नासिक ऑक्सीजन लीक: पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में घटना को बताया लापरवाही, अज्ञात लोगों पर केस दर्ज
नासिक, 22 अप्रैल। महाराष्ट्र के नासिक स्थित डॉ जाकिर हुसैन अस्पताल में बुधवार को हुए मेडिकल ऑक्सीजन लीक हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है। कोरोना वायरस के खिलाफ जारी लड़ाई के बीच ऑक्सीजन लीक की घटना ने देश को हिलाकर रख दिया है। गुरुवार को नासिक पुलिस आयुक्त ने बताया कि पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार यह घटना लापरवाही के कारण हुई। भद्रकाली पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ धारा 304 ए आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

आपको बता दें कि हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने हादसे पर दुख व्यक्त किया था, वहीं महाराष्ट्र सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया था। इस हादसे में अस्पताल के 24 मरीजों की मौत हो चुकी है, बताया जा रहा है कि सभी को वेंटिलेटर पर रखा गया था और ऑक्सीजन सपोर्ट ही इनको जीवित रखे हुए था। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हुए विश्वास दिलाया कि जो भी इस घटना के जिम्मेदार होंगे, उन्हें बिल्कुल भी बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक बयान में कहा गया है कि किसी को भी इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए।
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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 13 किलो का जो तरल ऑक्सीजन टैंक लीक हुआ वह पिछले 21 दिनों से उपयोग में था, जिसके वाल्व में खराबी के कारण ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो गई और इसके परिणामस्वरूप 24 लोग बेमौत मारे गए। आपको बता दें कि नासिक नगर निगम ने ताइयो निप्पॉन सेंसो प्राइवेट लिमिटेड को शहर में चल रहे 2 कोविड केयर केंद्रों को किराए पर ऑक्सीजन टैंक्स मुहैया कराने का ठेका दिया था, जिसके तहत नासिक नगर निगम ने कंपनी को 1.62 करोड़ रुपए टैंक किराये के तौर पर देने के लिए और 2 करोड़ रुपए उन टैंकों को 10 सालों तक टैंक रीफिल करने के लिए दिये थे।












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