Irani Nepo Kids: अमेरिका में मौज कर रहे ईरानी नेताओं-कमांडरों के बच्चे, जनता को गजब मूर्ख बनाया, देखें लिस्ट
Irani Nepo Kids: इजरायल-अमेरिका और ईरान में जबरदस्त जंग चल रही है। जिसमें ईरान की टॉप लीडरशिप और सैन्य नेतृत्व के लगभग सभी सीनियर कमांडर मारे जा चुके हैं। लेकिन जिस अमेरिका को ईरान हमेशा कोसता रहा और उसके मरने की दुआ पढ़ता रहा उसके टॉप लीडर और अधिकारियों के बच्चे उसी अमेरिका या फिर उसके सहयोगी देशों में या तो पढ़ रहे हैं फिर वहां नौकरी कर रहे हैं। इस लिस्ट में ऐसे-ऐसे नाम हैं कि आपको जानकर यकीन नहीं होगा। इस आर्टिकल को अगर आखिरी तक पढ़ेंगे तो ईरान की लीडरशिप की हिपोक्रेसी आपको समझ आएगी।
अली लारीजानी पर सबसे ज्यादा सवाल
इन आरोपों के केंद्र में ईरान के सीनियर लीडर और सैन्य कमांडर Ali Larijani हैं। हाल में लारीजानी एक अमेरिकी हमले में अपने बेटे के साथ मारे गए। वे लंबे समय से पश्चिमी देशों और उनकी जीवनशैली के आलोचक रहे हैं, लेकिन उनकी अपनी बेटी अमेरिका में रहती हैं, जबकि उनके दो भतीजे ब्रिटेन और कनाडा में बसे हुए हैं। इसी वजह से उनपर हमेशा डबल स्टैंडर्ड के आरोप लगे।

लारीजानी परिवार पर बढ़ता दबाव
लारीजानी की बेटी फातमेह अर्देशिर लारीजानी, जो Emory University के मेडिकल स्कूल में असिस्टेंट प्रोफेसर थीं, उन्हें एक ऑनलाइन याचिका के बाद नौकरी से हटा दिया गया। इस याचिका में उन्हें अमेरिका से बाहर करने की मांग की गई थी।
एक भतीजा यूके तो दूसरा कनाडा में
अली लारीजानी के भाई Mohammad-Javad Larijani के परिवार के भी वेस्ट में मजबूत कनेक्शन हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनका एक बेटा यूके की Glasgow Caledonian University में प्रोफेसर है, जबकि दूसरा बेटा कनाडा में Royal Bank of Canada में डायरेक्टर है।
मोजतबा खामेनेई का लंदन कनेक्शन
अली खामेनेई की मौत के बाद नए सुप्रीम लीडर बने मोजतबा खामेनेई का यूके से तगड़ा रिश्ता है। उनके यूके में कई जगहों पर प्रॉपर्टी हैं। लंदन में एक बंगला और कई कमर्शियल बिल्डिंग में मोजतबा का इन्वेस्टमेंट है। लेकिन अब यही मोजतबा ईरान के अगले रहनुमा बनकर बैठे हैं।
पूर्व राष्ट्रपति के परिजनों के जलवे
ईरान के पूर्व राष्ट्रपति Hassan Rouhani की भतीजी लंदन में Deutsche Bank में काम करती हैं और मिडिल ईस्ट से आने वाले इकोनॉमिक फ्लो की निगरानी करती हैं। इसी तरह, अन्य वरिष्ठ नेताओं के बच्चों के भी अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया में रहने के आरोप सामने आए हैं।
16 मिलियन डॉलर के घर का आरोप
पूर्व विदेश मंत्री Mohammad Javad Zarif के बेटे महदी ज़रीफ पर आरोप है कि वे अमेरिका में बेहद आलीशान जीवन जी रहे हैं। एक याचिका के अनुसार, 2021 तक वे मैनहट्टन में 16 मिलियन डॉलर (करीब 133 करोड़ रुपये) के घर में रहते थे।
और किस-किस के चिराग विदेश में काट रहे मौज?
ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad-Baqer Qalibaf के बेटे इलियास गालिबाफ ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं और वे भी इसी तरह की आलोचनाओं का सामना कर चुके हैं। इससे साफ है कि यह मुद्दा सिर्फ एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे शासक वर्ग पर सवाल खड़े कर रहा है।
"अगाज़ादेह" को लेकर जनता में गुस्सा
ईरान में "अगाज़ादेह" शब्द उन नेताओं के बच्चों के लिए इस्तेमाल होता है जो सत्ता के प्रभाव का फायदा उठाते हैं। इन पर जनता का गुस्सा बहुत ज्यादा है, खासकर तब जब जनवरी में हुए प्रदर्शनों में हजारों लोगों की मौत के दावे सामने आए थे। दरअसल इन नेताओं के बच्चों को पश्चिम में पढ़ने और रहने के लिए सरकारी पैसे से डॉलर में फंडिंग मिलती है। Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के एक कमांडर के मुताबिक, 2024 तक करीब 4,000 अधिकारियों के बच्चे और रिश्तेदार पश्चिमी देशों में रह रहे हैं।
किसने खोली पोल?
फिनलैंड के हेलसिंकी में रहने वाले ईरानी लेखक और मानवाधिकार कार्यकर्ता Kambiz Ghaffouri ने कहा था कि ईरानी शासकों ने आम ईरानियों के लिए देश को नरक बना दिया है, जबकि अपने बच्चों को आरामदायक जिंदगी के लिए विदेश भेज दिया। उनका मानना है कि अगर इस मुद्दे पर जनमत संग्रह हो, तो 90% से ज्यादा लोग इन बच्चों को वापस ईरान बुलाने के पक्ष में होंगे। यह ईरानी नेताओं और कमांडरों के इस्लामिक क्रांति के नाम पर पाखंड को दिखाता है।
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