केजरीवाल के खिलाफ कौन होगा भाजपा का उम्मीदवार?
नयी दिल्ली। य राजधानी दिल्ली में विधानसभा चुनाव की तारीख के ऐलान के साथ ही सबसे बड़ा सवाल जो लोगों के मन में उठने लगा है वो ये कि दिल्ली की सत्ता पर किसका अधिकार होगा। जहां सत्ता की जंग भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी में चल रही है वहीं ये सवाल भी उठ रहा है कि इसबार आप संयोजक अरविंद केजरीवाल के मुकाबले भाजपा का उम्मीदवार कौन होगा?

इस बार दिल्ली विधानसभा चुनाव में सीधी टक्कर आप बनाम भाजपा है। जहां अरद केजरीवाल 'पांच साल सरकार' चलाना का वादा कर रहे है तो वहीं भाजपा विकास का दावा कर रही है, लेकिन सीएम चेहरे को लेकर बाजपा ने चुप्पी साध रखी है। भाजपा सीएम के बजाए पीएम के नाम पर चुनाव लड़ रही है।
भाजपा और आप के बीच में कड़ी टक्कर होने की पूरी संभावना है। इसी डर का नतीजा है कि पार्टी के दिग्गज नेताओं ने अपनी सुरक्षित सीट के अलावा कहीं और से चुनाव लड़ने तक से मना कर दिया है, वहीं अरविंद केजरीवाल के मुकाबले नई दिल्ली सीट से चुनाव लड़ने के लिए कोई तैयार नहीं है। ऐसे में पार्टी विकल्पों पर विचार कर रही हैं।
कौन-कौन हैं भाजपा के विकल्प
किरण बेदी
सूत्रों की माने तो भाजपा जल्द अपनी पहली सूची जारी कर सकती है। भाजपा नेता चाहते हैं कि नई दिल्ली सीट से केजरीवाल के खिलाफ पूर्व आईपीएस अधिकारी और अन्ना आंदोलन की समर्थक किरण बेदी चुनाव लड़ें। किरण बेदी भाजपा की समर्थक रही हैं, हलांकि उन्होंने किसी भी सियासी दल में शामिल होने से इंकार कर दिया है, लेकिन माना जा रहा है भाजपा उन्हें मना लेगी।
विनोद कुमार बिन्नी
'आप' से निष्कासित पूर्व विधायक विनोद कुमार बिन्नी भी केजरीवाल के खिलाफ भाजपा के उम्मीदवार हो सकते हैं। बिन्नी को केजरीवाल की खिलाफत करने पर पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। बिन्नी दिल्ली की सियासत के वाकिफ हैं और लोगों के बीच उनकी पकड़ मजबूत हैं।
शाजिया इल्मी
आम आदमी पार्टी की टिकट पर दो बार हार चुकीं 'आप' की पूर्व नेता शाजिया इल्मी को भाजपा का टिकट देकर केजरीवाल के खिलाफ लड़ा सकती है। शाजिया ने केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाकर पार्टी की सदस्यता छोड़ दी थी। वहीं उन्हें दिल्ली प्रदेश भाजपा ने स्वच्छ अभियान के लिए अपने साथ जोड़ा था।
सीएम के रेस में कौन-कौन
भाजपा इस बार दिल्ली में बिना किसी सीएम चेहरे के साथ चुनाव लड़ रही है। भाजपा सीएम के बजाए पीएम के नाम पर लोगों से वोट मांग रही हैं। सीएम का फैसला चुनाव नतीजों के बाद किया जाएगा। डॉ हर्षवर्धन के केंद्रीय राजनीति में जाने के बाद से भाजपा के पास दिल्ली में सीएम चेहरा बचा नहीं है। ऐसे में माना जा रहा है कि एकबार फिर उनकी वापसी हो सकती हैं। वहीं स्मृति ईरानी के नाम भी आगे चल रही है।















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