बोल्सोनारो से आगे निकले लूला डा सिल्वा, पर ऐसे नहीं बन पाएंगे राष्ट्रपति! फिर होगी भिड़ंत
ब्राजील के मौजूदा राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो इस महीने के अंत में ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे निर्णायक दौर में पूर्व राष्ट्रपति लुइज इनासियो 'लूला' डा सिल्वा से भिड़ेंगे
साओ पाउलो, 3 अक्टूबर : ब्राजिल के मौजूदा राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो (Jair Bolsonaro) और पूर्व राष्ट्रपति लुइज इनासियो 'लूला' डा सिल्वा के बीच इस महीने के अंत में देश के राष्ट्रपति चुनाव (Brazil's presidential election) के दूसरे निर्णायक दौर में कड़ी टक्कर होगी। सीएनएन रिपोर्ट के मुताबिक, कोई भी उम्मीदवार पहले दौर में जीतने के लिए आवश्यक अंक हासिल नहीं कर पाए। रविवार को हुए मतदान के दौरान बोल्सोनारो और लूला के समर्थकों के बीच हिंसक घटनाएं भी हुईं।

कौन बनेगा ब्राजील का राष्ट्रपति?
ब्राजील में रविवार को आम चुनाव के लिए मतदान हुआ। इस चुनाव में दक्षिणपंथी जायर बोल्सोनारो वामपंथी लूला डा सिल्वा के बीच कड़ी टक्कर हुई। हालांकि, इस मतदान के बाद किसी भी उम्मीदवार को 50 फीसदी से ज्यादा वोट नहीं मिले। इस वजह से ब्राजील की कमान किसके हाथ में होगी ये अभी तय नहीं हो पाया है।

लूला मौजूदा राष्ट्रपति से निकले आगे
बता दें कि रविवार शाम ब्राजील में 97 प्रतिशत से ज्यादा मतों की गिनती हुई। रिपोर्ट के मुताबिक लूला डि सिल्वा को 48.1 प्रतिशत वोट मिले और मौजूदा राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो को 43.5 फीसदी मत प्राप्त हुए। लूला डा सिल्वा को भले ही ज्यादा वोट मिले हैं लेकिन जीत के लिए ये आंकड़ा काफी नहीं है। इस वजह से दुनिया के चौथे सबसे बड़े लोकतंत्र की कमान किसके हाथ में होगी ये अभी तय नहीं हो सका। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अब लूला और बोल्सोनारो 30 अक्टूबर को एक बार फिर आमने-सामने होंगे।

मतदान के दौरान हिंसक घटनाएं भी हुईं
रविवार को हुए मतदान के दौरान बोल्सोनारो और लूला समर्थकों के बीच तीखी जुबानी जंग हुई और बाद में इसको लेकर हिंसक घटनाओं की खबरें प्राप्त हुईं। वहीं, राष्ट्रपति बनने की रेस में कई अन्य उम्मदीवार भी शामिल थे लेकिन बोल्सोनारो और लूला इन सबसे काफी आगे चल रहे थे। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक मतदाताओं ने देश के 26 राज्यों और संघीय जिले के लिए नए राज्य

बोल्सोनारो ने कसम खाई
कई अन्य राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार दौड़ में थे, लेकिन दो सबसे आगे चल रहे थे। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, मतदाताओं ने देश के 26 राज्यों और संघीय जिले के लिए नए राज्यपालों, सीनेटरों, संघीय और राज्य के प्रतिनियुक्तियों के लिए भी मतदान किया।

कोरोना महामारी को लेकर बोल्सोनारो की आलोचना हुई थी
67 साल के बोल्सोनारो कंजर्वेटिव लिबरल पार्टी की तरफ से फिर से राष्ट्रपति चुनाव की रेस में शामिल हुए हैं। उन्होंने मतदाताओं को लुभाने के लिए सार्वजनिक कंपनियों के निजीकरण करने ऊर्जा की कीमतों को कम करने के लिए अधिक टिकाऊ ऊर्जा पैदा करने के लिए अभियान चलाया है। उन्होंने इस दौरान ब्राजील के वास्तविक लगभग 600 अमेरिकी डॉलर मासिक लाभ का भुगतान जारी रखने की कसम खाई है जिसे ऑक्सिलियो ब्रासिल के नाम से जाना जाता है। बोल्सोनारो की कोरोना महामारी के दौरान उनके कार्यों के लिए व्यापक आलोचना भी हुई थी। राष्ट्रपति चुनाव में अब लूला डि सिल्वा उनसे आगे निकल गए हैं। हालांकि, जीत के लिए ये आंकड़ा काफी नहीं है। 30 अक्टूबर को दोनों नेताओं के बीच फिर से कड़ी टक्कर होगी।
(Photo Credit : Twitter)












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