नीलाम होगा दुनिया का सबसे पहला टेक्स्ट मैसेज, जानिए किसने, क्या और कब किया था सेंड?
लंदन, 16 दिसंबर। किसी वक्त में चिट्ठी भेजकर अपनों की खैरियत-खबर ली जाती थी, लेकिन धीरे-धीरे वक्त बदला तो मोबाइल फोन आ गए। और मैसेज करके अपनों का हाल चाल चंद सेकंड में पता लग जाता है, हालांकि अब मैसेज के भी कई तरीके आ चुके हैं, जिसमें व्हाट्सऐप भी है, लेकिन क्या आपको पता है कि दुनिया का सबसे पहला टेक्स्ट मैसेज क्या था और किस नेटवर्क से उसको सेंड किया गया, नहीं पता तो आज आपको बताने जा रहे है, इस रिपोर्ट में...
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आज जितना आसान नहीं था पहले टेक्स्ट मैसेज करना
तकनीक की इस दुनिया में आज हमने बहुत कुछ बदलते हुए देखा है, किसी वक्त में अगर कोई घर का सदस्य या फिर कोई घनिष्ठ हमसे दूर रहता था तो उसको देखने के लिए हमें उसके आने का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन आज के दौर में यह इतना आसान हो चुका है कि एक वीडियो कॉल में हम उसके देख सकते हैं। इसके अलावा फोन मैसेज की सुविधा भी कई ऐप्स ने बहुत ही आसान बना दी है। लेकिन किसी दौर में यह सब इतना नॉर्मल नहीं था।

वोडाफोन ने दी जानकारी
आपको याद होगा कि एक समय में फोन उठाने यानी कि इनकमिंग से लेकर करने (आउटगोमिंग) तक के लिए काफी पैसे देने पड़ते थे, फिर मैसेद के लिए मैसेज पैक्स आए जो दिन में सिर्फ 100 मैसेज भेजने के लिए होते थे। जो अब हालांकि मंथली रिचार्ज में इतना नहीं होता है। हालांकि लोग अब इंटरनेट का इस्तेमाल मैसेज के लिए ज्यादा करने लगे हैं, लेकिन क्या आपको पता था है कि दुनिया के सबसे पहले टेक्स्ट मैसेज में क्या लिखा था और कब सेंड किया गया था।

नीलाम होगा टेक्स्ट मैसेज
हाल ही में ब्रिटेन स्थित वोडाफोन कंपनी ने इसकी जानकारी दी है। इसके साथ ही कंपनी की तरफ से बताया गया कि अब दुनिया के सबसे पहले टेक्स्ट मैजेस को नीलाम किया जाएगा, जिसके लिए करीब 1 करोड़ 71 लाख रुपए तक की बोली लगाई जा सकती है। जी हां, आपको जानकर यकीन नहीं होगा कि अब टेक्स्ट मैसेज की नीलामी होने जा रही है। कंपनी ने बताया कि इस मैसेज को नील पापवोर्थ ने अपने कंप्यूटर से दूसरे साथी रिचर्ड जारविस को भेजा था।

मैसेज में लिखी थी ये बात
बता दें कि उस समय रिचर्ड जारविस वोडाफोन कंपनी के डायरेक्टर थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नील पापवोर्थ ने रिचर्ड को ये मैसेज ऑर्बिटल 901 हैंडसेट पर भेजा गया था। इस मैसेज में सिर्फ क्रिसमस की शुभकामना दी गई थी। आपको बता दें कि इस संदेश को साल 1992 में भेजा गया था। बताया जा रहा है कि दुनिया के सबसे पहले मैसेज की निलामी इसी माह 21 दिसंबर को की जाएगी। अगर बात करें मैसेज किस नेटवर्क द्वारा भेजा गया था तो वो कंपनी आज भी इस क्षेत्र में कार्यरत है।

किस कंपनी के नेटवर्क से भेजा गया था मैसेज?
वोडाफोन का नेटवर्क आज भी भारत में टेलीकॉम सेक्टर में धूम मचा रहा है, यही वो कंपनी थी जिसके नेटवर्क से दुनिया का सबसे पहला मैसेज भेजा गया था। इस मैजेस को कंपनी द्वारा संभाल कर रखा गया था, जिसे अब नीलाम किया जाएगा। इससे कमाए पैसों को वोडाफोन यूएनएचसीआर- यूएन रिफ्यूजी एजेंसी को दे देगा। आपको भी ये जानकारी यूजफुल लगी होगी, अगर आप वोडाफोन के ग्राहक हैं तो जरूर दोस्तों को बताने के लिए एक मजेदार खबर मिल गई है।
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