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साल का आखिरी पूर्ण चंद्रग्रहण, बुंदेलखंड में शाम 5.09 बजे प्रारंभ होगा, नग्न आंखों से देख सकेंगे

lunar eclipse 2022: कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा पर मंगलवार को खगोलीय घटना चंद्र ग्रहण होगा। इसका सभी राशि के लोगों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा। चार राशि के लोगों के लिए यह चंद्रगहण अच्छा है। पुरोहित पुजारी विद्वत संघ के अध्यक्ष पं. शिवप्रसाद तिवारी के अनुसार देश में खग्रास चंद्रग्रहण स्थानीय समयानुसार अलग-अलग समय पर होगा। स्थानीय बुंदेलखंड पंचांग के अनुसार सागर में शाम 5.09 बजे ग्रहण प्रारंभ होगा। समाप्ति काल शाम 6.19 बजे रहेगा। ग्रहण की अवधि 01.10 मिनट बताई गई है। सागर में ग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले यानी सुबह 8.09 बजे माना जाएगा। बिहार, बंगाल, उड़ीसा तथा पूर्वोत्तर भारत में खग्रास रूप में तथा शेष भारत में खण्डग्रास रूप में चंद्रोदय के समय पर चंद्रमा ग्रसा हुआ दिखाई देगा। ऐसी स्थिति में चंद्रोदय से लेकर मोक्ष तक का समय ही पर्वकाल माना जाएगा।

बुंदेलखंड पंचांग के अनुसार सागर में शाम 5.09 बजे ग्रहण प्रारंभ होगा

बुंदेलखंड पंचांग के अनुसार सागर में शाम 5.09 बजे ग्रहण प्रारंभ होगा

पुरोहित पुजारी विद्वत संघ के अध्यक्ष पं. शिवप्रसाद तिवारी के अनुसार देश में खग्रास चंद्रग्रहण स्थानीय समयानुसार अलग-अलग समय पर होगा। स्थानीय बुंदेलखंड पंचांग के अनुसार सागर में शाम 5.09 बजे ग्रहण प्रारंभ होगा। समाप्ति काल शाम 6.19 बजे रहेगा। ग्रहण की अवधि 01.10 मिनट बताई गई है। सागर में ग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले यानी सुबह 8.09 बजे माना जाएगा। बिहार, बंगाल, उड़ीसा तथा पूर्वोत्तर भारत में खग्रास रूप में तथा शेष भारत में खण्डग्रास रूप में चंद्रोदय के समय पर चंद्रमा ग्रसा हुआ दिखाई देगा। ऐसी स्थिति में चंद्रोदय से लेकर मोक्ष तक का समय ही पर्वकाल माना जाएगा।

देश के अलग-अलग हिस्सों में चंद्र ग्रहण और सूतक काल में अंतर

देश के अलग-अलग हिस्सों में चंद्र ग्रहण और सूतक काल में अंतर

पूर्वोत्तर भारत में चंद्रोदय काल शाम 4.38, मध्य भारत में 5.10 और पश्चिम भारत में 5.43 बजे है। ऐसी स्थिति में सूतक काल चंद्रोदय काल से 9 घंटे पहले ही माना जाएगा। पूर्वोत्तर भारत में सूतक काल सुबह 7.38 मध्य भारत में सुबह 8.10 और पश्चिम भारत में सुबह 8.43 बजे से प्रारंभ होगा। सुबह से शाम तक बंद रहेंगे शहर के सभी मंदिरसूतक के साथ ही मंगलवार सुबह 8.30 बजे के आसपास शहर के सभी मंदिर बंद कर दिए जाएंगे। ग्रहण मोक्ष के बाद शाम 7 बजे के लगभग मंदिर खुलेंगे। साफ-सफाई होगी। भगवान के विग्रह को स्नान कराए जाएंगे। नवीन पोशाक धारण कराई जाएगी। इसके बाद ही भगवान की पूजन-आरती होगी।

चार राशियों के लोगों पर ग्रहण का अच्छा प्रभाव

चार राशियों के लोगों पर ग्रहण का अच्छा प्रभाव

चार राशियों के लोगों पर ग्रहण का अच्छा प्रभाव
मेष - शारीरिक कष्ट, चोट, धननाश।
वृष - धनहानि, आर्थिक परेशानी।
मिथुन - आर्थिक लाभ एवं शारीरिक सुख।
कर्क - मानसिक सुख, शुभ।
सिंह - अपमान, संतान पीड़ा।
कन्या - शत्रु भय, दुर्घटना, व्यय।
तुला - दाम्पत्य जीवन में कष्ट, विवाद।
वृश्चिक - भौतिक सुख, भोग विलास।
धनु - चिंता, व्यर्थ की भागदौड़।
मकर - व्यथा, मानसिक तनाव।
कुंभ - प्रगति, उत्साह, पुरुषार्थ वृद्धि।
मीन - धनहानि, व्यर्थ का खर्च।

सूतक काल के समय यह काम नहीं करें

सूतक काल के समय यह काम नहीं करें

सूतक एवं ग्रहणकाल में मूर्ति स्पर्श करना, अनावश्यक खाना-पीना, मैथुन, निद्रा, नाखून काटना एवं श्रृंगार के कर्म वर्जित हैं। वहीं दूध, दही, अचार, चटनी, मोरब्बा आदि पदार्थों में तेल या कुशातृण (कूश) रख देना चाहिए। सूखे खाद्य पदार्थों में तिल या कुश की आवश्यकता नहीं है। ग्रहण काल में गर्भवती को फल-सब्जी काटना या चाकू-कैंची आदि का प्रयोग नहीं करना चाहिए। बाल, वृद्ध, रोगी एवं गर्भवती महिला को स्वास्थ्य के अनुसार व्यवहार करना चाहिए। ग्रहण स्पर्श के समय स्नान-जाप, मध्य में हवन, स्तोत्र पाठ आदि से देवार्चन और मोक्ष से ठीक पूर्व दान एवं मोक्ष होने पर पुनः स्नान कर लेना चाहिए।

चंद्र ग्रहण क्या है

चंद्र ग्रहण क्या है

चंद्र ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी की छाया में चला जाता है। यह तभी हो सकता है जब सूर्यए पृथ्वी और चंद्रमा अन्य दो के बीच पृथ्वी के साथ बिल्कुल या बहुत निकटता से जुड़े हों, जो कि पूर्णिमा की रात को ही हो सकता है जब चंद्रमा किसी भी चंद्र नोड के पास होता है।

नग्न आंखों से देख सकते हैं चंद्र ग्रहण

नग्न आंखों से देख सकते हैं चंद्र ग्रहण

8 नवंबर को लगने जा रहे चंद्र ग्रहण देखने के इच्छुक हैं तो बता दें कि भारत के पूर्वी भाग के लोग पूर्ण चंद्र ग्रहण 2022 देख सकते हैं। भारत के अन्य सभी हिस्सों से आंशिक चंद्र ग्रहण देखा जा सकता है। चंद्र ग्रहण 2022 को देखने के लिए किसी विशेष निर्देश का पालन करने की आवश्यकता नहीं हैण् आप चंद्र ग्रहण को अपनी नग्न आंखों से ही देख सकते हैं।

2023 में दिखेगा आंशिक चंद्र ग्रहण

2023 में दिखेगा आंशिक चंद्र ग्रहण

भारत से देखा जा सकने वाला अगला पूर्ण चंद्र ग्रहण 7 सितंबर, 2025 को होगा, हालांकि अक्टूबर 2023 में, भारत से एक छोटा आंशिक ग्रहण देखा जाएगा।

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