चीन के खिलाफ बड़बोले डोनाल्ड ट्रंप की हेकड़ी पहले हफ्ते ही टूटी? 60% की जगह सिर्फ 10% टैरिफ लगाने का ऐलान
Donald Trump Imposes Tarrif of China: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के खिलाफ 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है और उन्होंने कहा है, कि वह 1 फरवरी को चीनी सामानों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का इरादा रखते हैं। ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में टिप्पणी करते हुए कहा, कि वह फेंटेनाइल संकट को बढ़ावा देने में चीन की भूमिका की वजह से उस पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का इरादा रखते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "हम इस तथ्य के आधार पर चीन पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की बात कर रहे हैं, कि वे मेक्सिको और कनाडा को फेंटेनाइल भेज रहे हैं।"

चीन के खिलाफ डोनाल्ड ट्रंप ने किया टैरिफ का ऐलान (Donald Trump announces tariffs against China)
आपको बता दें, कि फेंटेनाइल एक ओपिओइड (opioid) है जिसका उपयोग दर्द निवारक दवा में किया जाता है। हालांकि, इसे लंबे समय से संयुक्त राज्य अमेरिका में एक सिंथेटिक दवा के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है और इसने एक ऐसी लत को बढ़ावा दिया है, जिसने हाल ही में सैकड़ों हजारों अमेरिकियों की जान ले ली है। बहुत सारा फेंटेनाइल चीन में बनाया जाता है और मेक्सिको के जरिए संयुक्त राज्य अमेरिका में सप्लाई किया जाता है।
इससे पहले, सोमवार को डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था, कि वे संयुक्त राज्य अमेरिका में फेंटेनाइल जैसी दवाओं और अवैध अप्रवासियों के प्रवाह को रोकने में नाकाम रहने के लिए मेक्सिको और कनाडा पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाएंगे। हालांकि, 2024 के राष्ट्रपति चुनाव जीतने के तुरंत बाद, उन्होंने कहा था, कि वे अपने दूसरे कार्यकाल के पहले दिन मेक्सिको और कनाडा पर 25 प्रतिशत और चीन पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाएंगे।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है, कि उन्होंने पिछले हफ्ते चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपनी बातचीत में इस मुद्दे का उल्लेख किया था।
उन्होंने कहा, कि "मैंने दूसरे दिन राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ भी चीन के बारे में बात की थी। मैंने कहा, हम अपने देश में ऐसी बकवास नहीं चाहते। हमें इसे रोकना होगा। हम चीन पर 10% टैरिफ लगाने की बात कर रहे हैं, क्योंकि वे मेक्सिको और कनाडा को फेंटेनाइल भेज रहे हैं।"
चीन पर अमेरिकी टैरिफ का असर क्या होगा? (What will be the impact of US tariffs on China?)
डोनाल्ड ट्रंप ने जो 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है, वो फिलहाल में चीनी सामानों के निर्यात पर जो टैक्स वसूला जाता है, उसके ऊपर होगा। यानि, पुराने टैरिफ के अलावा नया टैरिफ भी होगा। ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में जो टैरिफ लगाए थे, उसके बाद पिछले राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कई टैरिफ और व्यापार प्रतिबंध लगाए थे, जैसे कि चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी), धातुओं, सौर पैनलों आदि पर भारी टैरिफ और चीनी सेमीकंडक्टर और अन्य उच्च तकनीक उद्योगों पर व्यापार प्रतिबंध।
भले ही ट्रंप ने अमेरिका के मुख्य प्रतिद्वंद्वी चीन को टैरिफ की धमकी दी है, लेकिन यह उससे कहीं कम है, जिसकी धमकी उन्होंने अपने सहयोगियों को दी है। जहां अमेरिका के पड़ोसी और सहयोगी देश कनाडा और मैक्सिको को 25 प्रतिशत टैरिफ की धमकी दी गई है, वहीं चीन को सिर्फ 10 प्रतिशत टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है।
सिर्फ 10 प्रतिशत टैरिफ लगाना, डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से दिए गये पुरानी धमकी से यूटर्न है। ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान चीनी सामानों पर 60 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी थी दी, लेकिन लगाया सिर्फ 10 प्रतिशत है।
ट्रंप ने लंबे समय से टैरिफ का इस्तेमाल देशों के साथ अनुकूल सौदे पर पहुंचने के लिए बातचीत की रणनीति के रूप में किया है। ऐसा लगता है कि अब वह टैरिफ की धमकियों का इस्तेमाल संयुक्त राज्य अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा-समझौते (USMCA) और चीन के साथ व्यापार समझौते पर फिर से बातचीत करने के लिए कर रहे हैं, जिस पर उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में हस्ताक्षर किए थे। चीन के साथ यह सौदा पूरी तरह नाकाम हो गया।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को वाणिज्य और वित्त विभाग के साथ-साथ व्यापार प्रतिनिधि को देशों के साथ अमेरिकी व्यापार घाटे की समीक्षा करने, अमेरिका के साथ व्यापार में देशों की अनुचित प्रथाओं की पहचान करने और चीन के साथ 2020 के यूएसएमसीए और चरण एक व्यापार समझौते जैसे मौजूदा व्यापार सौदों की समीक्षा करने का आदेश दिया है।












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