कनाडा में भारतीय छात्रों की छूट रही पढ़ाई, जानें सरकार ने क्या खोजा उपाय
आईआरसीसी) के एक प्रवक्ता ने कहा, "हम वैश्विक स्तर पर अपनी सेवाओं के लिए प्रतीक्षा समय को कम करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।"
नई दिल्ली/टोरंटो, 27 अगस्त : भारत से हजारों छात्र हर साल कनाडा पढ़ाई करने के लिए जाते हैं। इस बार अध्ययन परमिट के लिए हजारों आवेदन पेंडिंग में पड़े हुए हैं। इसको देखते हुए कनाडा सरकार ने एक नया उपाय खोजा है। जानकारी के मुताबिक, हजारों आवेदन को लंबित रहने के कारण सरकार ने उन छात्रों को प्राथिमिकता दे रही है जो जिनकी पढ़ाई सितंबर से शुरू होने वाली है। जबकि दूरस्थ शिक्षा विकल्प को एक और वर्ष तक बढ़ा दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, भारत के लोगों द्वारा जमा किए गए 75,000 से अधिक अध्ययन परमिट आवेदन प्रसंस्करण सूची ( processing stage) में थे। ये कनाडा के उच्च शिक्षा संस्थान में अध्ययन करने के इच्छुक भारतीयों द्वारा प्राप्त किए गए वीजा हैं।

भारत से हजारों छात्र कनाडा जाते हैं पढ़ाई करने
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, आप्रवासन, शरणार्थियों और नागरिकता कनाडा (आईआरसीसी) के एक प्रवक्ता ने कहा,कि वे वैश्विक स्तर पर परेशानी कम करने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं, ताकि छात्रों को कम इंतजार करना पड़े। स्टॉपगैप के रूप में, IRCC 31 अगस्त, 2023 तक दूरस्थ शिक्षा उपायों का विस्तार कर रहा है। ये कोविड -19 महामारी के दौरान पेश किए गए थे। विदेश से ऑनलाइन अध्ययन करने वाले अंतर्राष्ट्रीय छात्र या जो 31 अगस्त, 2022 के बाद अध्ययन परमिट आवेदन जमा करते हैं, वे अपने 100 फीसदी कार्यक्रमों को ऑनलाइन पूरा करने में आगे भी सक्षम होंगे।

कनाडा में पढ़ाई के दौरान ट्यूशन पर खर्च
बता दें कि, भारत के 2 लाख 30 हजार से अधिक छात्र कनाडा में पोस्ट-माध्यमिक संस्थानों में नामांकित हैं। आंकड़ों के मुताबिक कनाडा में पढ़ने वाले भारतीय विद्यार्थी सिर्फ ट्यूशन फीस में अनुमानित 4 बिलियन कनाडाई डॉलर खर्च कर देते है। इस हिसाब से आप सोच सकते हैं कि, भारत से जाने वाले छात्र कनाडा की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अपना कितना योगदान देते हैं।

75,000 से अधिक अध्ययन परमिट प्रोसेसिंग स्टेज में
प्रवक्ता ने कहा, "15 अगस्त तक, भारत के लोगों द्वारा जमा किए गए 75,000 से अधिक अध्ययन परमिट आवेदन प्रसंस्करण सूची में थे। ये कनाडा के उच्च शिक्षा संस्थान में अध्ययन करने के इच्छुक भारतीयों द्वारा प्राप्त किए गए वीजा हैं। प्रसंस्करण सूची लंबित रहने वाले मामलों में बैकलॉग है।

अध्ययन परमिट आवेदनों की संख्या में वृद्धि
IRCC के मुताबिक, बड़े इन्वेंट्री बैकलॉग का मुख्य कारण इस साल अध्ययन परमिट आवेदनों की संख्या में वृद्धि होना है। 2022 के पहले पांच महीनों में, IRCC को भारतीय छात्रों से लगभग 123,500 अध्ययन परमिट आवेदन प्राप्त हुए । ये आवेदन 2019 में इसी अवधि के दौरान महामारी से पहले की तुलना में 55 फीसदी अधिक है।
(Photo Credit : Twitter & Facebook)
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