'उद्धव ठाकरे के सांसदों को 15-15 करोड़ देकर खरीदा जा रहा', संजय राउत के दावों से मचा हड़कंप
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना के दोनों धड़ों के बीच जारी संघर्ष एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। उद्धव ठाकरे गुट और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच वर्चस्व की लड़ाई अब चरम पर पहुंच चुकी है। शिवसेना यूटीबी में एक बार फिर बड़ी टूट की आशंका के बीच उद्धव राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बड़ा ही सनसनीखेज दावा करके माहौल को और गरमा दिया है।
संजय राउत ने मंगलवार को कहा, "शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों को पाला बदलने के लिए 15-15 करोड़ रुपये के ऑफर दिए जा रहे हैं।"

संजय राउत का दावा- '15-15 करोड़ देकर हमारे सांसदों को खरीदा जा रहा'
संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इस कथित खरीद-फरोख्त का खुलासा किया। उन्होंने लिखा कि "महाराष्ट्र के सांसदों को दल बदलने के लिए 15 करोड़ रुपये ऑफर किए गए हैं, जो बेहद हैरान करने वाला और निंदनीय है।
उद्धव ठाकरे के 9 में 6 सांसद क्या सच में शिंदे गुट में हो रहे शामिल?
संजय राउत ने उन कयासों को और हवा दे दी है, जिनमें लोकसभा चुनाव के बाद उद्धव ठाकरे गुट में एक बार फिर बड़ी टूट की संभावना जताई जा रही है। खबरों के मुताबिक, पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 7 सांसद अलग गुट बनाने की तैयारी कर रहे हैं और बाद में एननाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि दो बागी सांसद दिल्ली पहुंच चुके है और बाकी शिंदे गुट के संपर्क में हैं। इस पूरे घटनाक्रम को "ऑपरेशन टाइगर" के नाम से देखा जा रहा है। यदि यह योजना सफल होती है, तो उद्धव ठाकरे गुट को बड़ा झटका लग सकता है। Uddhav Thackeray की Shiv Sena में सेंध, कौन हैं वो 6 सांसद? 'शिवसेना स्थापना दिवस' के पहले दे सकते हैं झटका
उद्धव ठाकरे की बैठक से नदारद थे 5 सांसद
गौरतलब बात है कि मुंबई में उद्धव ठाकरे द्वारा रविवार को मातोश्री में बुलाई गई एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक में पार्टी के सभी सांसद मौजूद नहीं हुए। शिवसेना (यूबीटी) के कुल नौ लोकसभा सदस्यों में से सिर्फ चार ही व्यक्तिगत रूप से इस बैठक में शामिल हुए। अमरावती के नवनिर्वाचित सांसद संजय देशमुख की अनुपस्थिति पर कई राजनीतिक सवाल खड़े होने लगे, जिन्होंने पारिवारिक कारणों का हवाला दिया था।
पार्टी में फूट पर क्या बोले संजय राउत
हालांकि संजय राउत ने उन मीडिया रिपोर्टों को भी पूरी तरह से खारिज किया, जिनमें यह दावा किया गया था कि वे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर पार्टी में संभावित विभाजन को रोकने के लिए कोई बातचीत करने गए थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में उनकी उपस्थिति को लेकर कुछ लोग जानबूझकर झूठी अफवाहें उड़ा रहे हैं और पार्टी की ताकत को कमजोर आंकने की कोशिश कर रहे हैं। फिर टूट रही शिवसेना! एकनाथ शिंदे के 'ऑपरेशन टाइगर' से घबराए Uddhav Thackeray की जाति क्या है?
संजय राउत बोले- भाजपा सत्ता का कर रही दुरुपयोग
भारतीय जनता पार्टी और सत्तारूढ़ गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए संजय राउत ने कहा कि केंद्र और राज्य में सत्ता का दुरुपयोग कर विपक्षी दलों को कमजोर करने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी राजनीति में समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता और जब उनके अनुकूल दिन आएंगे, तो वे दिखाएंगे कि इस प्रकार की तोड़ने की राजनीति का जवाब किस तरह दिया जाता है।
उद्धव के सांसद संजय देशमुख क्या कर चुके है बगावत?
इस बीच, संजय देशमुख के दिल्ली दौरे और वहां केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव से हुई उनकी मुलाकात की तस्वीरों ने उद्धव खेमे की चिंताओं को काफी बढ़ा दिया। हालांकि देशमुख ने इस मुलाकात को पूरी तरह से व्यक्तिगत और शिष्टाचार भेंट करार दिया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे भविष्य में होने वाले किसी बड़े सियासी बदलाव के शुरुआती कदम के रूप में देखा जा रहा है। 'आकर कंफर्म करें कहीं नहीं जा रहे', गायब सांसदों को दिया अल्टीमेटम, ममता के साथ खेला के बाद खौफ में उद्धव!
क्या बोली शिंदे की शिवसेना?
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट ने शिवसेना (यूबीटी) में चल रही इस अंदरूनी खींचतान को भांपते हुए अपनी रणनीतियां तेज कर दी हैं। महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ नेता प्रताप सरनाईक का बयान इस बात का गवाह है कि वे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व से असंतुष्ट चल रहे जनप्रतिनिधियों को अपने पाले में लाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
प्रताप सरनाईक ने खुले तौर पर कहा कि अगर पार्टी के सांसदों और विधायकों को अपने वर्तमान संगठन पर विश्वास नहीं रहा है और वे दिवंगत बालासाहेब ठाकरे के आदर्शों को मानते हैं, तो एकनाथ शिंदे की शिवसेना में उनका स्वागत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिवसेना के विचार का समर्थन करने वाले ऐसे सभी नेताओं को पार्टी में पूरा सम्मान और प्राथमिकता दी जाएगी।












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