Israel Vs Houthis: 20 हजार किलोमीटर दूर इजरायल ने कैसे की एयर स्ट्राइक, क्यों किसी को नहीं चला पता?
Israel Vs Houthis: इजरायल ने एक बार फिर दुनिया को अपना लोहा मनवाने के लिए जबरदस्त बदला लिया है। इजरायल की एक नीति है जिसमें दुश्मन से किसी भी किस्म का समझौता न करने का जिक्र है। इजरायल भी अपनी उस नीति को समय-समय पर दोहराकर दुश्मनों को बता देता है कि भले ही वह दो साल से जंग लड़ रहा हो लेकिन वह कमजोर बिल्कुल भी नहीं है।
इसी कड़ी में इजरायल ने यमन के होदेइदाह बंदरगाह पर एक बड़ी एयर स्ट्राइक को अंजाम दिया है। जिसमें हूथी विद्रोहियों द्वारा को निशाने पर लिया गया। इस ऑपरेशन में 20 लड़ाकू विमानों ने इजरायल से 20000 किलोमीटर दूर जाकर कहर बरपाया और इस हमले में बाज़िल कंक्रीट फैक्ट्री और कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस एयर स्ट्राइक में कम से कम 50 जगहों पर बम गिराए गए। दरअसल हूथी विद्रोहियों ने पिछले दिनों तेल अवीव में बेन गुरियन हवाई अड्डे पर मिसाइल हमला किया था, जिसका बदला अब इजरायल ने लिया है।

हूथी विद्रोहियों ने खाई बदले की कसम
इज़रायली हवाई हमले के जवाब में, हूथी विद्रोहियों ने बताया कि 21 लोग घायल हुए हैं। हूथी के मीडिया विभाग के प्रमुख नसरुद्दीन आमेर ने कहा कि वे इज़रायल के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस हमले में अमेरिका ने इज़रायल का साथ दिया है। हालांकि, एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने किसी भी तरह की से अमेरिका के इस हमले में शामिल होने से साफ इनकार किया है।
इजरायल ने तगड़ी चोट दी
इज़रायली सेना ने इस हमले को हूथी शासन की अर्थव्यवस्था और सैन्य क्षमताओं के लिए एक झटका बताया। बाज़िल कंक्रीट फैक्ट्री सुरंगों और सैन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण के नजरिए से एक महत्वपूर्ण ठिकाना थी। इसके अलावा, हुदैदाह बंदरगाह का इस्तेमाल कथित तौर पर हूथी विद्रोहियों द्वारा ईरानी हथियारों और तमाम सैन्य उपकरणों की तस्करी के लिए किया जाता है। इसलिए ये ठिकाना लंबे वक्त से इजरायल और अमेरिका के निशाने पर रहा है।
एक साल और आधा दर्जन हमले
यह हालिया हमला यमन में इजरायल का छठा हमला है, लेकिन इस साल गाजा में जंग शुरू होने के बाद से यह पहला हमला है। इससे पहले, मार्च में हूथी विद्रोहियों के खिलाफ अमेरिका के एक बड़े अभियान के बाद इजरायल ने यमन के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई रोक दी थी। दूसरी तरफ, सोमवार की रात को, इजरायल ने लेबनान की सीमा के पास दक्षिण लेबनान और सीरिया में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हवाई हमले भी किए।
गाजा पर कब्जे की पूरी तैयारी
गाजा में इजरायल ने अपने सैन्य अभियान तेज कर दिए हैं, नतीजतन अब तक 54 लोग हताहत हुए हैं। युद्ध कैबिनेट ने गाजा पर पूरी तरह से कब्ज़ा करने और इसे पूरी तरह से कंट्रोल करने की योजना को मंजूरी दे दी है। अगले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की यात्रा के बाद इस योजना के लागू होने की उम्मीद है। ट्रंप पहले भी गाजा को नए सिरे से डिवेलप करने की बात करते रहे हैं।
बंधकों की जान बचाना अभी भी चुनौती
इज़रायली सेना प्रमुख इयाल ज़मीर ने चेतावनी दी है कि अभियान तेज़ करने से गाजा में बंधकों की जान को ख़तरा हो सकता है। हालांकि, उनका मानना है कि हमास के ख़िलाफ़ ज़्यादा मज़बूत हमले से बचे हुए बंधकों को बचाने में मदद मिलेगी। ज़मीर ने इस साल मार्च में इज़रायली सेना की कमान संभाली थी।
सीजफायर पर नहीं बनी बात
इजराइल और हमास के बीच युद्ध विराम पर पहुंचने के प्रयास रुके हुए हैं क्योंकि हमास ने इजराइल द्वारा युद्ध बंद करने और गाजा से सेना वापस बुलाने तक आगे की बातचीत से इनकार कर दिया है। आठ सप्ताह की शांति के बाद 18 मार्च को युद्ध विराम तोड़ दिया गया था। यूएन के मुताबिक, इज़रायल ने गाजा के 70% हिस्से को रेड ज़ोन घोषित कर दिया है और निवासियों को इन इलाकों को खाली करने का आदेश दिया है। इस बीच, सेना प्रमुख इयाल ज़मीर ने ज़मीन के ऊपर और नीचे दोनों जगह हमास के बुनियादी ढांचे को खत्म करने के लिए रिजर्व सैनिकों को बुलाया है।
इजरायल के लिए बड़ रहा तनाव
यमन, सीरिया, लेबनान और गाजा सहित तमाम मोर्चों पर तनाव बढ़ता जा रहा है; कूटनीतिक कोशिशें जारी हैं, लेकिन आज वैश्विक स्तर पर कई क्षेत्रों में इन संघर्षों में शामिल अलग-अलग गुटों के बीच चल रही जंग के कारण उन्हें चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन वह किसी भी मोर्चे पर बिल्कुल भी कमजोर नहीं दिख रहा।
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