'आगे बड़े खतरे हैं, बड़े संघर्ष के लिए तैयार हो जाएं', कांग्रेस की बैठक से पहले शी जिनपिंग का बड़ा बयान
चीनी राष्ट्रपति का कम्युनिस्ट पार्टी की एकता के लिए आह्वान तब आया है, जब उनके नेतृत्व में चीन को ताइवान पर अमेरिका, यूरोपीय संघ और जापान के साथ बढ़ती प्रतिकूलताओं के साथ बढ़ते अलगाव का सामना करना पड़ रहा है।
बीजिंग, अक्टूबर 03: चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की कांग्रेस की बैठक इसी महीने होने वाली है, जिसमें पूरी संभावना है, कि शी जिनपिंग को लगातार तीसरी बार चीन का राष्ट्रपति चुना जाएगा। लेकिन, कांग्रेस की बैठक से पहले शी जिनपिंग ने कम्युनिस्ट पार्टी को बड़े संघर्ष के लिए तैयार होने के लिए कहा है। शी जिनपिंग ने अपने एक लेख में कहा है कि, आगे कई बड़े खतरे हैं और उनसे निपटने के लिए बड़े संघर्ष के लिए तैयार हो जाना चाहिए। चीनी राष्ट्रपति का ये बड़ा बयान है, क्योंकि माना यही जा रहा है, कि चीन बहुत जल्द ताइवान पर हमला करने वाला है।
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शी जिनपिंग ने क्या कहा?
चीन के राष्ट्रीय दिवस पर कम्युनिस्ट पार्टी की पत्रिका क्यूशी में प्रकाशित एक लेख में 69 वर्षीय शी जिनपिंग ने कहा कि, देश अपने महान राष्ट्रीय कायाकल्प को प्राप्त करने के इतने करीब कभी नहीं रहा है, लेकिन, अंतिम पड़ाव खतरों और चुनौतियों से भरा हुआ होगा। उन्होंने लिखा कि, बड़ी चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने, बड़े जोखिमों से बचाव करने, बड़ी बाधाओं को दूर करने और प्रमुख अंतर्विरोधों को हल करने के लिए और लोगों का नेतृत्व करने के लिए हमारी पार्टी को एकजुट होना चाहिए। हांगकांग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रविवार की रिपोर्ट के मुताबिक, शी जिनपिंग ने लिखा कि, हमें नई ऐतिहासिक विशेषताओं के तहत बड़े संघर्षों का मुकाबला करने के लिए एक साथ आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि, शी जिनपिंग ने अपने लेख में इस बात का जिक्र नहीं किया है, कि वो किस बड़े खतरे और किन चुनौतियों की बात कर रहे हैं।

16 अक्टूबर को कांग्रेस की बैठक
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के 9 करोड़ 60 लाख सदस्य हैं और माना जा रहा है, कि शी जिनपिंग ने ये लेक अपने समर्थकों में उत्साह फूंकने के लिए लिखा है, क्योंकि 16 अक्टूबर को कम्युनिस्ट पार्टी की कांग्रेस की बैठक होने वाली है, जो देश के अगले राष्ट्रपति का चुनाव करेगी। हालांकि, शी जिनपिंग का चुना जाना तय माना जा रहा है। कांग्रेस की बैठक में भविष्य के लिए नए राजनीतिक और आर्थिक नीति ढांचे पर चर्चा की जाएगी और शी जिनपिंग के अगले पांच सालों के नये संकल्पों को पास किया जाएगा। अगर शी जिनपिंग को फिर से देश का नया राष्ट्रपति चुना जाता है, जिसकी पूरी संभावना है, तो वो पार्टी के संस्थापक माओत्से तुंग के बाद निर्धारित 10 साल के कार्यकाल से अधिक समय तक सत्ता में बने रहने वाले एकमात्र नेता बन जाएंगे। शी जिनपिंग इस साल 10 साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। उन्होंने लगातार तीसरी बार राष्ट्रपति बनने के लिए साल 2018 में ही पार्टी के संविधान को बदल दिया था, जिसके मुताबिक एक व्यक्ति तीन बार राष्ट्रपति नहीं बन सकता था।

किन चुनौतियों की बात कर रहे शी जिनपिंग?
चीनी राष्ट्रपति का कम्युनिस्ट पार्टी की एकता के लिए आह्वान तब आया है, जब उनके नेतृत्व में चीन को ताइवान पर अमेरिका, यूरोपीय संघ और जापान के साथ बढ़ती प्रतिकूलताओं के साथ बढ़ते अलगाव का सामना करना पड़ रहा है और इसके अलावा आर्थिक मंदी और कोविड-19 की वजह से सख्त लॉकडाउन के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शी जिनपिंग ने कहा कि, पार्टी के सदस्यों को पार्टी की यात्रा पूरी करने के लिए दृढ़ता का प्रदर्शन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि, इसके लिए पार्टी को केंद्रित रहने और अपने रास्ते पर दृढ़ विश्वास रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि, हम अलगाव और हठधर्मिता के पुराने रास्ते पर वापस नहीं चलेंगे, न ही हम कभी भी झंडे बदलने के बुरे रास्ते को अपनाएंगे। शी जिनपिंग का इस लेख में क्रांतिकारी भाषा का पूरी तरह से इस्तेमाल किया गया था और वामपंथी विशेषताओं से भरा हुआ था, जिसमें बलिदान, संघर्ष, क्रांति जैसी तमाम बातें थीं। आपको बता दें कि, शी जिनपिंग ने लगातार तीसरी बार राष्ट्रपति बनने के लिए अपने तमाम विरोधियों को रास्ते से हटा दिया है, जिनमें कई केन्द्रीय मंत्रियों को फांसी देना, उम्र कैद की सजा देना भी शामिल है।

भ्रष्टाचार के नाम पर विरोधियों का सफाया
शी जिनपिंग के आलोचकों का कहना है, कि भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के नाम पर शी जिनपिंग ने करीब करीब अपने तमाम राजनीतिक विरोधियों को रास्ते से हटा दिया है और उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी और उसकी सेना पीएलए पर काफी मजबूत पकड़ बना लिया है। वहीं, चायनीज कम्युनिस्ट पार्टी हर पांच साल में एक कांग्रेस का आयोजन करती है। लेकिन इस वर्ष की कांग्रेस को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह सदी पुरानी पार्टी के लिए नेतृत्व परिवर्तन का वर्ष है। शुक्रवार को, प्रधानमंत्री ली केकियांग ने वार्षिक राष्ट्रीय दिवस पर्व के मौके पर दिए गये एक भाषण में, स्थानीय सरकारों से आग्रह किया, कि वे आलस्य को त्यागें और अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए तत्काल कार्रवाई करें।

कठिनाइयों में फंसी है चीन की अर्थव्यवस्थआ
आपको बता दें कि, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी में शी जिनपिंग के बाद ली केकियांग को नंबर-2 नेता माना जाता है, हालांकि, उन्हें शी जिनपिंग का विरोधी भी माना जाता है, लेकिन उनकी खुद की राजनीतिक वर्चस्व ऐसी है, कि शी जिनपिंग उनके खिलाफ अभी तक कोई एक्शन नहीं ले पाए हैं और वो प्रधानमंत्री पद पर बने हुए हैं। ली केकियांग ने देश के अधिकारियों से अर्थव्यवस्था का सुधार करने की दिशा में फौरन जुट जाने के लिए कहा है। आपको बता दें कि, डॉलर के मुकाबले चीनी करेंसी बुरी तरह से गिर रही है और चीन का हाउसिंग सेक्टर भी बहुत बुरी दौर से गुजर रहा है, जिसकी वजह से बैंकों के 350 अरब डॉलर बर्बाद हो सकते हैं, क्योंकि लोनों ने लोन चुकाने से मना करते हुए अपने घर वापस बैकों को सौंप दिए हैं, लिहाजा शी जिनपिंग के सामने देश की अर्थव्यवस्था को बचाना भी बड़ी चुनौती है।












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