Aaj Ka Panchang: तृतीया तिथि, पुष्य नक्षत्र, क्या है शुभ मुहूर्त?
Aaj Ka Panchang: पंचांग का प्रयोग शुभ मुहूर्त निकालने, त्योहारों की तिथि तय करने, व्रत-उपवास करने और ग्रहों की स्थिति जानने के लिए किया जाता है। आइए जानते हैं कि आज के पंचांग में क्या खास है?

🌅 सौर और चंद्र चक्र का समय
| 🌅 सौर घटना | गणना किया गया समय | 🌙 चंद्र घटना | गणना किया गया समय |
| सूर्योदय (भोर) | सुबह 05:08 | चंद्रोदय | सुबह 7:16 बजे |
| सूर्यास्त (शाम) | शाम 6:50 | चंद्रास्त | रात 9:14 |
📅 दैनिक पंचांग विवरण
| पंचांग तत्व | अवधि और संक्रमण विवरण |
| तिथि (चंद्रमा की कला) | तृतीया (चंद्रमा का तीसरा दिन) रात 9:38 बजे तक सक्रिय रहेगा, इसके बाद चतुर्थी (चंद्रमा का चौथा दिन) शुरू होगा। |
| नक्षत्र (चंद्रमा का घर) | दोपहर 01:37 बजे तक पुनर्वसु सक्रिय, उसके बाद पुष्य |
| योग (विशेष चंद्र-सूर्य कोण) | ध्रुवा नक्षत्र रात 8:51 बजे तक सक्रिय रहेगा, उसके बाद व्याघाट नक्षत्र सक्रिय रहेगा। |
| करणा (अर्ध-तिथि अंतराल) | Taitila सुबह 11:11 बजे तक सक्रिय रहेगा, Garaja रात 9:38 बजे तक सक्रिय रहेगा, उसके बाद Vanija सक्रिय रहेगा। |
| सप्ताह का दिन | बुधवार (बुधवार) |
| पक्ष (चंद्रमा का पखवाड़ा) | शुक्ल पक्ष (बढ़ते चरण) |
📜 पारंपरिक युग और चंद्र कैलेंडर
| प्रणाली | युग का नाम और मान |
| विक्रम संवत युग | 2083 सिद्धार्थ |
| शक संवत युग | 1948 पराभाव |
| गुजराती संवत युग | 2082 पिंगला |
| प्रवेश तिथि | 3 |
| बृहस्पति सम्वत्सर | सिद्धार्थी संक्रमण 21 अप्रैल, 2026 को दोपहर 3:53 बजे समाप्त होगा, जिसके बाद रौद्रा संक्रमण होगा। |
| चंद्रमास (चंद्रमा का महीना) | ज्येष्ठ (पूर्णिमांत और अमांत दोनों प्रणालियों में गणना) |
🪐 खगोलीय ग्रह परिषद (विक्रम संवत 2083)
| शासन की भूमिका | शासक ब्रह्मांडीय सत्ता एवं पदनाम |
| राजा 👑 | बृहस्पति |
| सेनाधिपति (जनरल-इन-चीफ) ⚔️ | चंद्र (चंद्रमा) |
| मंत्री (कैबिनेट सलाहकार) ⚜️ | मंगल ग्रह |
| धन्याधिपति (शीतकालीन फसल प्रबंधक) 🌻 | बुद्ध (बुध) |
| सस्यधिपति (ग्रीष्मकालीन फसल की पैदावार) 🌾 | बृहस्पति |
| मेघाधिपति (बादलों और वर्षा के स्वामी) 🌧 | चंद्र (चंद्रमा) |
| धनाधिपति (वित्त एवं आर्थिक धन) 💰 | बृहस्पति |
| निरासाधिपति (धातु एवं कठोर अयस्क संसाधन) 🪙 | बृहस्पति |
| रसधिपति (एसेंस और लिक्विड्स ऑफिस) 🍯 | शनि (शनि) |
| फलाधिपति (फल और फूल की उपज) 🍎 | चंद्र (चंद्रमा) |
♈ राशि चिन्ह और गोचर की स्थितियाँ
| ज्योतिषीय मीट्रिक | वर्तमान संकेत और पारगमन समयरेखा |
| चंद्र राशि | मिथुन (Gemini) सुबह 8:13 बजे तक सक्रिय रहेगा, उसके बाद कर्क (Cancer) सक्रिय होगा। |
| सूर्य राशि | मिथुन |
| सौर हवेली (सूर्य नक्षत्र) | मृगशिरा |
| त्रैमासिक तारकीय भवन (नक्षत्र पद) | पुनर्वसु (तृतीय पाद) प्रातः 08:13 बजे समाप्त होगा पुनर्वसु (चतुर्थ पाद) दोपहर 01:37 बजे समाप्त होगा पुष्य (प्रथम पद) सायं 07:02 बजे समाप्त होगा पुष्य (द्वितीय पद) 18 जून को रात्रि 12:30 बजे समाप्त होगा पुष्य (तीसरा पाद) जारी है |
🍃 ऋतुएँ और दिन/रात की अवधि
| घटना | वैदिक मूल्यांकन | समय मीट्रिक | परिकलित अवधि |
| प्रेक्षण ऋतु (द्रिक ऋतु) | ग्रीष्मा (ग्रीष्मकालीन) | दिन की अवधि (दिनों में) | 13 घंटे 42 मिनट 44 सेकंड |
| पारंपरिक ऋतु (वैदिक ऋतु) | ग्रीष्मा (ग्रीष्मकालीन) | रात्रिमाना | 10 घंटे 17 मिनट 24 सेकंड |
| अनुभवजन्य संक्रांति (ड्रिक अयाना) | उत्तरायण (उत्तरी पारगमन) | मध्याह्न शिखर | सुबह 11:59 |
| पारंपरिक संक्रांति (वैदिक अयन) | उत्तरायण (उत्तरी पारगमन) | - | - |
✨ शुभ खगोलीय खिड़कियाँ
| उद्घाटन समय ब्लॉक | स्पैन (स्थानीय समय) | दूसरा समय ब्लॉक | स्पैन (स्थानीय समय) |
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 3:45 से 4:26 तक | प्रतः संध्या | सुबह 04:06 से 05:08 तक |
| अभिजीत विंडो | कोई उपलब्ध नहीं | विजय मुहूर्त | दोपहर 2:16 से दोपहर 3:11 तक |
| गोधुली मुहूर्त | शाम 6:49 से शाम 7:10 तक | सयाहना संध्या | शाम 6:50 से शाम 7:52 तक |
| अमृत कलाम | सुबह 11:28 से दोपहर 12:54 तक | निशिता मुहूर्त | रात 11:38 बजे से रात 12:20 बजे तक (18 जून) |
| रवि योग | दोपहर 1:37 से सुबह 5:08 तक (18 जून) | - | - |
⚡ अशुभ समय (आवश्यक गतिविधियों से बचें)
| महत्वपूर्ण विंडो | परिकलित अवधि | महत्वपूर्ण विंडो | परिकलित अवधि |
| राहु काल (अशुभ काल) | सुबह 11:59 से दोपहर 1:42 तक | यामागंडा | सुबह 6:50 से 8:33 बजे तक |
| गुलिकाई कलम | सुबह 10:16 से 11:59 तक | विदाल योग | सुबह 5:08 बजे से दोपहर 1:37 बजे तक |
| वर्ज्यम | रात 8:55 से रात 10:23 तक | दुर् मुहूर्त | सुबह 11:32 से दोपहर 12:26 तक |
| बाना चरण | दोपहर 3:13 बजे तक मृत्यु और दोपहर 3:13 बजे से पूरी रात अग्नि। | - | - |
🧭 दिशात्मक और मौलिक ऊर्जा (निवास और शूल)
| ब्रह्मांडीय पैरामीटर | परिकलित तत्व या दिशा |
| होमाहुती संरेखण | दोपहर 1:37 बजे तक सूर्य (सूर्य) का प्रभाव रहेगा, उसके बाद बुध (बुध) का प्रभाव रहेगा। |
| दिशा शूल (अवरोधक दिशा) | उत्तर |
| अग्निवास (अग्नि क्षेत्र) | पृथ्वी (Prithvi) रात 9:38 बजे तक, उसके बाद आकाश (Heavehave) |
| चंद्र वासा (चंद्र-सौर उपस्थिति) | सुबह 8:13 बजे तक पश्चिम दिशा में हवा चलेगी, उसके बाद रात भर उत्तर दिशा में हवा चलती रहेगी। |
| शिववास (भगवान शिव का निवास स्थान) | सभा में रात 9:38 बजे तक कार्यवाही होगी, उसके बाद क्रीड़ा में कार्यवाही होगी। |
| राहु वासा (राहु की दिशा) | दक्षिण पश्चिम |
| कुंभ चक्र | पूर्व |
⏱ सिस्टम युग और तकनीकी कैलेंडर
| तकनीकी प्रणाली | परिकलित मान | तकनीकी प्रणाली | परिकलित मान |
| कलियुग युग वर्ष | 5127 वर्ष | लाहिरी अयनांश समायोजन | 24.233419 |
| काली अहरगना दिवस | 1872743 दिन | एपोच को रेट करें | 739784 |
| जूलियन कैलेंडर के समतुल्य | 4 जून, 2026 ईस्वी | जूलियन दिवस गणना | 2461208.5 दिन |
| राष्ट्रीय नागरिक कैलेंडर तिथि | ज्येष्ठ 27, 1948 शक | संशोधित जूलियन डे | 61208 दिन |
| राष्ट्रीय निरयण कैलेंडर तिथि | आषाढ़ 3, 1948 शक | - | - |
💫 चंद्रबलम (चंद्रबलम) और ताराबलम (ताराबलम) की सौर शक्ति
| ज्योतिषीय मीट्रिक | निर्धारित ताकतें और अपवाद |
| शुभ चंद्रबलम (सुबह 8:13 बजे तक) | लाभकारी राशियाँ: मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर अपवाद विवरण: अष्टम चंद्र वृश्चिक राशी के साथ-साथ अनुराधा, ज्येष्ठा और विशाखा की अंतिम तिमाही में पैदा हुए लोगों के लिए लागू होता है। |
| शुभ चंद्रबलम (अगली सुबह तक) | शुभ राशियाँ: वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुंभ अपवाद विवरण: अष्टमा चंद्र धनु राशि के साथ-साथ मूल, पूर्वाषाढ़ा और उत्तराषाढ़ा के पहले चरण में जन्मे लोगों पर भी लागू होता है। |
| शुभ ताराबलम (दोपहर 1:37 बजे तक) | भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वा आषाढ़, श्रवण, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती |
| शुभ ताराबलम (अगली सुबह तक) | अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तरा आषाढ़, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती |
🌌 शुभ पंचक संक्रमण और उदय राशियाँ
| पंचक रहित सक्रिय समय | उदय लग्न उदीयमान संकेत अंतराल |
| • रोग पंचक: प्रातः 05:08 बजे से प्रातः 07:18 बजे तक शुभ मुहूर्त : सुबह 7:18 से 9:36 बजे तक • मृत्यु पंचक: 09:36 पूर्वाह्न - 11:49 पूर्वाह्न • अग्नि पंचक: सुबह 11:49 बजे - दोपहर 01:37 बजे • शुभ समय : दोपहर 1:37 - दोपहर 2:02 • राज पंचक: 02:02 अपराह्न - 04:19 अपराह्न शुभ मुहूर्त : शाम 4:19 - शाम 6:36 • चोर पंचक: 06:36 अपराह्न - 08:40 अपराह्न • शुभ समय : रात 8:40 - रात 9:38 • रोग पंचक: रात्रि 09:38 बजे - रात्रि 10:25 बजे तक • शुभ समय : रात 10:25 - रात 11:56 मृत्यु पंचक: 11:56 अपराह्न - 01:25 पूर्वाह्न (18 जून) • रोग पंचक: 01:25 पूर्वाह्न (18 जून) - 03:03 पूर्वाह्न (18 जून) • शुभ मुहूर्त : सुबह 03:03 (18 जून) - सुबह 05:00 (18 जून) • मृत्यु पंचक: प्रातः 05:00 बजे (18 जून) - प्रातः 05:08 बजे (18 जून) | • मिथुन (Gemini): सुबह 05:04 - सुबह 07:18 • कर्क (कर्क): 07:18 पूर्वाह्न - 09:36 पूर्वाह्न • सिंह (Leo): सुबह 9:36 - सुबह 11:49 • कन्या (कन्या): 11:49 पूर्वाह्न - 02:02 अपराह्न • तुला (Libra): दोपहर 2:02 - शाम 4:19 वृश्चिका (Scorpio): शाम 4:19 - शाम 6:36 • धनु (धनु): 06:36 अपराह्न - 08:40 अपराह्न • मकर राशि: रात 8:40 - रात 10:25 • कुंभ (Aquarius): रात 10:25 - रात 11:56 मीन (मीन): रात 11:56 - सुबह 01:25 (18 जून) • मेष (मेष): 01:25 पूर्वाह्न (18 जून) - 03:03 पूर्वाह्न (18 जून) • वृषभ (वृषभ): 03:03 पूर्वाह्न (18 जून) - 05:00 पूर्वाह्न (18 जून) |
🚩 स्थानीय त्यौहार और मनाए जाने वाले अवसर
| कार्यक्रम का शीर्षक | पालन संबंधी विशिष्ट विवरण |
| महाराणा प्रताप जयंती | 17 जून 2026 (बुधवार) को मनाया गया |
नोट: सभी समय वाराणसी को केंद्र मानकर भारतीय स्थानीय समय के अनुसार 12 घंटे के प्रारूप में दिखाए गए हैं। आधी रात (12 बजे) के बाद के घंटों को अगले दिन की तारीख के साथ अंकित किया जाता है। पंचांग में, एक दिन सूर्योदय से शुरू होता है और अगले सूर्योदय पर समाप्त होता है।












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