यूक्रेन संकट: म्यूनिख में बोले विदेश मंत्री एस जयशंकर, कहा-सुलह के तरीकों पर करना होगा गौर
म्यूनिख, 19 फरवरी: विदेश मंत्री एस जयशंकर छह दिवसीय जर्मनी और फ्रांस दौरे पर हैं। 18 से 23 फरवरी तक चलने वाली विदेश यात्रा के दौरान शनिवार को जर्मनी के म्यूनिख में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अहम बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान यूक्रेन में उत्पन्न हुए नए शीत युद्ध जैसी स्थिति पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपनी प्रतिक्रिया दी। विदेश मंत्री ने कहा कि सुलह के तरीकों को देखना होगा।

म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए शुक्रवार को ही जयशंकर जर्मनी पहुंच गए थे। ऐसे में शनिवार को बैठक में हिस्सा लेने के बाद म्यूनिख में प्रेस को संबोधित करते हुए यूक्रेन संकट पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि यह बहुत अलग है। हम कहीं अधिक वैश्वीकृत, अंतर-मर्मज्ञ हैं.. स्थिति एक बहुत ही अलग तरह के दृष्टिकोण की मांग करती है। उन्होंने आगे कहा कि कूटनीति ही इसका उत्तर है। विदेश मंत्री के मुताबिक हमारा विचार है कि इस मुद्दे को केवल कूटनीतिक बातचीत से ही सुलझाया जा सकता है। विदेश मंत्री ने कहा कि सुलह के तरीकों पर गौर करना होगा।
वहीं इसके अलावा विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि इंडो-पैसिफिक में चुनौतियां यूरोप की तुलना में अलग हैं। पिछले 2 वर्षों में सबसे स्वागत योग्य विकास इंडो-पैसिफिक के लिए यूरोप की प्रतिबद्धता रही है, कुछ ऐसा जो हमारी स्थिरता और समृद्धि के लिए बहुत आवश्यक है।
वहीं इससे पहले विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने जर्मनी में विदेश मंत्री एनालेना बेरबॉक से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। मीटिंग में जलवायु परिवर्तन, द्विपक्षीय और वैश्विक स्तर पर ध्यान खींचा। इसके अलावा अफगानिस्तान, इंडो पैसिफिक और यूक्रेन-रूस के बीच चल रहे विवाद पर भी दोनों नेताओं के बीच मंथन हुआ।












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