Jabalpur News: मटर के भाव पर मचा बबाल, किसानों ने जबलपुर-भोपाल हाईवे किया जाम, सरकार पर उपेक्षा के आरोप
मध्यप्रदेश में जबलपुर के मटर उत्पादक किसान सरकार की उपेक्षा से नाराज हैं। मटर का सही भाव न मिलने से खफा किसानों ने चक्काजाम कर दिया और उपेक्षा के आरोप लगाए।

Price of peas:देश-विदेश में मटर की सप्लाई करने वाले मध्य प्रदेश जबलपुर के सहजपुर मंडी के किसान सीजन में सड़कों पर उतर आए हैं। जिसकी बड़ी वजह मटर का उचित दाम न मिलना है। देश के दूसरे हिस्सों में मटर के रेट के मुकाबले मंडी में किसानों का मटर माटी मोल जा रहा है। इससे खड़ा किसानों ने जबलपुर-भोपाल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। नाराज किसानों ने सरकार पर उपेक्षा के आरोप लगाए हैं। फिलहाल के प्रशासन की समझाइश के बाद किसान सड़क से तो हट गए, लेकिन नुकसान की भरपाई न होने पर उग्र आन्दोलन की चेतावनी दी है।

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एमपी का जबलपुर मटर उत्पादन में देश ही नहीं विदेश में भी विख्यात है। यहां सहजपुर में मटर की बड़ी मंडी है। जहां से देशभर में कई टन मटन निर्यात होता है। विदेशों में भी जबलपुर का ही मटर पसंद किया जाता है। इस बार औसत पैदावार रही, लेकिन उत्पादन में लागत के हिसाब रेट औंधे मुंह गिर गए। जिससे किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। नाराज किसान अपने वाहनों में मटर के साथ हाईवे पर इकट्ठे हो गए। जिन्होंने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया। चक्काजाम के हालात बनने पर काफी देर तक जबलपुर-भोपाल रूट के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारे लग गई। काफी देर बाद प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और आक्रोशित किसानों की डिमांड सुनी।

कुछ समय पहले सरकार ने ही एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत जबलपुर को भी शामिल किया है। किसानों का कहना है कि स्कीम में शामिल होने के बाबजूद मटर उत्पादक किसानों की दुर्दशा हो रही है। 8 से 10 रुपए किलो मटर बिक रहा है। जबकि यही मटर देश के बड़े शहरों नागपुर, मुंबई, बेंगलरू, पुणे में 50 से 100 रुपए प्रति किलो बेंचा जा रहा है। आलम यह है कि मटर उत्पादन में जो लागत है, वह तक नहीं निकल पा रही है। प्रशासन ने किसानों को फिलहाल भरोसा दिया है कि सरकार की योजना के तहत उन्हें लाभ दिया जाएगा, ताकि उन्हें नुकसान न हो। वहीं किसानों ने चेतावनी जारी की है कि यदि उनकी मांगों को अनदेखा किया गया तो उग्र आन्दोलन किया जाएगा। साथ आने वाले समय में वह सामूहिक रूप से मटर का उत्पादन भी बंद कर देंगे।
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