MP पैरामेडिकल छात्रवृत्ति घोटाला, जबलपुर हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, 24 करोड़ में से सिर्फ 4 करोड़ की वसूली
बहुचर्चित पैरामेडिकल छात्रवृत्ति घोटाले मामले में सरकार ने हाईकोर्ट में जबाब पेश कर दिया। बीते 8 साल में 24 में से सिर्फ 4 करोड़ की वसूली होने पर कोर्ट ने फटकार लगाई है।

MP Paramedical scholarship scam: पैरामेडिकल कॉलेज संचालकों द्वारा करोड़ों की राशि वसूलने के मामले में एमपी हाईकोर्ट में पेश की गई रिपोर्ट पर अदालत ने नाराजगी जताई है। कोर्ट ने शासन के संबंधित विभाग को नोटिस जारी कर जबाव मांगा है। अगली सुनवाई सोमवार 24 मार्च को निर्धारित की गई है।
चीफ जस्टिस रवि मलिमथ और जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ में सुनवाई हुई। जिसमें शासन की ओर से पिछली सुनवाई में दिए गए निर्देशों की स्टेटस रिपोर्ट पेश की गई। छात्रवृत्ति घोटाले में शामिल कॉलेजों से होने वाली वसूली की राशि पर अदालत ने हैरानी जताई।

शासन की ओर से जबाव में बताया गया कि 24 करोड़ में से सिर्फ 4 करोड़ की राशि ही अभी तक वसूली जा सकी हैं। इसमें से 5 करोड़ की राशि पर हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने स्टे लगाया हुआ हैं। शेष राशि की वसूली के लिए RRC जारी की गई।
मध्य प्रदेश के प्राइवेट पैरामेडिकल कॉलेज में फर्जी छात्रों का एडमिशन दिखाकर करोड़ों की छात्रवृत्ति राशि डकारने का मामला सामने आया था। इसमें कॉलेज संचालकों ने सरकार को न सिर्फ आर्थिक क्षति पहुंचाई, बल्कि पात्रता रहने वाले सैकड़ों छात्र एडमिशन से भी वंचित रहे।

कॉलेजों में चल रही यह धांधली जब उजागर हुई तो मप्र लॉ स्टूडेन्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता विशाल बघेल की ओर से जबलपुर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायरकी गई। कोर्ट में बताया कि साल 2010 से 2015 तक सैकड़ों निजी पैरामेडिकल कॉलेज संचालकों ने फर्जीवाड़ा किया।
छात्रों को प्रवेशित दिखाकर सरकार से करोड़ों रुपए की छात्रवृत्ति की राशि हड़प ली गई, इस मामले में शिकायतों के बाद जब जांच हुई तो पाया गया कि जिन छात्रों के नाम पर राशि ली गई थी, वह कभी एग्जाम में बैठे ही नहीं थे।

इसके अतिरिक्त एक ही छात्र के नाम पर कई कॉलेजों में एक ही समय में छात्रवृत्ति निकाली थी। बाद में पूरे मामले में जांच के बाद प्रदेश भर में 100 से ज्यादा कॉलेज संचालकों पर एफ.आई.आर दर्ज हुई थी। पूरे प्रदेश में निजी पैरामेडीकल कॉलेजों से करोड़ों रुपए की वसूली के आदेश जारी हुए।

8 साल से लंबित इस वसूली मामले की फैक्ट फ़ाइल
-
पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप घोटाले में प्रदेश भर के कॉलेजो एवं अधिकारियों के विरुद्ध 100 से ज्यादा मुकदमे लोकायुक्त में हैं दर्ज
-
जबलपुर के 5 कॉलेजों ने सरकार के रिकवरी नोटिस को सिविल कोर्ट में चैलेंज किया था और स्टे मांगा था, कोर्ट ने आवेदन खारिज कर दिया था और वसूली पर स्थगन देने से इंकार कर दिया था।
-
प्रदेश के कई कॉलेजो ने मामले को लंबित रखने कई बार हाईकोर्ट की भी शरण ली थी किंतु रिकवरी पर कोई खास राहत नही मिली।
-
पैरामेडिकल कॉलेजों की एसोसिएशन द्वारा जनहित याचिका लगाकर उनके विरुद्ध लोकायुक्त द्वारा दर्ज की गई FIR को दी गयी थी चुनौती जिस पर हाईकोर्ट ने लगाया था 1 लाख का जुर्माना।

ये भी पढ़े- Chhindwara एसपी विनायक वर्मा के निलंबन का आदेश वापस, जबलपुर हाईकोर्ट में हुए पेश, मांगी माफी












Click it and Unblock the Notifications