Maharashtra New CM: क्या BJP सरकार को बाहर से समर्थन देगी शिवसेना,एकनाथ शिंदे की शर्तों में फंसा महायुति?
Maharashtra New CM: बीजेपी 4 दिसंबर यानी बुधवार को अपने विधायक दल के नेता का नाम तय करने जा रही है। माना जा रहा है कि देवेंद्र फडणवीस के नाम पर ही मुहर लगने वाली है। लेकिन, खबरों के मुताबिक कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अपनी उन कथित शर्तों पर कायम हैं, जो वह पिछले महीने दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह के सामने इजहार करके आए थे। रिपोर्ट के मुताबिक शिंदे सीएम पद के बदले गृह, वित्त और राजस्व विभाग पर दावेदारी कर रहे हैं।
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से एक रिपोर्ट दी है कि शिंदे शाह से कह चुके हैं कि उनकी अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो उनकी पार्टी बीजेपी की अगुवाई वाली शिवसेना नई महायुति सरकार को बाहर से समर्थन दे सकती है और सरकार में शामिल होने से दूर रह सकती है।

एकनाथ शिंदे ने अमित शाह के सामने रखी हैं शर्तें?
सूत्रों का कहना है कि शिंदे ने शाह से कहा था कि विधानसभा चुनाव उन्हीं के नेतृत्व में लड़ा गया। महिला, मराठा, ओबीसी ने लाडकी बहिन योजना, आरक्षण से जुड़े फैसले और विभिन्न समुदायों के लिए को-ऑपरेटिव बोर्ड बनाने के लिए महायुति को वोट दिया।
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सर्वे दिखाकर सीएम बनने की दावेदारी पेश की थी- रिपोर्ट
शिवसेना के एक वरिष्ठ नेता ने नाम नहीं जाहिर होने देने की गुजारिश कर बताया, 'शिंदे ने कहा कि लोगों ने इस उम्मीद में वोट दिया है कि वही महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री होंगे, और यदि उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाता है तो समाज के इन वर्गों के बीच गलत संदेश जाएगा। उन्होंने कुछ सर्वे भी दिखाए, जिसमें मुख्यमंत्री के तौर पर लोगों के मुख्य पसंद वही थे।'
गृह, वित्त और राजस्व विभाग पर अड़े हैं एकनाथ शिंदे?
उन्होंने आगे बताया कि बीजेपी नेतृत्व की ओर से बैठक में कहा गया कि क्योंकि वह 132 सीटें जीती है, पार्टी से अगला सीएम नहीं होना अनुचित होगा।
इसपर सूत्र ने कहा,'तब शिंदे ने गृह,वित्त और राजस्व विभाग की मांग की ताकि अगर फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो सत्ता का संतुलन बना रहे। उन्होंने कहा कि तब वह फैसला करेंगे कि किसे उपमुख्यमंत्री बनाना है। इसके बाद शाह ने महायुति के तीनों नेताओं को फिर से मुंबई में मिलने और उनसे बात करने के लिए कहा।'
तीनों विभाग नहीं मिले तो शिवसेना बाहर से दे सकती है समर्थन-रिपोर्ट
सूत्रों की मानें तो शिंदे यहीं तक नहीं रुके। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर यह तीनों विभाग शिवसेना को नहीं मिल पाते तो उनकी पार्टी सरकार का हिस्सा नहीं बनेगी। उसके मुताबिक,'उन्होंने कहा कि शिवसेना राज्य में बाहर से समर्थन देगी और लोकसभा में पार्टी के सात सांसद भी नरेंद्र मोदी सरकार को व्यापक हिंदुत्व के हित में बाहर से समर्थन देंगे।'
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इससे पहले सोमवार को शिंदे के बेटे और कल्याण से सांसद श्रीकांत शिंदे उन अटकलों पर विराम लगा दिया है कि वह नई सरकार में उपमुख्यमंत्री या कोई अन्य मंत्री बन सकते हैं।












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