Chhindwara एसपी विनायक वर्मा के निलंबन का आदेश वापस, जबलपुर हाईकोर्ट में हुए पेश, मांगी माफी
छिंदवाड़ा एसपी विनायक वर्मा सस्पेंड नहीं होंगे। गुरूवार को वह हाईकोर्ट में हाजिर हुए और माफी माँगी। जिसके बाद अदालत ने निलंबन के आदेश को वापस ले लिया।

Chhindwara SP Vinayak Verma: एमपी के छिंदवाड़ा एसपी विनायक वर्मा गुरूवार को हाईकोर्ट में पेश हुए और उनकी ओर से पेश किए गए जबाव पर माफी मांगी। इसके बाद अदालत ने एक दिन पहले दिए सस्पेंड करने के आदेश को वापस ले लिया।
दरअसल एक अवमानना याचिका के सिलसिले में वारंट तामीली न होने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई थी। साथ ही डीजीपी को निर्देश दिए थे कि एसपी छिंदवाड़ा को सस्पेंड कर खुद वारंट की तामीली कराए।

इस मामले में NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर भी हाजिर हुए। उनका भी अरेस्ट वारंट वापस हो गया। मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ व न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की युगलपीठ पीठ ने तल्ख टिप्पणी की थी। कोर्ट ने कहा था कि अधिकारी अदालत के आदेश को गंभीरता से नहीं लेते हैं। यहां तक कि शासकीय अधिवक्ता भी इस संबंध में जागरूक नहीं हैं। पिछली सुनवाई के वक्त इस केस से संबंधित प्रोजेक्ट अधिकारी को वारंट तामील करने का निर्देश दिया गया था। लेकिन पुलिस विभाग ने रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर यह जबाव दिया कि अधिकारी का तबादला हो जाने के कारण वारंट तामील नहीं हो सका। इस जबाव से कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ और नाराजगी भी जताई।

ये है मामला
यह पूरा मामला छिंदवाड़ा चार फाटक रोड पर NHAI द्वारा अधिग्रहित एक मंदिर की जमीन से जुड़ा है। जिसमें तुलसी रामायण संस्कृति मंडल ने पूरा मुआवजा न मिलने का आरोप लगाया था। 1254 वर्गफीट जमीन में से 618 वर्गफीट का मुआवजा न मिलने का आरोप था। पहले दायर की गई याचिका में कोर्ट ने संबंधित विभाग को मुआवजा देने के निर्देश दिए थे। लेकिन जब कोर्ट के आदेश का पालन नहीं हुआ तो अवमानना याचिका दायर की गई। याचिका के संबंध एम कई सुनवाई के बावजूद जब NHAI की ओर से जबाव पेश नहीं हुआ तो अधिकारी के खिलाफ जमानती वारंट जारी हुआ। याचिकाकर्ता की ओर से सुनवाई में अधिवक्ता वेद प्रकाश नेमा ने तर्क प्रस्तुत किए थे।












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