Nandurbar Election 2024: महाराष्ट्र चुनाव VIP सीट नंदुरबार पर विजय कुमार vs किरण दामोदर में कौन जीत रहा?
Vijaykumar Gavit vs Kiran Damodar Tadavi Nandurbar Chunav 2024: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 नंदुरबार सीट के नतीजों पर सबकी नजर है। महाराष्ट्र चुनाव की VIP, हॉट, हाई प्रोफाइल व सबसे चर्चित सीटों में से एक नंदुरबार पर दिग्गज आदिवासी नेता विजय कुमार गावित की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।
विजय कुमार गावित BJP vs किरण दामोदर तडावी INC
नंदुरबार विधानसभा चुनाव 2024 में भाजपा ने मौजूदा विधायक विजय कुमार गावित पर ही भरोसा जताया है जबकि कांग्रेस ने किरण दामोदर तडावी को मैदान में उतारा है। नंदुरबार में विजय कुमार करीब तीन दशक से अजेय हैं। पहले निर्दलीय, फिर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और भाजपा से चुनाव लड़कर देख लिया, मगर विजय कुमार गावित को कोई दूसरा प्रत्याशी हरा नहीं पाया।
यह भी पढ़ें: Worli Election 2024: महाराष्ट्र चुनाव VIP सीट वर्ली, मतदान से पहले पलटी बाजी, आदित्य ठाकरे vs मिलिंद देवड़ा

यह भी पढ़ें- Sangamner Chunav: महाराष्ट्र की VIP सीट संगमनेर, लोग बोले-'MVA सरकार में 8 बार के MLA बाला साहेब को CM बनाओ'
नंदुरबार विधानसभा क्षेत्र इतिहास
महाराष्ट्र में ST के लिए रिजर्व नंदुरबार जिले की नंदुरबार सीट कांग्रेस का गढ़ रही है। साल 1962 से 1980 तक नंदुरबार में कांग्रेस ने लगातार जीत दर्ज की। कांग्रेस की जीत का सिलसिला विजय कुमार गावित ने तोड़ा। साल 1995 में विजय कुमार निर्दलीय जीते और फिर उसके बाद साल 2019 तक नंदुरबार सीट कभी कांग्रेस के हाथ में नहीं आई। यह नंदुरबार लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के साथ-साथ अन्य पांच विधानसभा क्षेत्रों, अर्थात् नंदुरबार जिले में अक्कलकुवा, शहादा और नवापुर और धुले जिले में सकरी और शिरपुर का हिस्सा है।
यह भी पढ़ें- Dindoshi Seat: महाराष्ट्र चुनाव VIP सीट दिंडोशी पर सुनील प्रभु vs संजय निरुपम, मुसलमानों पर उर्दू वाला दांव

यह भी पढ़ें- Kopri Pachpakhadi: महाराष्ट्र चुनाव VIP सीट कोपरी पचपखड़ी, CM एकनाथ शिंदे के पास जीत का चौका लगाने का मौका
विजय कुमार गावित राकांपा छोड़, भाजपा में आए
नंदुरबार विधानसभा चुनाव में विजय कुमार गावित ने साल 1995 में पहली बार निर्दलीय जीत दर्ज की। इसके बाद शरद पवार की अविभावित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ज्वाइन की। एनसीपी में आने के बाद विजय कुमार ने साल 1999, 2004 और 2009 लगातार नंदुरबार विधायक बने।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2009 के बाद विजय कुमार गावित की राकांपा से पटरी नहीं बैठ पाई तो शरद पवार का साथ छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा ने नंदुरबार विधानाभा चुनाव 2014 और 2019 में विजय कुमार को टिकट दिया। दोनों बार विजयी हुई। साल 2024 के चुनाव में भी विजय कुमार नंदुरबार से भाजपा उम्मीदवार हैं।
यह भी पढ़ें- महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 की वो 20 VIP सीटें, जिनके नतीजों पर सबकी नजर, कौन जीतेगा-कौन हारेगा?

नंदुरबार विधायकों की सूची
1962 तुलसीराम पाटिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1967 रमेश वलवी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1972 रमेश वलवी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1978 रमेश वलवी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1980 रमेश वलवी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1985 इंद्रसिंग वसावे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1990 प्रताप वलवी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1995 विजय कुमार गावित स्वतंत्र
1999 विजय कुमार गावित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी
2004 विजय कुमार गावित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी
2009 विजय कुमार गावित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी
2014 विजय कुमार गावित भारतीय जनता पार्टी
2019 विजय कुमार गावित भारतीय जनता पार्टी
यह भी पढ़ें- Anushakti Nagar: महाराष्ट्र की VIP सीट अणुशक्ति नगर पर सना मलिक vs फहाद अहमद, किसका पलड़ा भारी?

यह भी पढ़ें- Mira Bhaindar: महाराष्ट्र चुनाव की VIP सीट मीरा भायंदर, निर्दलीय MLA गीता जैन ने बिगाड़ा BJP-कांग्रेस का गणित
विजय कुमार गावित का जीवन परिचय
दिग्गज आदिवासी नेता विजय कुमार गावित 6 सितंबर 2014 को एनसीपी से भाजपा में शामिल हुए। गावित ने महाराष्ट्र सरकार में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं। साल 1995 से 1999 तक गावित स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री थे। साल 1999 से 2004 तक आदिवासी मामलों के राज्य मंत्री बने। साल 2004 से 2009 तक और फिर 2022 में आदिवासी मामलों के कैबिनेट मंत्री बने। साल 2009 से 2014 तक ने चिकित्सा शिक्षा और खाद्य उत्पादन के कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया।
गावित के करियर का एक निर्णायक क्षण 7 नवंबर 2009 को आया, जब उन्होंने एक नई सरकार में शपथ ली, जिसमें कांग्रेस के 18 मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के 20 मंत्री शामिल थे। तब उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल बने थे। आदिवासी विकास मंत्री के रूप में, गावित को महाराष्ट्र में आदिवासी बच्चों के बीच बंधुआ मजदूरी के मुद्दे पर काफी जांच का सामना करना पड़ा।
महाराष्ट्र में बंधुआ मजदूरी प्रथा के कानूनी रूप से प्रतिबंधित होने के बावजूद, इसके जारी रहने से विपक्षी सदस्यों की आलोचना हुई, जिन्होंने सरकार पर बंधुआ मजदूरी को प्रभावी ढंग से खत्म करने में विफल रहने का आरोप लगाया। महाराष्ट्र विधान परिषद में इस मुद्दे की व्यापकता के बारे में गावित की स्वीकारोक्ति राज्य की आदिवासी आबादी के जीवन को बेहतर बनाने के उनके प्रयासों में आने वाली जटिलताओं और चुनौतियों को रेखांकित करती है।












Click it and Unblock the Notifications