Sangamner Chunav: महाराष्ट्र की VIP सीट संगमनेर, लोग बोले-'MVA सरकार में 8 बार के MLA बाला साहेब को CM बनाओ'
Balasaheb Thorat Vs Amol Dhondiba Khatal Sangamner Chunav: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 की VIP सीटों में शामिल संगमनेर के परिणाम पर भी हर किसी की नजर है। वजह यह है कि संगमनेर से कांग्रेस नेता बाला साहेब थोराट साल 1985 से लगातार विधायक बनते आ रहे हैं। अब बाला साहेब थोराट का नौवीं विधायक बन पाएंगे या नहीं? इसका पता संगनमेर विधानसभा चुनाव 2024 में 20 नवंबर को मतदान और 23 नवंबर को मतगणना से चल सकेगा।
संगमनेर विधानसभा चुनाव उम्मीदवार
क्रमांक संख्या 217 वाला संगमनेर विधानसभा क्षेत्र महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में आता है। यहां से कांग्रेस ने मौजूदा विधायक बाला साहेब थोराट पर दांव लगाया है जबकि इनके सामने शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट ने अमोल धोंडीबा खटाल को मैदान में उतारा है। यहां से पूर्व भाजपा सांसद सुजय विखे पाटिल टिकट मांग रहे थे, मगर महायुति गठबंधन सीट शेयरिंग में यह सीट एकनाथ शिंदे शिवसेना के हिस्से में आई।
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संगमनेर कांग्रेस के बाला साहेब का एकछत्र राज
संगमनेर में कांग्रेस के बाला साहेब थोराट का बीते 39 साल से कब्जा है। साल 1985 से लेकर 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बालासाहेब थोराट लगातार जीत दर्ज करते आए हैं। करीब चार दशक से भाजपा, शिवसेना, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी समेत अन्य दलों का कोई प्रत्यशी बालासाहेब थोराट को टक्कर नहीं दे पाया। थोराट ने साल 1985 पहला चुनाव निर्दलीय जीता। इसके बाद सातों चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहे।
वनइंडिया टीम संगमनेर पहुंची तो यहां के लोगों ने स्पष्ट कहा कि इस बार भी बाला साहेब थोराट ही जीतेंगे। अगर महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी की सरकार आती है तो बाला साहेब थारोट को महाराष्ट्र का मुख्ययमंत्री बनाना चाहिए। संगमनेर में किसी भी पार्टी का प्रत्याशी हो, मगर बाला साहेब को संगमनेर से हराना नामुमकिन है। बाला साहेब इस बार करीब दो लाख वोटों से जीतेंगे। संगमनेर चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट का वीडियो यहां देखें
बाला साहेब थोराट का चुनाव परिणाम, कब किसको हराया?
- संगमनेर विधानसभा चुनाव 2019: कांग्रेस के बालासाहेब थोराट को 125,380 व शिवसेना के नवले साहेबराव रामचन्द्र को 63,128 वोट मिले। जीत का अंतर 62,252 रहा।
- संगमनेर विधानसभा चुनाव 2014: कांग्रेस के बालासाहेब थोराट को 1,03,564 व शिवसेना के अहेर जनर को 44,759 वोट मिले। जीत का अंतर 58,805 रहा।
- संगमनेर विधानसभा चुनाव 2014: कांग्रेस के बालासाहेब थोराट को 96686 व शिवसेना के बाबासाहेब धोंडीबा कुटे को 41,310 वोट मिले। जीत का अंतर 55,376 रहा।
- संगमनेर विधानसभा चुनाव 2004: कांग्रेस के बालासाहेब थोराट को 120058 व शिवसेना के संभाजीराव रामचन्द्र थोराट को 44,301 वोट मिले। जीत का अंतर 75,757 रहा।
- संगमनेर विधानसभा चुनाव 1999: कांग्रेस के बालासाहेब थोराट को 61,975 व शिवसेना के बापूसाहेब नामदेव गुलवे को 40,524 वोट मिले। जीत का अंतर 21,451 रहा।
- संगमनेर विधानसभा चुनाव 1995: कांग्रेस के बालासाहेब थोराट को 73,611व IND बापूसाहेब नामदेव को 58,957 वोट मिले। जीत का अंतर 14,654 रहा।
- संगमनेर विधानसभा चुनाव 1990: कांग्रेस के बालासाहेब थोराट को 57,465व भाजपा के वसंतराव सखराम गुंजल को 52,603 वोट मिले। जीत का अंतर 4,862 रहा।
- संगमनेर विधानसभा चुनाव 1990: निर्दलीय बालासाहेब थोराट को 40,218 व कांग्रेस के शकुंतला खंडेराव थोरात को 30,059 वोट मिले। जीत का अंतर 10,159 रहा।
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बालासाहेब थोराट का राजनीतिक सफर
1985-वर्तमान - विधान सभा के सदस्य, महाराष्ट्र
1999-2004 - कृषि राज्य मंत्री, महाराष्ट्र सरकार
2004-2014 - कैबिनेट मंत्री, महाराष्ट्र सरकार
14 जुलाई 2019 - 5 फरवरी 2021 - पीसीसी प्रमुख, महाराष्ट्र
26 नवंबर 2019 - 2023 - कांग्रेस विधायक दल के नेता, महाराष्ट्र विधान सभा
28 नवंबर 2019 - 2023 - राजस्व के कैबिनेट मंत्री, महाराष्ट्र सरकार
8 जनवरी 2020 - पालक मंत्री कोल्हापुर
स्थायी आमंत्रित - कांग्रेस कार्य समिति

बालासाहेब थोराट का जीवन परिचय
महाराष्ट्र कांग्रेस के दिग्गज नेता बालासाहेब थोराट का जन्म 7 फरवरी, 1953 को किसान नेता भाऊसाहेब थोराट के घर हुआ। बाबा साहेब के पिता भाऊसाहेब थोराट साल 1978 में कांग्रेस के टिकट पर संगमनेर से विधायक चुने गए थे। खुद बालासाहेब थोराट महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 1985 अपने पहले चुनावी मुकाबले में कांग्रेस के अनुभवी राजनेता शकुंतला खंडेराव थोरात को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप हराकर विधायक बने।

थोराट ने महाराष्ट्र सरकार में कई प्रमुख पदों पर काम किया है, जिसमें राजस्व मंत्री के रूप में कार्य करना और महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के उपनेता का पद संभालना शामिल है। शिक्षा और कृषि में उनके व्यापक काम से सार्वजनिक सेवा के प्रति उनका अटूट समर्पण स्पष्ट है, जिसने उन्हें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में एक प्रमुख व्यक्ति और अपने गृह राज्य में एक सम्मानित नेता के रूप में चिह्नित किया। बालासाहेब थोराट ने 1975 में पुणे विश्वविद्यालय से संबद्ध फर्ग्यूसन कॉलेज से बीए की डिग्री ली। इसके बाद 1977 में पुणे के आईएलएस लॉ कॉलेज से एलएलबी की डिग्री हासिल की।
पीसीसी चीफ भी रहे थोराट
थोराट के नेतृत्व को तब और पहचान मिली जब 2019 में अशोक चव्हाण के इस्तीफे के बाद उन्हें महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) का अध्यक्ष चुना गया। पार्टी से दलबदल जैसी चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, उनके नेतृत्व में कांग्रेस विधानसभा में अपनी सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि करने में सफल रही। उनके रणनीतिक नेतृत्व ने महा विकास अघाड़ी के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जो चुनाव के बाद का गठबंधन था जिसने कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना को एक साथ लाया, जिसके कारण महाराष्ट्र में एक नई सरकार का गठन हुआ और थोराट ने उद्धव ठाकरे प्रशासन में मंत्री पद की भूमिका निभाई।












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