Ram Mandir: जिस गाय के घी से राम मंदिर की पहली आरती होगी, वो बिना गर्भधारण के 6 साल तक देती रही दूध
Kali Kapila Cow Ghee For Ram Mandir Aarti: अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी 2024 को होगा। इस मौके पर राम मंदिर में होने धार्मिक अनुष्ठान के लिए राजस्थान से भी 600 किलो घी पहुंचाया गया है। इसमें डेढ़ किलो घी बेहद खास है, क्योंकि इसकी कहानी एक 'चमत्कारिक' गाय से जुड़ी है, जिसका नाम काली कपिला है। (वीडियो नीचे)
दरअसल, राजस्थान में रावण के ससुराल जोधपुर में बनाड़ रोड स्थित बसंत विहार में राम धर्म गौशाला है, जिसकी गायों का घी बीते 9 साल से राम मंदिर के लिए एकत्रित किया जा रहा था। 600 किलो घी को 108 कलशों में भरकर पांच बैलगाड़ी के जरिए 9 दिसंबर 2023 को ही अयोध्या पहुंचाया गया है।

वन इंडिया हिंदी से खास बातचीत में राम धर्म गौशाला जोधपुर के संचालक संत महर्षि सांदीपनि जी महाराज ने काली कपिला गाय की चौंका देने वाली कहानी बताई। दावा किया कि काली कपिला वो गाय है, जो बिना गर्भधारण किए ही छह साल तक दूध देती रही।
महर्षि सांदीपनि महाराज कहते हैं कि साल 2016 में उनके गोशाला में काली कपिला नाम की गाय की उम्र महज 17 माह थी। तब गाय काली कपिला अपने आप दूध देने लगी थी। एक बारगी ऐसा चमत्कार देखकर गौशाला प्रबंधन भी चौंक गया था। फिर काली कपिला गाय की बनाड़ पशु अस्पताल के डॉक्टर सुमन सोनी से जांच भी करवाई थी।

काली कपिला का मामला दुर्लभ
डॉक्टर सुमन सोनी कहते हैं कि 'मैंने राम धर्म गौशाला में जाकर की गाय काली कपिला की जांच की थी। तब वह 20 महीने के आस-पास की थी। बिना गर्भधारण किए ही दूध देती थी। हालांकि उसके दूध की गुणवत्ता सामान्य गर्भधारण करने वाली गाय के दूध जैसी नहीं थी। गाय के बिना गर्भधारण के दूध देने को मैं इसे कोई चमत्कार तो नहीं कहूंगा, क्योंकि पशुओं में हार्मोनल डिसऑर्डर की वजह से ऐसा हो सकता है। काली कपिला गाय का केस दुलर्भ था। ऐसा करोड़ों में से किसी एक गाय के साथ होता है।'

पहली आरती काली कपिला के घी से होगी
महर्षि सांदीपनि महाराज कहते हैं कि उन्होंने 600 किलो के अलावा काली कपिला गाय का डेढ़ किलो घी विशेष तौर पर राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में अयोध्या भिजवाया है। जब रामलला कुटिया से गर्भगृह में विराजमान होंगे तब पहली आरती काली कपिला के घी से ही होगी। वैसे काली कपिला गाय ने पिछले साल गर्भधारण भी किया है।
11 साल पहले 60 गायों से शुरू की गोशाला
महर्षि सांदीपनि महाराज ने बताया कि 17 नवंबर 2014 को 60 गाय गोकशी के लिए ले जाई जा रही थी, जिन्हें मुक्त करवाकर बनाड़ रोड पर गोशाला खाली थी। शुरुआत में उनमें से 35 गाय मर भी गई थी। हालांकि वर्तमान में इस गोशाला में गोवंश की संख्या 350 है।
जड़ी बूटियों से 9 साल तक सलामत रहा घी
महर्षि सांदीपनि महाराज की मानें तो वे अपनी गोशाला में राम मंदिर की अखंड ज्योत के लिए बीते 9 साल से घी एकत्रित कर रहे थे। घी को सुरक्षित रख पाना चुनौती था, मगर विशेष जड़ी बूटियों से यह संभव हो पाया कि इतने साल तक भी घी खराब नहीं हुआ और पांच बैलगाड़ी में घी के कलश रखकर अयोध्या पहुंचा दिए।
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