Putin-Jinping In India: पुतिन-जिनपिंग सितंबर में क्यों आ रहे भारत? क्या है वजह? ट्रंप-पाक को अभी से टेंशन!
Putin-Jinping In India: रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin 12 और 13 सितंबर 2026 को New Delhi में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले हैं। इस बात की पुष्टि क्रेमलिन के इंटरनेशनल मामलों के सेक्रेटरी यूरी उशाकोव ने रूसी समाचार एजेंसी TASS को दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping भी इस बड़े सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं। इस बार BRICS की अध्यक्षता भारत कर रहा है, इसलिए यह शिखर सम्मेलन रणनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
शी जिनपिंग की भारत यात्रा पर भी नजर
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रूस और चीन दोनों ने भारत को संकेत दिया है कि उनके शीर्ष नेता सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं। अगर शी जिनपिंग की भारत यात्रा कन्फर्म होती है, तो अक्टूबर 2019 के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी। आखिरी बार वह चेन्नई के पास Mahabalipuram में आयोजित भारत-चीन शिखर सम्मेलन में शामिल हुए थे।

ट्रंप-पाकिस्तान में टेंशन!
नई दिल्ली में आयोजित हो रहे BRICS Summit में रूस-चीन की आने की खबर मिलते ही अमेरिका और पाकिस्तान दोनों की नजर इस पर रहेगी। क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर और ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद ये पहला मौका होगा जब एशिया की सुपर पावर्स एक जगह होंगी। जाहिर सी बात है कि ये मुलाकात अमेरिका और पाकिस्तान को पसंद नहीं आएगी।
2020 सीमा विवाद के बाद सुधर रहे भारत-चीन रिश्ते
अप्रैल और मई 2020 में पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में LAC पर भारत और चीन के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। इसके बाद दोनों देशों के रिश्तों में बड़ी खटास आ गई थी। हालांकि पिछले कुछ समय में संबंधों में सुधार देखने को मिला है। अक्टूबर 2024 में Narendra Modi और शी जिनपिंग ने रूस के Kazan में BRICS सम्मेलन के दौरान मुलाकात की थी। इस मुलाकात से पहले दोनों देशों ने पूर्वी लद्दाख में सैनिकों की वापसी को लेकर अहम फैसला लिया था।
SCO Summit में भी शामिल होंगे पुतिन और मोदी
राष्ट्रपति पुतिन 31 अगस्त और 1 सितंबर को Bishkek में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO Summit में भी हिस्सा लेने वाले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी SCO Summit में शामिल होने की संभावना है। इन बैठकों को मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक हालात में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में तय हुआ एजेंडा
पिछले हफ्ते नई दिल्ली में BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक हुई थी, जिसमें आने वाले शिखर सम्मेलनों के एजेंडे पर चर्चा हुई। रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov इस बैठक में मौजूद रहे। वहीं चीन के विदेश मंत्री Wang Yi शामिल नहीं हो सके क्योंकि उस समय बीजिंग में राष्ट्रपति शी अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की मेजबानी कर रहे थे। चीन की ओर से भारत में राजदूत Xu Feihong ने बैठक में हिस्सा लिया।
BRICS अब पहले से ज्यादा बड़ा और ताकतवर समूह
शुरुआत में BRICS में सिर्फ ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे। लेकिन 2024 में इस समूह का बड़ा विस्तार किया गया। अब इसमें Egypt, Ethiopia, Iran और United Arab Emirates को भी शामिल किया जा चुका है। वहीं Indonesia 2025 में इस संगठन का हिस्सा बनेगा। यह विस्तार दिखाता है कि BRICS अब वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में तेजी से प्रभाव बढ़ा रहा है।
दुनिया की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है BRICS
BRICS अब दुनिया की सबसे बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के समूहों में से एक बन चुका है। यह संगठन वैश्विक आबादी का लगभग 49.5 प्रतिशत हिस्सा प्रतिनिधित्व करता है। इसके अलावा, दुनिया की कुल GDP में BRICS देशों की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है, जबकि वैश्विक व्यापार में इनका हिस्सा करीब 26 प्रतिशत बताया जाता है।
ट्रंप की चीन यात्रा के बाद मिले शी और पुतिन
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा के बाद शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन बीजिंग में Tea Diplomacy यानी चाय कूटनीति के तहत मिले। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मुलाकात काफी अनौपचारिक माहौल में हुई, जहां दोनों नेताओं ने चाय पर बातचीत की।
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