TMC-Congress Merger: क्या कांग्रेस में विलय करने जा रही है ममता बनर्जी? मर्जर की खबरों पर क्या बोली पार्टी
TMC-Congress Merger Rumours: पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी उथल-पुथल के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) और कांग्रेस के संभावित विलय की चर्चाओं ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। हालांकि, दोनों दलों ने बुधवार, 10 जून को इन अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि कांग्रेस और TMC के विलय का कोई प्रस्ताव न तो विचाराधीन है और न ही इस दिशा में कोई औपचारिक बातचीत चल रही है।
इसके बावजूद राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि दोनों दल भविष्य में संभावित चुनावी सहयोग और साझा राजनीतिक मुद्दों पर साथ काम करने के विकल्प खुले रखे हुए हैं। यही वजह है कि कांग्रेस और TMC के शीर्ष नेताओं के बीच लगातार संवाद बना हुआ है।

ममता बनर्जी से कांग्रेस नेताओं की मुलाकात के बाद तेज हुईं चर्चाएं
कांग्रेस और TMC के विलय की अटकलों को उस समय और बल मिला जब हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और TMC प्रमुख ममता बनर्जी से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक विश्लेषकों ने कयास लगाने शुरू कर दिए कि विपक्षी राजनीति में कोई बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि बैठक का उद्देश्य विपक्षी एकजुटता और INDIA गठबंधन को मजबूत करना था, न कि किसी प्रकार का संगठनात्मक विलय।
राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी के बीच भी हुई चर्चा
ANI के मुताबिक, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के बीच भी बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने विपक्षी दलों के बीच बेहतर समन्वय और INDIA गठबंधन को मजबूत बनाने पर चर्चा की। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों ने अगस्त में हैदराबाद में होने वाली अगली INDIA गठबंधन बैठक को लेकर भी सहमति जताई है। इससे संकेत मिलते हैं कि भले ही विलय की संभावना नहीं है, लेकिन विपक्षी एकता के लिए दोनों दल साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।
TMC में बगावत से बढ़ी राजनीतिक चुनौती
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक- इन अटकलों के पीछे एक बड़ी वजह TMC के भीतर चल रहा गंभीर राजनीतिक संकट भी माना जा रहा है। पार्टी इस समय अपने गठन के बाद के सबसे बड़े आंतरिक विद्रोह का सामना कर रही है।
बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी का दावा है कि TMC के 58 विधायक खुलकर पार्टी नेतृत्व के खिलाफ खड़े हो चुके हैं। बाद में उन्होंने यह संख्या बढ़कर 64 विधायकों तक पहुंचने का दावा भी किया। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि पार्टी के भीतर बढ़ती असंतुष्टि ने ममता बनर्जी के नेतृत्व को चुनौती दी है और इसी कारण विभिन्न राजनीतिक संभावनाओं पर चर्चाएं तेज हुई हैं।
सांसदों में भी दिख रही नाराजगी
सिर्फ विधायक ही नहीं, बल्कि TMC के कुछ सांसदों के बीच भी असंतोष के संकेत दिखाई दे रहे हैं। हाल ही में राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने राज्यसभा और TMC की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद पार्टी को एक और बड़ा झटका तब लगा जब राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने भी पार्टी और उच्च सदन दोनों से इस्तीफा दे दिया। इन घटनाओं ने TMC नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है और विपक्षी राजनीति में नए समीकरणों की संभावनाओं पर चर्चा शुरू हो गई है।
लोकसभा में अलग बैठने की मांग
TMC की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया है कि लोकसभा में पार्टी के 20 सांसदों ने अलग बैठने की व्यवस्था की मांग करते हुए स्पीकर को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा,"हम 20 सांसद हैं और हमने लोकसभा अध्यक्ष से अलग बैठने की व्यवस्था का अनुरोध किया है। हम पश्चिम बंगाल के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार दोनों के साथ मिलकर काम करेंगे।"
हालांकि TMC नेतृत्व इस दावे को पूरी तरह स्वीकार नहीं कर रहा है और पार्टी का कहना है कि बागी गुट के पास इतनी संख्या नहीं है कि वह दल-बदल कानून के तहत अलग समूह के रूप में मान्यता प्राप्त कर सके।
'हम ही असली TMC हैं' - ऋतब्रत बनर्जी
बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी ने एक कदम आगे बढ़ते हुए दावा किया कि उनका गुट ही असली तृणमूल कांग्रेस है। उन्होंने साफ कहा कि बागी खेमे का कांग्रेस में विलय करने का कोई इरादा नहीं है। ऋतब्रत ने कहा, "हम ही असली तृणमूल कांग्रेस हैं। हमारा कांग्रेस में विलय करने का कोई सवाल ही नहीं उठता।" उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके साथ पार्टी के अधिकांश विधायक और लगातार बढ़ती संख्या में सांसद जुड़े हुए हैं।
विपक्षी राजनीति में क्या बन रहा है नया समीकरण?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि TMC और कांग्रेस के बीच औपचारिक विलय भले ही फिलहाल संभव न दिख रहा हो, लेकिन दोनों दलों के बीच सहयोग बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। विशेष रूप से ऐसे समय में जब विपक्षी दल भाजपा के खिलाफ एकजुट मोर्चा बनाने की कोशिश कर रहे हैं, कांग्रेस और TMC के बीच संवाद को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। INDIA गठबंधन के मंच पर दोनों दल पहले से साथ हैं और आगामी बैठकों में उनके रिश्तों की दिशा और स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल मर्जर नहीं, लेकिन गठबंधन की संभावना बरकरार
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस और TMC दोनों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि विलय की खबरें निराधार हैं। हालांकि दोनों दल साझा राजनीतिक हितों, संसद के मुद्दों और विपक्षी एकता के एजेंडे पर मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं। ऐसे में फिलहाल तस्वीर साफ है कांग्रेस और TMC का विलय नहीं होने जा रहा, लेकिन राजनीतिक सहयोग और गठबंधन के विकल्प खुले हुए हैं। आने वाले महीनों में पश्चिम बंगाल और राष्ट्रीय राजनीति में बदलते घटनाक्रम इन रिश्तों की नई दिशा तय कर सकते हैं।














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