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कोरोना आपदा पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान, कहा नेशनल इमरजेंसी जैसे हालात, केंद्र से मांगा प्लान

देश में कोरोना के बेकाबू होते हालातों पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।

नई दिल्ली, 22 अप्रैल। देश कोरोना की दूसरी लहर का सामना कर रहा है। बीते 24 घंटों में देश में कोरोना के 3.14 लाख नए मामले सामने आए, जोकि एक दिन में कोरोना के मामलों की सर्वाधिक संख्या है, इस दौरान 2,104 लोगों की मौत हो गई। देश में कोरोना के बेकाबू होते हालातों पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी करते हुए कहा कि वह ऑक्सीजन की आपूर्ति, आवश्यक दवाओं और टीकाकरण की विधि पर राष्ट्रीय योजना को देखना चाहता है।

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    Supreme Court

    सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली बेंच ने केंद्र को नोटिस जारी करते हुए कहा, 'हम इन मामलों पर देश की राष्ट्रीय योजना को देखना चाहते हैं।' इस मामले पर 23 अप्रैल यानि कल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।

    मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे समय में कोरोना से संबंधित मामले में दखल दिया है जब देश के 6 विभिन्न-2 हाई कोर्ट अस्पतालों में ऑक्सीजन, बेड और एंटीवायरल दवा रेमेडीसविर की आपूर्ति के संकट को लेकर सुनवाई कर रहे हैं।

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    केंद्र को नोटिस जारी करते हुए चीफ जस्टिस बोबड़े ने कहा, 'हम ऑक्सीजन की सप्लाई, आवश्यक दवाओं की सप्लाई, टीकाकरण के तौर तरीकों के बारे में जानना चाहते हैं और साथ ही राज्यों में तालाबंदी की घोषणा की शक्ति को अपने पास रखना चाहते हैं।'

    वहीं, देश के 6 हाई कोर्टों में कोरोना के मामलों को लेकर चल रही सुनवाई को लेकर चीफ जस्टिस ने कहा, 'मौजूदा समय में 6 हाई कोर्ट में कोरोना से जुड़े मामलों की सुनवाई चल रही है। इसमें दिल्ली, बॉम्बे, सिक्किम, कलकत्ता और इलाहाबाद हाई कोर्ट शामिल हैं। इतने हाई कोर्टों में सुनवाई से भ्रम पैदा हो रहा है।'

    वहीं, ऑक्सीजन के उत्पादन के लिए तमिलनाडु में अपने बंद तांबे के संयंत्र को खोलने के लिए वेदांत की याचिका पर एक अलग सुनवाई में, मुख्य न्यायाधीश बोबडे ने कहा कि 'वर्तमान स्थिति राष्ट्रीय आपातकाल की तरह है।' तीन दिनों से दिल्ली हाई कोर्ट राज्य सरकार और शहर के विभिन्न अस्पतालों से ऑक्सीजन और अन्य संसाधनों के लिए आपातकालीन अनुरोधों पर सुनवाई कर रहा है।

    पिछली रात दिल्ली की सबसे बड़ी हॉस्पिटल चेन मैक्स हॉस्पिटल को ऑक्सीन टैंकर मिलने के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने दो आपातकालीन सुनवाइयां खत्म कीं। मैक्स अस्पताल ने कोर्ट से कहा था कि वह कोरोना के मरीजों के लिए ऑक्सीजन की भारी कमी से जूझ रहा है। हाई कोर्ट ने देश में ऑक्सीजन की कमी के लिए सरकार पर निराशा व्यक्त की और कहा कि अस्पतालों के लिए किसी भी कीमत पर ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाए।कोर्ट ने कहा, 'आप चाहे भीख मांगें...उधार लें...या चोरी करें, लेकिन ऑक्सीजन की आपूर्ति करना आपकी जिम्मेदारी है।'

    कोर्ट ने कहा कि सरकार जमीनी हकीकत से कैसे मुंह मोड़ सकती है। आप ऑक्सीजन की कमी से लोगों को मरने के लिए नहीं छोड़ सकते। आप मजे ले रहे हैं और लोग मर रहे हैं। गौरतलब है कि देश में गुरुवार को कोरोना के 3,14,835 नए मामले सामने आए थे।

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