PM मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से फोन पर बात की, मौजूदा हालात पर जताई चिंता, कहा-बातचीत से निकालें हल
PM Narendra Modi Speaks to Iran's President: ईरान और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। एक तरफ मिसाइल हमले हो रहे हैं, तो दूसरी तरफ वैश्विक स्तर पर इसके असर दिखाई देने लगे हैं। ऐसे तनावपूर्ण माहौल में भारत ने शांति और संयम का संदेश दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मसूद पजशकियान से फोन पर बात कर ना सिर्फ मौजूदा हालात पर गहरी चिंता जाहिर की, बल्कि यह भी कहा कि इस तनाव को बढ़ाने की बजाय सभी पक्षों को मिलकर समाधान निकालने की दिशा में काम करना चाहिए। पीएम मोदी ने जोर दिया कि बातचीत और कूटनीति ही इस संकट से बाहर निकलने का रास्ता है।

बातचीत में पीएम मोदी ने जताई चिंता
ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पजशकियान से फोन पर मौजूदा हालात पर विस्तार से चर्चा की और क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर चिंता जताई। पीएम मोदी ने ट्वीट के जरिए जानकारी दी कि दोनों नेताओं के बीच हाल की घटनाओं को लेकर गंभीर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि तनाव को तुरंत कम करने की जरूरत है और समाधान संवाद व कूटनीति के जरिए ही निकल सकता है।
लगातार बढ़ रहा है युद्ध का दायरा
इजराइल और ईरान के बीच युद्ध अब 10वें दिन में पहुंच गया है। इस दौरान दोनों देशों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है, लेकिन अब तक किसी भी पक्ष ने पीछे हटने के संकेत नहीं दिए हैं। लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाई ने इस क्षेत्र को और ज्यादा अस्थिर बना दिया है। जानकारों के मुताबिक, इस युद्ध ने तीसरे विश्व युद्ध की आशंकाओं को भी हवा दी है।
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अमेरिका के समर्थन से भड़का ईरान
इस संघर्ष में अमेरिका, इजराइल का खुलकर समर्थन कर रहा है। यही कारण है कि ईरान इसे उकसावे की कार्रवाई मानते हुए लगातार हमले कर रहा है। बदले में इजराइल भी ईरान के ठिकानों को निशाना बना रहा है। अब तक दोनों देशों की ओर से हुई कार्रवाई में 600 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें से अधिकतर मौतें ईरान में हुई हैं।
बड़े ठिकानों पर हो रहे हमले
इजराइल ने हाल ही में ईरान के सरकारी टीवी चैनल IRINN और रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पर मिसाइल हमला किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। इसके जवाब में ईरान ने इजराइल के अस्पताल, स्टॉक एक्सचेंज और अमेरिकी दूतावास की इमारत को निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि तेल अवीव स्थित अमेरिकी दूतावास को भी इस हमले में नुकसान पहुंचा है।
जंग का असर तेल की कीमतों पर भी
ईरान और इजराइल के बीच जारी युद्ध का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है। खासकर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है, जिससे कई देशों की चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ये संघर्ष जल्द नहीं थमता तो इसका असर वैश्विक बाजार पर और गंभीर हो सकता है।
'डिप्लोमेसी ही है रास्ता'
भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह के विवाद का समाधान बातचीत और शांति से ही निकल सकता है। पीएम मोदी की पहल यह दिखाती है कि भारत क्षेत्रीय शांति को लेकर गंभीर है और किसी भी संभावित वैश्विक संकट से पहले सभी पक्षों को संयम बरतने की जरूरत है।
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