'अमेरिका-भारत संबंधों को मजबूत करने के लिए ट्रम्प प्रशासन उत्सुक', वाशिंगटन में बोले एस जयशंकर
अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ समारोह में शामिल होने के बाद बुधवार को वाशिंगटन डीसी में मीडिया से बात करते हुए भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि ट्रम्प प्रशासन भारत के साथ संबंधों को गहरा करने को प्राथमिकता दे रहा है।
जयशंकर ने वाशिंगटन में मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि ट्रम्प प्रशासन "क्वाड" को भी आगे बढ़ाने और इसकी गतिविधियों को तेज करने के लिए उत्सुक है। उन्होंने कहा कि मजबूत आधार पर संबंधों को और मजबूत किया जा रहा है।

मीडिया से बात करते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, "ट्रम्प प्रशासन भारत के साथ संबंधों को और मजबूत करना चाहता है। राष्ट्रपति ट्रम्प और प्रधानमंत्री मोदी ने पहले भी कई अहम पहल की थीं, जो अब और भी मजबूत होती दिख रही हैं।"
उन्होंने यह भी बताया कि क्वाड (भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया का एक समूह) पर चर्चा के दौरान स्पष्ट हुआ कि वर्तमान अमेरिकी प्रशासन भी क्वाड को अधिक प्रभावी बनाने में सहयोग देने के लिए तैयार है।
जयशंकर ने शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया
इस दौरान जयशंकर की अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से भी मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। इसमें व्यापार, रक्षा, तकनीक और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग जैसे मुद्दे शामिल थे। बता दें कि जयशंकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष दूत के रूप में शामिल हुए। उन्होंने ट्रम्प को मोदी का एक पत्र भी सौंपा। डोनाल्ड ट्रंप ने 20 जनवरी को 47वें अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी।
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यह बैठक सचिव रुबियो की पदभार ग्रहण करने के बाद पहली द्विपक्षीय बातचीत थी। दोनों नेताओं ने महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों, रक्षा, ऊर्जा और एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र की उन्नति जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर जोर दिया।
भारत-अमेरिका साझेदारी के अहम मुद्दे
जयशंकर और रुबियो ने कई अहम क्षेत्रों पर चर्चा की, जैसे-
- तकनीक और नवाचार: दोनों देशों के बीच नई तकनीकों और सुरक्षा ढांचे पर सहयोग को बढ़ावा देना।
- व्यापार और आर्थिक संबंध: दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करना।
- हिंद-प्रशांत क्षेत्र: इस क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए मिलकर काम करना।
जयशंकर ने कहा, "सचिव रुबियो के साथ हमारी चर्चा सकारात्मक रही। हम आने वाले समय में भारत-अमेरिका संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए मिलकर काम करेंगे।"
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भारतीय-अमेरिकी समुदाय की भूमिका
जयशंकर ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका में रहने वाले लगभग 4.4 मिलियन भारतीय अमेरिकी दोनों देशों के बीच मजबूत संबंध बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। यह समुदाय राजनीति, तकनीक और व्यापार जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। वर्तमान में भारतीय मूल के 5 लोग अमेरिकी कांग्रेस का हिस्सा हैं।
भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते सहयोग से दोनों देशों को वैश्विक स्तर पर नई संभावनाएं मिल रही हैं। जयशंकर ने भरोसा जताया कि ये संबंध आने वाले समय में और मजबूत होंगे।












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