Cuba Crisis: Fidel Castro के भाई के पीछे पड़े Trump, 30 साल पुराने मर्डर केस में घसीटा, निशाने पर क्यूबा!
Cuba Crisis: वेनेजुएला में तख्तापलट और ईरान से झगड़ने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump अब क्यूबा की सत्ता में घुसपैठ कर पहले से अस्थिर देश को और घुटनों पर लाना चाहते हैं। शायद इसीलिए अमेरिका ने क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति और क्यूबा की क्रांति के दिग्गज नेता फिदेल कास्त्रो के भाई राउल कास्त्रो पर 30 साल पुराने मामले में हत्या का आरोप लगाया है। इसके बाद यह लगभग साफ हो गया है कि अमेरिका के निशाने पर अगला टारगेट क्यूबा है। अमेरिकी वर्किंग अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने कहा, “हमें उम्मीद है कि वह अपनी मर्जी से या किसी दूसरे तरीके से यहां पेश होंगे और जेल जाएंगे।”
क्या हुआ था 1996 में?
94 साल राउल कास्त्रो पर यह आरोप 1996 में हुई उस घटना से जुड़ा है, जिसमें कास्त्रो-विरोधी पायलटों द्वारा उड़ाए जा रहे दो नागरिक विमानों को मार गिराया गया था। इस हमले में चार लोगों की मौत हुई थी। इस हमले में चार लोगों की मौत हुई थी। इनमें अरमांडो अलेजांड्रे जूनियर, कार्लोस अल्बर्टो कोस्टा, मारियो मैनुअल डे ला पेना और पाब्लो मोरालेस शामिल थे। उन दिनों राउल कास्त्रो क्यूबा के रक्षा मंत्री थे, इसलिए उन्हें इसमें आरोपी कहा जा रहा है। इसमें पाब्लो मोरालेस क्यूबाई नागरिक थे, जबकि बाकी तीन अमेरिकी नागरिक थे। जिसमें अमेरिकियों के परिवार अभी भी न्याय का इंतजार कर रहे हैं। अब इसी मामले पर बयान देते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह बहुत बड़ा पल बताया है जब राउल कास्त्रो पर आरोप लगाए गए।

क्यूबा ने क्या दी सफाई?
क्यूबा का कहना है कि 1996 में हुई विमान गोलीबारी देश की एयरफोर्स की रक्षा के लिए एक जायज आत्मरक्षा वाला कदम था। क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि इन आरोपों का कोई कानूनी आधार नहीं है और इन्हें क्यूबा के खिलाफ सैन्य आक्रामकता को सही ठहराने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
कौन हैं राउल कास्त्रो?
फिदेल कास्त्रो के छोटे भाई राउल कास्त्रो का जन्म 3 जून 1931 को हुआ था। वह क्यूबा की क्रांति के आखिरी जीवित प्रमुख नेताओं में से एक हैं। 94 साल की उम्र में भी उन्हें क्यूबा की राजनीति में बेहद प्रभावशाली माना जाता है। हालांकि वे अब किसी आधिकारिक पद पर नहीं हैं, लेकिन उनकी बेटी मारिएला कास्त्रो के मुताबिक, राउल आज भी वाशिंगटन और हवाना के बीच होने वाली बातचीत पर बहुत करीब से नजर रखते हैं और फैसलों में भूमिका निभाते हैं।
22 साल की उम्र में शुरू हुई क्रांति
सिर्फ 22 साल की उम्र में राउल कास्त्रो ने अपने भाई फिदेल कास्त्रो के साथ मिलकर तानाशाह फुलगेन्सियो बतिस्ता के खिलाफ विद्रोह शुरू किया। दोनों ने एक सैन्य छावनी पर हमला किया, लेकिन यह कोशिश असफल रही और उन्हें जेल भेज दिया गया। दो साल जेल में रहने के बाद वे मेक्सिको चले गए, जहां से उन्होंने दोबारा क्रांति की योजना बनाई। 1956 में वे फिर क्यूबा लौटे और जनवरी 1959 में क्रांति सफल होने के बाद राउल, फिदेल कास्त्रो के बाद दूसरे सबसे बड़े नेता बन गए।
"फिदेल से भी ज्यादा क्रूर थे राउल"
राउल कास्त्रो को एक कुशल आयोजक और मजबूत प्रशासक माना जाता था। लेकिन उनके विरोधी उन्हें बेहद कठोर और कट्टर नेता भी बताते हैं। यूएस सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) के पूर्व विश्लेषक ब्रायन लैटेल ने एएफपी से कहा, “वह फिदेल कास्त्रो जितने या उनसे भी ज्यादा क्रूर थे।”
राष्ट्रपति बनने के बाद किए कई सुधार
2006 में फिदेल कास्त्रो की जगह राउल कास्त्रो क्यूबा के राष्ट्रपति बने। अपने कार्यकाल में उन्होंने कई बड़े आर्थिक और सामाजिक सुधार किए। उन्होंने सरकारी कंट्रोल वाली अर्थव्यवस्था के कुछ हिस्से निजी क्षेत्र के लिए खोले। इसके अलावा लोगों को विदेश यात्रा करने, कार और घर बेचने की अनुमति दी गई। कुछ राजनीतिक बंदियों को भी रिहा किया गया।
बराक ओबामा से सुधरे थे रिश्ते
राउल कास्त्रो को अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ रिश्ते सुधारने का श्रेय भी दिया जाता है। दोनों देशों के बीच लंबे समय बाद बातचीत शुरू हुई और संबंध सामान्य करने की दिशा में कदम बढ़े। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति बनने के बाद उस समझौते को काफी हद तक खत्म कर दिया। 2018 में राउल कास्त्रो ने राष्ट्रपति पद छोड़ दिया और तीन साल बाद कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख पद से भी हट गए।
किन आरोपों का सामना कर रहे हैं राउल?
राउल कास्त्रो पर हत्या, अमेरिकियों की हत्या की साजिश और विमान नष्ट करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। लेकिन इस पूरे मामले की जड़ 1996 की वही विमान दुर्घटना है, जिसने अमेरिका और क्यूबा के रिश्तों को पूरी तरह बदल दिया था।
कौन था “ब्रदर्स टू द रेस्क्यू” समूह?
1990 के दशक में अमेरिका स्थित “ब्रदर्स टू द रेस्क्यू” नाम का एक ग्रुप नियमित उड़ानें भरता था। यह संगठन अमेरिका जाने की कोशिश कर रहे क्यूबाई लोगों को ढूंढने और उनकी मदद करने का काम करता था। क्यूबा सरकार का आरोप था कि यह समूह बार-बार क्यूबा के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करता था और कास्त्रो-विरोधी पर्चे गिराता था। हवाना इसे “अवैध और उकसाने वाली गतिविधि” मानता था।
24 फरवरी 1996 को क्या हुआ?
24 फरवरी 1996 को “ब्रदर्स टू द रेस्क्यू” के तीन विमान फ्लोरिडा से उड़ान भरकर अपने मिशन पर निकले। लेकिन इनमें से दो विमानों को क्यूबा के लड़ाकू विमानों ने मार गिराया। उस समय राउल कास्त्रो क्यूबा के रक्षा मंत्री थे। तीसरा विमान बच निकला, जिसे संगठन के संस्थापक जोस बेसुल्टो उड़ा रहे थे। जिसके पायलट जोस बेसुल्टो ने तब बीबीसी को बताया था कि, “मैंने दाईं ओर देखा और दूर से एक विमान के गिरने का धुआं देखा था।”
क्या बढ़ सकता है अमेरिका-क्यूबा तनाव?
इस मामले के बाहर आने के बाद अमेरिका और क्यूबा के बीच तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह मामला सिर्फ एक कानूनी कार्रवाई नहीं बल्कि ट्रंप प्रशासन की क्यूबा पर बढ़ती राजनीतिक और रणनीतिक सख्ती का हिस्सा हो सकता है। इसके लिए ट्रंप ने कैरेबियन सी में अपना एयरक्राफ्ट करियर USS Nimitz भी तैनात कर दिया है।
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