बाबरी विध्वंस मामले में नहीं हटेंगे लालकृष्ण आडवाणी पर लगे आरोप, सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश

कोर्ट ने पहले भी कई बार यह सवाल उठाया था कि इस मामले में आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती और कल्याण सिंह पर साजिश रचने के आरोप फिर से क्यों नहीं लगाए जा रहे।

नई दिल्ली। बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सुप्रीम कोर्ट से बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और अन्य आरोपियों को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने कहा कि आडवाणी और अन्य आरोपियों के खिलाफ लगे आरोपों को तकनीकी कारणों से हटाया नहीं जा सकता। निचली अदालत में सुनवाई के दौरान साल 2001 में इन नेताओं पर लगे आरोपों को हटा दिया गया था।

बाबरी विध्वंस मामले में बढ़ सकती हैं लालकृष्ण आडवाणी की मुश्किलें

सीबीआई ने 9 महीने बाद की अपील
निचली अदालत के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील गई है। कोर्ट ने पहले भी कई बार यह सवाल उठाया था कि इस मामले में साजिश रचने के आरोप आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती और कल्याण सिंह पर फिर से क्यों नहीं लगाए जा रहे। निचली अदालत ने इन नेताओं पर लगे आरोप खारिज किए थे, और उसी आदेश को 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरकरार रखा था। इस मामले में सीबीआई ने 9 महीने बाद अपील की थी। READ ALSO: यूपी विधानसभा चुनाव 2017: वाराणसी में पीएम मोदी के रोड शो की 8 खास बातें

कोर्ट में दी थी ये दलील
सीबीआई की अपील के खिलाफ आडवाणी और अन्य ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देकर आरोप खारिज करने की मांग की थी। इसके पीछे अपील दायर करने में हुई देरी को वजह बताया गया था। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि किसी पर भी लगे आरोपों को हटाया नहीं जाएगा। क्योंकि यह केस के तकनीकी कारणों से भी जुड़े हैं। READ ALSO: बीजेपी सरकार के मंत्री ने अकबर को बताया 'आतंककारी', मिली धमकी

कोर्ट ने बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले की सुनवाई में हो रही देरी पर चिंता जताई और कहा कि इससे जुड़े मामलों को एक साथ जोड़कर सुनवाई की जाए।

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