Top 10 Arms Importers: इन 10 देशों ने खरीदे सबसे ज़्यादा हथियार, पाकिस्तान की रैंकिंग ने चौंकाया
Largest arms importer in world: स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की ताज़ा रिपोर्ट (2020-2024) ने वैश्विक रक्षा समीकरणों में आए बड़े बदलावों को उजागर किया है। रूस-यूक्रेन युद्ध के प्रभाव के कारण यूक्रेन दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आयातक देश बनकर उभरा है।
वहीं, भारत अपनी सुरक्षा चुनौतियों और सैन्य आधुनिकीकरण के चलते इस सूची में दूसरे स्थान पर बरकरार है। हालांकि, 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के कारण भारत के विदेशी आयात में 9% की कमी दर्ज की गई है। रिपोर्ट यह भी दर्शाती है कि यूरोप में युद्ध की आहट ने वहां हथियारों की मांग में 155% की भारी वृद्धि की है।

Top 10 arms importers list: दुनिया के टॉप 10 हथियार आयातक देश (2020-2024)
SIPRI की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक हथियारों के आयात में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखने वाले 10 देश निम्नलिखित हैं।
- यूक्रेन (8.8% हिस्सेदारी)
- भारत (8.3% हिस्सेदारी)
- कतर
- सऊदी अरब
- पाकिस्तान
- जापान
- ऑस्ट्रेलिया
- मिस्र
- अमेरिका
- कुवैत
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यूक्रेन: युद्ध के चलते बना नंबर-1 आयातक
रूस के साथ फरवरी 2022 से जारी भीषण संघर्ष ने यूक्रेन को हथियारों की सबसे बड़ी मंडी बना दिया है। वैश्विक आयात में 8.8% हिस्सेदारी के साथ यूक्रेन ने पहली बार शीर्ष स्थान हासिल किया है। युद्ध से पहले यूक्रेन की गिनती बड़े खरीदारों में नहीं होती थी, लेकिन अब उसे अमेरिका, जर्मनी और पोलैंड जैसे 35 से अधिक देशों से निरंतर सैन्य सहायता और हथियारों की सप्लाई मिल रही है।
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भारत: आयात में कमी के बावजूद दूसरे स्थान पर
भारत 8.3% हिस्सेदारी के साथ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार खरीदार है। हालांकि, 2015-19 की तुलना में भारत के आयात में 9.3% की गिरावट आई है। यह कमी भारत के स्वदेशी रक्षा उत्पादन (जैसे तेजस, ब्रह्मोस) की सफलता को दर्शाती है। भारत अब भी अपनी रक्षा जरूरतों के लिए रूस (36%), फ्रांस (33%) और इज़राइल पर निर्भर है, लेकिन 'मेक इन इंडिया' के तहत यह निर्भरता धीरे-धीरे कम हो रही है।
SIPRI Report 2020-2024: पाकिस्तान और चीन का गठबंधन
हथियारों की होड़ में पाकिस्तान पांचवें स्थान पर बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की रक्षा तैयारियों का सबसे बड़ा आधार चीन है। पाकिस्तान अपने कुल सैन्य साजो-सामान का एक बड़ा हिस्सा चीन से प्राप्त कर रहा है। इसके अलावा तुर्किए और नीदरलैंड भी उसके प्रमुख आपूर्तिकर्ता हैं। क्षेत्रीय अस्थिरता और पड़ोसी देशों के साथ तनाव ने पाकिस्तान को अपनी सैन्य शक्ति बढ़ाने पर मजबूर किया है।
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यूरोप में हथियारों की 'सुनामी'
SIPRI की रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यूरोप को लेकर है। पिछले चार वर्षों में यूरोपीय देशों के हथियार आयात में 155% की ऐतिहासिक बढ़ोतरी हुई है। यूक्रेन युद्ध ने पूरे यूरोप में सुरक्षा की चिंता पैदा कर दी है, जिसके कारण नाटो देश और अन्य यूरोपीय राष्ट्र अपनी वायु सेना और मिसाइल रक्षा प्रणालियों को मजबूत करने के लिए अमेरिका से बड़े पैमाने पर हथियारों की खरीद कर रहे हैं।












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