भारत को नुकसान पहुंचाने के लिए आईएसआई करती जेएमबी की मदद
ढाका। बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शुक्रवार आधी रात एक कैफे में हुए आतंकी हमले में अब पाकिस्तान की इंटेलीजेंस एजेंसी आईएसआई के शामिल होने के भी संकेत मिले हैं। ढाका में सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि वह इस हमले में आईएसआईएस की भूमिका को जरूर खारिज कर चुके हैं लेकिन अब उनका पूरा ध्यान जमात-उल-मुजाहिद्दीन यानी जेएमबी और पाक इंटेलीजेंस एजेंसी आईएसआई की मिलीभगत की जांच पर है।

जेएमबी की फंडिंग करती आईएसआई
ढाका में हुए आतंकी हमले के लिए जेएमबी को जिम्मेदार बताया गया है। जेएमबी इस वर्ष ही अब तक 15 हमलों का अंजाम दे चुका है। जेएमबी का नाम सामने आने के बाद अब बांग्लादेश के पास इस बात की जांच करने की
सारी वजहें हैं कि वह आईएसआई के रोल की भी जांच करे।
माना जाता है कि आईएसआई ही जेएमबी की फंडिंग करती है। यह बात और भी खास इसलिए और भी हो जाती है क्योंकि बांग्लादेश में पाक के डिप्लोमैट को हाल ही में देश छोड़ने के लिए कहा गया था।
पहले भी तैयार किया था प्लान
आईएसआई ने बहुत वर्षों पहले एक प्लान तैयार किया था जिसमें बांग्लादेश के जरिए भारत को निशाना बनाने की तैयारी थी। पहले इसके लिए बांग्लादेश में हरकत-उल-जेहाद इस्लामी या फिर हूजी नामक एक आतंकी संगठन को तैयार किया गया।
हूजी को लश्कर-ए-तैयबा की ही शाखा माना जाता है। लश्कर हां कश्मीर के रास्ते भारत पर आतंकी हमले की साजिश बना रहा था तो वहीं हूजी बांग्लादेश के जरिए भारत को निशाना बनाना चाहता था। लेकिन हूजी का अस्तित्व खत्म हो
गया और फिर आईएसआई ने जेएमबी को तैयार किया।
आईएसआई के लिए फायदे का सौदा
23 दिसंबर 2015 को पाक डिप्लोमैट फरीमा अरशद को बांग्लादेश छोड़ने का आदेश दिया गया था। एक जांच में पाया गया था फरीमा पाक से जेएमबी के लिए फंड इकट्ठा कर रही थीं।
आईएसआई भारत की वजह से जेएमबी की फंडिंग को जारी रखेगी। आईएसआई जानती है कि जेएमबी की मदद से वह असम और पश्चिम बंगाल में आतंकियों को भेज सकती है। ऐसे में आईएसआई के लिए यह एक फायदे का सौदा साबित हो सकता है।












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