से तैयारियां कर रही है। आप कार्यकर्ता काफी वक्त से लोगों के बीच पहुंच रहे हैं। आप ने काफी पहले ही सभी 70 सीटों पर अपने कैडिंडेंट के नाम का ऐलान कर दिया जबकि भाजपा ने अब तक कोई सूची जारी नहीं की है। ऐसे में उनकी लेटलतीफी उनकी सीटों पर असर डाल सकती है।
- दिल्ली के लोग 'आप' की छवि को दिल्ली में बदलाव से जोड़कर देखते हैं, ऐसे में भाजपा को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है।
- केजरीवाल के 49 दिनो में सत्ता छोड़ने के बावजूद उनके वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी हुई। लोकसभा चुनाव में भाजपा को 46 फीसदी वोट मिले, जबकि विधानसभा चुनाव में उसे 33 फीसदी वोट मिले वहीं आम आदमी पार्टी को लोकसभा चुनाव के 29 फीसदी की तुलना में 33 फीसदी वोट मिले थे। लोकसभा चुनाव में दिल्ली की लगभग हर सीट पर आप नबंर 2 की पार्टी रही।

- निम्न वर्ग के लोगों के बीच आप की गहरी पैठ है। वहीं दिल्ली के युवा केजरीवाल को पसंद करते हैं। 2013 विधानसभा चुनाव में 'आप' ने 28 सीटें जीती थीं जबकि 19 सीटों पर पार्टी दूसरे नंबर पर रही। ऐसे में भाजपा को कड़ी टक्कर मिल सकती है।
- लोकसभा चुनाव में लोगों ने विकास के नाम पर मोदी को वोट दिया था, ऐसे में दिल्ली विधानसभा चुनाव में केजरीवाल को वोट मिल सकते हैं, क्योंकि लोग उन्हें बदलाव का नेता मानते हैं।
- आम आदमी पार्टी सोशल मीडिया पर काफी एक्जिव है। मोदी की तरह अरविंद केजरीवाल के भी ट्विटर, फेसबुक पर लाखों में फॉलोअर्स हैं। ऐसे में 'आप' बीजेपी के युवा वोटर्स को अपनी तरफ लुभा सकती है। जो मोदी के लिए खतरा है।















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