PM Modi Norway visit: पश्चिमी प्रोपेगेंडा धड़ाम! भारतीय MEA ने दिया ऐसा जवाब सन्न रह गईं विदेशी पत्रकार

Norway Press conference Viral Video: नॉर्वे में इंडिया-नॉर्डिक समिट के दौरान कूटनीति के साथ-साथ एक तीखी बहस ने सबका ध्यान खींचा। प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के बीच एक विदेशी पत्रकार ने भारत में मानवाधिकार और प्रेस की आजादी को लेकर सवाल उठाए, जिसका विदेश मंत्रालय के सचिव सिबी जॉर्ज ने बेहद बेबाकी से जवाब दिया।

जब पत्रकार ने बार-बार टोकने और नीचा दिखाने की कोशिश की, तो सिबी जॉर्ज ने न केवल उन्हें शिष्टाचार सिखाया, बल्कि पश्चिमी प्रोपेगेंडा की धज्जियां भी उड़ा दीं। यह पूरा वाकया अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और इसे भारत की 'नई और मजबूत' कूटनीति के रूप में देखा जा रहा है।

Norway Press conference Viral Video

Sibi George MEA India Press Conference: जब विदेशी पत्रकार ने पूछा- भारत पर क्यों करें भरोसा?

PM मोदी के दौरे को लेकर भारत के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। इस दौरान माहौल तब गरमा गया जब नॉर्वे की एक पत्रकार ने सीधा सवाल किया कि दुनिया भारत पर भरोसा क्यों करे? उन्होंने भारत में मानवाधिकारों को लेकर भी तंज कसा। सिबी जॉर्ज ने बहुत शांति से जवाब देते हुए कहा कि भारत कोई नया देश नहीं, बल्कि 5,000 साल पुरानी सभ्यता है। उन्होंने याद दिलाया कि कोरोना के समय जब दुनिया डरी हुई थी, तब भारत ने वैक्सीन भेजकर मानवता की मिसाल पेश की थी। यही वह भरोसा है जो भारत ने कमाया है।

'बीच में मत टोकिए': पत्रकार को सिखाया शिष्टाचार

जवाब के दौरान जब पत्रकार ने लगातार बीच में बोलने और सवाल दोहराने की कोशिश की, तो सिबी जॉर्ज थोड़े नाराज दिखे। उन्होंने कड़े लहजे में कहा, "कृपया मुझे बीच में मत टोकिए। आपने सवाल पूछा है, तो जवाब सुनने का धैर्य भी रखिए।" उन्होंने साफ कर दिया कि सवाल पूछने वाला यह तय नहीं कर सकता कि सामने वाला जवाब कैसे दे। सिबी जॉर्ज ने दो टूक कहा कि अपने तरीके से जवाब देना उनका अधिकार है।

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PM Modi Norway visit: महिलाओं के अधिकार पर पश्चिमी देशों को आईना

मानवाधिकारों की दुहाई देने वाली पत्रकार को सिबी जॉर्ज ने ऐतिहासिक तथ्यों से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारत ने 1947 में अपनी आजादी के साथ ही महिलाओं को वोट देने का अधिकार दे दिया था, जबकि कई पश्चिमी लोकतांत्रिक देशों में यह अधिकार पाने के लिए महिलाओं को दशकों तक संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत में समानता और मानवाधिकार हमारे संविधान की नींव हैं और हम इसमें दिल से विश्वास करते हैं।

अधिकारों का उल्लंघन है तो अदालत का रास्ता खुला है

सिबी जॉर्ज ने लोकतंत्र की ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि भारत दुनिया की आबादी का छठा हिस्सा है, लेकिन हम दुनिया की समस्याओं का छठा हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने साफ संदेश दिया कि अगर किसी को लगता है कि उसके अधिकारों का उल्लंघन हुआ है, तो भारत की अदालतें स्वतंत्र हैं और वहां जाने का रास्ता सबके लिए खुला है। उन्होंने गर्व से कहा कि भारत अपने लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा रखता है और किसी के दबाव में नहीं आता।

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पश्चिमी प्रोपेगेंडा बनाम भारतीय हकीकत

इस पूरी बहस ने एक बार फिर दिखाया कि कैसे पश्चिमी मीडिया अक्सर चुनिंदा एजेंडे के तहत भारत को घेरने की कोशिश करता है। सिबी जॉर्ज के जवाबों ने साफ कर दिया कि आज का भारत अपनी उपलब्धियों पर बात करना जानता है और किसी भी निराधार आरोप का डटकर मुकाबला करता है। भारत ने यह संदेश दे दिया है कि वह सम्मान के साथ बातचीत में यकीन रखता है, लेकिन उपदेश देने वालों को आईना दिखाने से भी पीछे नहीं हटता।

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