Fruits Vegetables Price Hike: अंगूर 250, संतरा 200,केला 85! क्यों बढ़े फलों के दाम,सब्जियां भी होंगी महंगी?
Fruits Vegetables Price Hike: दिल्ली-नोएडा में चैत्र नवरात्र के बीच फलों और सब्जियों के दाम में हलचल तेज हो गई है। बीते 2-3 दिनों में बदले मौसम, खासकर 18 मार्च की शाम की बारिश के बाद मंडियों का पूरा समीकरण बदल गया है।
थोक स्तर पर कीमतों में ज्यादा उछाल नहीं दिखा, लेकिन लोकल बाजारों में ग्राहकों को फलों के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ रहे हैं। 21 मार्च तक कुछ फलों के दाम में करीब 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

कौन-कौन से फल हुए महंगे? (Which Fruits Became Costly)
स्थानीय बाजारों में अंगूर, अनार और संतरे की कीमतें 200 से 250 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं। संतरा 120 से 200 रुपये के बीच बिक रहा है। सबसे ज्यादा असर केले पर दिखा है, जो पहले 40-50 रुपये प्रति दर्जन मिल रहा था, अब 80-85 रुपये तक पहुंच गया है। सेब और खरबूजा भी महंगे बिक रहे हैं। नवरात्र की वजह से केला, पपीता, चीकू और अमरूद जैसे फलों की मांग लगातार बनी हुई है, जिससे कीमतों में और दबाव बना हुआ है।

थोक सस्ता, खुदरा महंगा क्यों? (Wholesale vs Retail Price Gap)
एशिया की सबसे बड़ी फल-सब्जी मंडी आजादपुर मंडी में शुक्रवार को खरीदारों की संख्या कम रही। इसका असर थोक बाजार में दिखा, जहां व्यापारियों को कम मार्जिन पर माल बेचना पड़ा। हालांकि, खुदरा विक्रेताओं ने इसका फायदा ग्राहकों को नहीं दिया। नवरात्र की बढ़ती मांग के कारण लोकल बाजारों में फल महंगे ही बिक रहे हैं। यानी मंडी में सस्ता और बाजार में महंगा का ट्रेंड साफ दिख रहा है।
क्या सब्जियां भी होंगी महंगी? (Will Vegetables Prices Rise Too)
फलों के साथ-साथ हरी सब्जियों के दाम भी धीरे-धीरे बढ़ने लगे हैं। खुदरा बाजारों में सब्जियां 7 से 10 फीसदी तक महंगी हो चुकी हैं। रविवार को मंडी बंद रहने वाली है, ऐसे में सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है। अगर बाजारों में सब्जियों की कमी हुई, तो आने वाले दिनों में इनके दाम और बढ़ सकते हैं।
क्या कहते हैं मंडी एसोसिएशन वाले?
आजादपुर मंडी मर्चेंट एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी सनी लांबा के मुताबिक, फिलहाल थोक स्तर पर सब्जियों की कीमतों में बड़ा बदलाव नहीं है। उन्होंने कहा कि रविवार को मंडी बंद रहती है, इसलिए जिन इलाकों में स्टॉक कम होगा, वहां कीमतें बढ़ सकती हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि आलू की कीमतें अभी काफी कम हैं और इस हल्की बारिश का उस पर खास असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, उन्होंने माना कि अगर मौसम ऐसा ही रहा तो आने वाले दिनों में सब्जियों के दाम बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल स्थिति साफ संकेत दे रही है कि नवरात्र और मौसम के डबल असर से फलों की कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं। सब्जियों के दाम अभी नियंत्रण में हैं, लेकिन सप्लाई प्रभावित हुई तो ये भी महंगी हो सकती हैं। यानी आने वाले दिनों में आम आदमी की जेब पर और बोझ बढ़ने के आसार हैं।
FAQs
1. अभी सबसे ज्यादा महंगा कौन सा फल है?
अंगूर और अनार 200-250 रुपये प्रति किलो तक बिक रहे हैं, जो इस समय सबसे महंगे हैं।
2. केले की कीमत में इतना उछाल क्यों आया?
नवरात्र के दौरान व्रत में केले की मांग बढ़ जाती है, इसी वजह से इसकी कीमत दोगुनी तक पहुंच गई है।
3. क्या सब्जियों के दाम भी बढ़ेंगे?
फिलहाल हल्की बढ़ोतरी दिख रही है, लेकिन सप्लाई प्रभावित हुई तो कीमतें और बढ़ सकती हैं।
4. थोक बाजार सस्ता और खुदरा महंगा क्यों है?
मंडी में मांग कम होने से कीमतें कम हैं, लेकिन लोकल बाजारों में नवरात्र की वजह से मांग ज्यादा है, इसलिए रेट बढ़े हुए हैं।
5. क्या बारिश का असर कीमतों पर पड़ा है?
हां, बारिश के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।












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