Mumbai Metro: अब गेटवे ऑफ इंडिया तक दौड़ेगी अंडरग्राउंड मेट्रो, मुंबईकरों को मिलेगी बड़ी सौगात
Mumbai Metro Line 11: मुंबई मेट्रो के विस्तार की दिशा में एक और अहम प्रगति हुई है। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MMRCL) ने प्रस्तावित मेट्रो लाइन 11 के लिए अंतरिम सलाहकार नियुक्त करने का टेंडर जारी किया है। यह 17.4 किलोमीटर लंबी पूरी तरह अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन होगी। यह लाइन अणिक डिपो से गेटवे ऑफ इंडिया तक जाएगी। टेंडर धनतेरस के दिन जारी किया गया है। दक्षिण मुंबई के ऐतिहासिक और व्यावसायिक इलाकों तक मेट्रो पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। गेटवे ऑफ इंडिया शहर का प्रमुख पर्यटन स्थल भी है।
यह प्रस्तावित कॉरिडोर महाराष्ट्र सरकार से मंजूरी पा चुका है। यह शहर के पुराने ट्रामवे और बेस्ट बस मार्गों के साथ चलेगा। अब इस रूट की मेट्रो शहर की नई लाइफलाइन बनेगी। यह रास्ता कभी पूर्वी मुंबई की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की रीढ़ था।

Mumbai Metro Line 11 की होगी ये सारी खासियत
⦁ मेट्रो लाइन 11 में कुल 14 स्टेशन होंगे, जिनमें 13 भूमिगत और एक ग्राउंड लेवल स्टेशन (अणिक डिपो) शामिल है।
⦁ यह रूट वडाला, मुंबई पोर्ट ट्रस्ट एरिया, सेवरी, भायखला, नागपाड़ा, भेंडी बाजार, क्रॉफर्ड मार्केट और कुलाबा से होते हुए गेटवे ऑफ इंडिया तक जाएगा।
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⦁ यह मेट्रो नेटवर्क का सबसे दक्षिणी छोर होगा, जो मुंबई मेट्रो ग्रिड को ऐतिहासिक कोर से जोड़ेगा।
⦁ इस प्रोजेक्ट की खासियत इंटिग्रेटेड अणिक डिपो होगा, जिसे कई लेवल पर तैयार किया गया है। इसमें नीचे मेट्रो कार डिपो और ऊपर बेस्ट बस डिपो होगा। साथ ही भविष्य में प्रॉपर्टी डेवलपमेंट की भी संभावना रखी गई है।
Mumbai Metro का यह प्रोजेक्ट है बेहद खास
इंटरिम कंसल्टेंट को अलाइनमेंट फाइनल करने, स्टेशन लेआउट तैयार करने, भू-तकनीकी सर्वे, शुरुआती डिजाइन और टेंडर डॉक्युमेंट तैयार करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। साथ ही, ट्रैफिक डायवर्जन, मलबा निस्तारण और पुनर्वास योजनाओं के लिए भी काम शुरू कर दिया गया है। इससे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में निर्माण का असर कम किया जा सकेगा।
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इस प्रोजेक्ट के लिए मुंबई मेट्रो प्रशासन कर रहा खास तैयारी
एमएमआरसीएल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'यह मुंबई मेट्रो की अब तक की सबसे चुनौती भरी रूट होगी। इसका निर्माण ऐतिहासिक इमारतों और सघन बस्तियों के नीचे से किया जाएगा। इसमें हमें पुनर्वास योजना की तैयारी और उसे लागू करने में बहुत एहतियात बरतना होगा। साथ ही, अंडरग्रााउंड मेट्रो होने की वजह से तकनीकी तौर पर भी चुनौती होगी।
सूत्रों के मुताबिक, कंसल्टेंट की नियुक्ति 2026 की शुरुआत में की जाएगी, जबकि निर्माण कार्य 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में शुरू होने की उम्मीद है। यह प्रोजेक्ट JICA (Japan International Cooperation Agency) के सहयोग से वित्त पोषित होगा। केंद्र सरकार से मार्च 2026 तक अंतिम मंजूरी मिलने की संभावना है।
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