Hormuz स्ट्रेट से हटेगी नाकेबंदी! अमेरिका-ईरान डील पर आई वो 'अच्छी खबर', जिसका पूरी दुनिया को था इंतजार
Strait of Hormuz Reopening: मध्य पूर्व में कई महीनों से जारी तनाव के बीच अब राहत की उम्मीद दिख रही है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते और होर्मुज स्ट्रेट दोबारा खुलने के संकेतों ने दुनिया को बड़ी राहत दी है। ईरान ने दावा किया है कि अगले 30 दिनों में होर्मुज से जहाजों की आवाजाही युद्ध से पहले जैसी हो जाएगी।
इस रास्ते के बंद होने से भारत समेत कई देशों में तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई थी। अब अगर समझौता होता है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों और वैश्विक ऊर्जा संकट पर बड़ा असर पड़ सकता है।

होर्मुज स्ट्रेट खुलने से दुनिया को राहत
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। खाड़ी देशों का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से तेल और गैस दुनिया तक पहुंचाता है। युद्ध शुरू होने के बाद यहां जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई थी। इससे एशिया और यूरोप के कई देशों में ऊर्जा संकट गहरा गया। अब ईरान ने संकेत दिए हैं कि अगले एक महीने में स्थिति सामान्य हो सकती है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट आने की उम्मीद बढ़ गई है।
ये भी पढे़ं: US Iran Peace Deal: होर्मुज खुलेगा, यूरेनियम जाएगा! अमेरिका-ईरान के बीच तैयार हुए MOU के 5 सबसे बड़े राज
अमेरिका-ईरान समझौते के करीब
अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने भारत दौरे के दौरान कहा कि जल्द ही दुनिया को अच्छी खबर मिल सकती है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी दावा किया कि अमेरिका और ईरान समझौते के बेहद करीब हैं। बताया जा रहा है कि दोनों देशों के बीच शत्रुता खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर सहमति बन चुकी है। फिलहाल समझौते की अंतिम शर्तों पर बातचीत जारी है।
भारत समेत कई देशों पर पड़ा असर
होर्मुज स्ट्रेट बंद होने का सबसे ज्यादा असर उन देशों पर पड़ा जो खाड़ी देशों से तेल और गैस खरीदते हैं। भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और कई एशियाई देशों में ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई। पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ीं और कई जगह गैस की कमी भी देखने को मिली। भारत के लिए यह समुद्री रास्ता बेहद अहम है क्योंकि देश की बड़ी तेल जरूरतें इसी मार्ग से पूरी होती हैं। अब रास्ता खुलने की खबर से आम लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
ये भी पढे़ं: Iran vs America: पेट्रोल-डीजल फिर होगा महंगा? होर्मुज पर देना होगा टोल, क्या है ईरान का प्लान?
पाकिस्तान निभा रहा मध्यस्थ की भूमिका
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में पाकिस्तान अहम भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख Asim Munir ने हाल ही में तेहरान जाकर ईरानी नेताओं से मुलाकात की। पाकिस्तानी सेना के मुताबिक बातचीत में सकारात्मक प्रगति हुई है। पिछले कुछ हफ्तों में पाकिस्तान के कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी ईरान जा चुके हैं। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच सीजफायर को स्थायी बनाने और युद्ध खत्म कराने में पाकिस्तान बड़ी भूमिका निभा सकता है।
तेल प्रतिबंध हटाने पर भी चर्चा
ईरानी मीडिया के मुताबिक संभावित समझौते में अमेरिका की ओर से ईरान पर लगे तेल प्रतिबंधों को हटाने पर भी चर्चा हुई है। अगर ऐसा होता है तो ईरान दोबारा बड़ी मात्रा में तेल निर्यात कर सकेगा। इससे वैश्विक बाजार में तेल की सप्लाई बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव कम होगा। हालांकि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अभी कोई बड़ा समझौता स्वीकार नहीं किया है। इसलिए अंतिम समझौते से पहले कई मुद्दों पर सहमति बनना अभी बाकी माना जा रहा है।












Click it and Unblock the Notifications