Russia Sarmat Missile: एक इशारा और धरती खत्म! रूस ने तैयार किया दुनिया का सबसे खतरनाक मिसाइल
Russia Sarmat Missile Test: रूस ने अपनी महाविनाशक मिसाइल 'सरमत' का सफल परीक्षण कर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को इसकी जानकारी दे दी गई है। यह मिसाइल 35,000 किलोमीटर की अविश्वसनीय दूरी तक मार कर सकती है, जो इसे अब तक का सबसे शक्तिशाली हथियार बनाती है।
इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह पलक झपकते ही दुनिया के किसी भी कोने को निशाना बना सकती है। रूस का दावा है कि फिलहाल दुनिया में ऐसी कोई तकनीक नहीं है जो इस मिसाइल को रोक सके।

पूरे ग्रह का चक्कर लगाने की ताकत
सरमत मिसाइल की रेंज इतनी ज्यादा है कि यह हमला करने से पहले लगभग पूरी पृथ्वी का चक्कर लगा सकती है। आमतौर पर मिसाइलें सबसे छोटा रास्ता चुनती हैं, लेकिन सरमत दक्षिणी या उत्तरी ध्रुव, किसी भी रास्ते से जा सकती है। इससे दुश्मन देशों के रडार और डिफेंस सिस्टम के लिए इसके रास्ते का अंदाजा लगाना नामुमकिन हो जाता है। यह मिसाइल 25,000 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से उड़कर तबाही मचाने में सक्षम है।
🇷🇺 On May 12, President #Putin received a report on the successful test of the Sarmat missile.
— MFA Russia 🇷🇺 (@mfa_russia) May 12, 2026
💬 With 35,000+ km range, enhanced accuracy & the ability to overcome all existing & future missile defence systems, Sarmat is a formidable deterrence asset.https://t.co/waBvSOHm7I pic.twitter.com/rBchrCce1r
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अमेरिका और चीन से कहीं आगे
अगर तुलना करें, तो दुनिया की अन्य बड़ी महाशक्तियों की मिसाइलें सरमत के सामने फीकी नजर आती हैं। चीन की सबसे ताकतवर मिसाइल DF-41 की रेंज 15,000 किमी तक है, जबकि अमेरिका की 'मिनटमैन-III' लगभग 13,000 किमी तक ही जा सकती है। रूस की सरमत इनसे दोगुने से भी ज्यादा दूरी तय कर सकती है। इसकी मारक क्षमता पश्चिमी देशों के किसी भी मौजूदा मिसाइल सिस्टम के मुकाबले चार गुना से भी अधिक बताई जा रही है।
एक साथ 15 परमाणु बम ले जाने में सक्षम
सरमत सिर्फ एक मिसाइल नहीं, बल्कि विनाश का एक पूरा पैकेज है। यह अपने साथ एक बार में 10 से 15 भारी परमाणु हथियार (वॉरहेड्स) ले जा सकती है। इसका मतलब है कि एक ही मिसाइल कई अलग-अलग शहरों को एक साथ निशाना बना सकती है। इसे जमीन के नीचे बने बेहद सुरक्षित बंकरों से लॉन्च किया जाता है, जिससे युद्ध की स्थिति में इसे नष्ट करना दुश्मन के लिए लगभग असंभव हो जाता है।
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पुतिन की तैयारी और अमेरिका को जवाब
पुतिन ने इस सफलता पर कहा कि रूस ने यह सिस्टम मजबूरी में बनाया है। साल 2002 में जब अमेरिका मिसाइल संधि से पीछे हटा, तब रूस ने अपनी सुरक्षा के लिए एडवांस सिस्टम बनाना शुरू किया। पुतिन का मानना है कि सरमत के आने के बाद अब रूस की सुरक्षा अभेद्य हो गई है। यह मिसाइल न केवल आज के बल्कि भविष्य के भी किसी भी मिसाइल डिफेंस सिस्टम को आसानी से भेदने की ताकत रखती है।












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