PM Modi Italy Visit: मोदी-मेलोनी दौर में कितना बढ़ा भारत का व्यापार? कितनी लकी रहीं इटली की PM?
PM Modi Italy Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी यूरोप यात्रा के आखिरी दिन इटली पहुंचे। इस दौरान इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने उनक गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद दोनों प्रधानमंत्रियों ने रोम के कुछ एतिहासिक इलाकों का दौरा भी किया। पीएम मोदी की इस यात्रा का मेन फोकस भारत और इटली के बीच कूटनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है। ऐसे में ये जानना जरूरी हो जाता है कि भारत में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने और इटली में जॉर्जिया मेलोनी की पीएम बनते ही दोनों देशों की के बीच व्यापार कितना बढ़ा।
कोविड के बाद आई रफ्तार
2021 से पहले जहां भारत-इटली व्यापार लगभग 13 बिलियन डॉलर के आसपास था, वहीं 2023-24 में यह बढ़कर लगभग 14.57 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। हालांकि 2024-25 में इसमें हल्की गिरावट आई, लेकिन व्यापार अब भी प्री-कोविड स्तर से काफी ऊपर बना हुआ है। हालांकि भारत और इटली के बीच कोई अलग द्विपक्षीय फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) नहीं है। यानी दोनों देश एक-दूसरे के सामान पर टैक्स लगाते हैं।

ग्राफिक्स से समझिए दोनों में कितना हुआ व्यापार?

भारत इटली को क्या-क्या बेचता है?
DGCI&S और IBEF के अनुसार भारत से इटली को प्रमुख निर्यात उत्पाद हैं-
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लोहा और इस्पात
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कपड़ा और रेडीमेड गारमेंट्स
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कैमिकल
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मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक्स
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ऑटोमोबाइल और पार्ट्स
भारत इटली से क्या-क्या खरीदता है?
भारत मुख्य रूप से इटली से इम्पोर्ट करता है-
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इंडस्ट्रियल मशीनरी
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मशीन टूल्स
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वाहन के पुर्जे
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फार्मास्यूटिकल्स
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केमिकल प्रोडक्ट्स
बढ़ती मशीनरी डिमांड और भविष्य की संभावना
2021 के बाद से भारत के निर्यात में इटली की मांग बढ़ी है, खासकर मशीनरी और औद्योगिक उपकरणों की। आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच तकनीक, ऊर्जा और मैन्युफैक्चरिंग में सहयोग और बढ़ने की उम्मीद है।
इस दौरे पर क्या रहेगा फोकस?
इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच उच्च स्तरीय बैठकें होंगी। कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (b) पर साइन होने की संभावना है। इंडिया ब्रांड इक्विटी फाउंडेशन (IBEF) के मुताबिक, ये समझौते-
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हरित ऊर्जा (Green Energy)
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डिजिटल टेक्नोलॉजी और इनोवेशन
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समुद्री बंदरगाह विकास
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औद्योगिक और मैन्युफैक्चरिंग
जैसे सेक्टर्स को लेकर हो सकते हैं।
भारत-EU के तहत हैं संबंध
इटली यूरोपीय संघ (European Union) का सदस्य देश है, इसलिए वह स्वतंत्र रूप से अलग व्यापार समझौता नहीं कर सकता। भारत और इटली के बीच व्यापार संबंध भारत-ईयू फ्री ट्रेड फ्रेमवर्क के तहत आते हैं। लेकिन इस पर अभी बात चल रही है ये लागू नहीं हुआ है।
कैसे हैं भारत और इटली के व्यापारिक रिश्ते?
दोनों देशों का व्यापार संबंध कॉम्प्लिमेंट्री है, यानी दोनों एक-दूसरे की जरूरतों को पूरा करते हैं।भारत लगातार इटली के साथ ट्रेड सरप्लस बनाए हुए है, यानी भारत इटली को अधिक निर्यात करता है।
दोनों को एक-दूजे से उम्मीदें
पीएम मोदी का इटली दौरा केवल एक राजनीतिक यात्रा नहीं बल्कि आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का बड़ा कदम है। भारत और इटली के बीच बढ़ता व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग आने वाले समय में दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को और मजबूती देगा।
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