7 तारीख, 7 बयान: क्या सोच समझकर ही बयान देते हैं देश के नेता?
देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले ही विवादित बयानों की लाइन लग गई है। सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग की सख्त हिदायत के बाद भी नेता नहीं मान रहे हैं।
नई दिल्ली। देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले ही विवादित बयानों की लाइन लग गई है। सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग की सख्त हिदायत के बाद भी नेता नहीं मान रहे हैं और एक बाद एक करके विवादास्पद बयान देते जा रहे हैं। सवाल यह उठता है कि क्या यह सभी नेता एक योजना के तहत यह बयान देते हैं या फिर फिर ऐसे ही इनके मुंह से यह बात निकल जाती है। हर बार चुनावों से पहले ऐसे बयान सुनने को मिलते हैं। भाजपा सांसद साक्षी महाराज, हरियाणा सरकार में मंत्री अनिल विज, संघ प्रचारक मनमोहन वैद्य, भाजपा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य, भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद विनय कटियार, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और जनता दल यूनाइटेड के नेता-राज्यसभा सांसद शरद यादव विवादित बयान दे चुके हैं। इस पूरी स्टोरी में हम आपको बता रहे हैं कि कब-कब नेताओं ने क्या-क्या बोला है?


चार बीवियों और चालीस बच्चों की बातें
6 जनवरी, 2016- साक्षी महाराज ने यूपी के मेरठ में 6 जनवरी को एक संत सम्मेलन के दौरान मुस्लिम समुदाय को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा कि जनसंख्या वृद्धि के कारण देश में समस्याएं खड़ी हो रही हैं। उसके लिए हिंदू जिम्मेदार नहीं हैं। जिम्मेदार तो वो हैं जो चार बीवियों और चालीस बच्चों की बातें करते हैं। बीजेपी सांसद के बयान की शिकायत मिलने पर आयोग ने उन्हें नोटिस जारी किया था। जिस पर उन्होंनें कहा था कि उन्हें अंग्रेजी नहीं आती इसलिए हिन्दी में नोटिस दिया जाए। 11 जनवरी को उत्तर प्रदेश के उन्नाव से भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने चुनाव आयोग की ओर से दिए गए कारण बताओ नोटिस जवाब दिया है। बीजेपी सांसद ने माफी मांगने से इंकार करते हुए अपने जवाब में कहा कि मैंने कोई भी गलत बयान नहीं दिया है, मैंने किसी समुदाय का नाम भी नहीं लिया। उन्होंने कहा कि जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण लगना चाहिए और महिलाएं बच्चा पैदा करने की मशीन नहीं हैं। उन्होंने अपने बयान को सही साबित करने के लिए कहा कि वो धार्मिक कार्यक्रम में बोल रहे थे। साक्षी महाराज के जवाब के बाद आयोग ने कड़े शब्दों में उनको फटकार लगाई है।

खादी के साथ गांधी का नाम जुड़ा है, खादी उठ ही नहीं सकी
14 जनवरी, 2016-खादी ग्रामोद्योग के कैलेंडर पर महात्मा गांधी की जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर आने पर राजनीतिक गलियारों में विवाद शुरु हो गया था। इस विवाद के बीच में ही हरियाणा की भाजपा सरकार में मंत्री अनिल विज ने विवादित बयान देते हुए कहा था कि खादी के साथ गांधी का नाम जुड़ा है, खादी उठ ही नहीं सकी, बल्कि डूब गई। अनिल विज यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि गांधी का ऐसा नाम है कि जिस दिन से उनकी तस्वीर नोट पर छपी है, उस दिन से नोट की कीमत ही घट गई। हरियाणा के मंत्री ने कहा कि अच्छा हुआ कि गांधी की जगह कैलेंडर में मोदी की फोटो लगाई है। मोदी ज्यादा बड़ा ब्रांड नेम हैं। मोदी का फोटो लगने से खादी की सेल 14 प्रतिशत बढ़ी है। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि आपकी सरकार में नए नोट छापे गए हैं, तो वहां से गांधी क्यों नहीं हटाए गए, इस पर उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे नोटों पर से भी गांधी हट जाएंगे। हालांकि जब उनके बयान पर विवाद बढ़ा तो उन्होंने इसे वापस ले लिया। उन्होंने कहा था कि महात्मा गांधी को लेकर दिया गया बयान मेरा निजी मत है। अगर मेरे बयान से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं इस बयान को वापस लेता हूं।

कांग्रेस के चुनाव चिन्ह की धर्मों के साथ की तुलना
18 जनवरी, 2016 -दिल्ली में हुए जन वेदना सम्मेलन में राहुल गांधी ने जन प्रतिनिधित्व कानून की धारा 1951, आदर्श आचार संहिता और सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश का उल्लंघन किया है। राहुल गांधी ने कांग्रेस के चुनाव चिन्ह हाथ के पंजे को भगवान शिव, गुरुनानक, भगवान बुद्ध, इस्लाम, भगवान महावीर और मोसेस से जोड़कर बयान दिया था जोकि स्पष्ट रूप से आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। भाजपा की तरफ से चुनाव आयोग को उस भाषण की एक सीडी भी सौंपी गई है जिसमें राहुल गांधी का जन वेदना सम्मेलन में दिया गया भाषण है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि राहुल गांधी का बयान लोगों के मन में गलत और निराधार विचार डालना है कि शिव, गुरुनानक, बुद्ध और महावीर की तस्वीर कांग्रेस के चुनाव चिन्ह को दर्शाती है।

आरक्षण पूरी तरह खत्म कर दिया जाना चाहिए
20 जनवरी, 2016-आरएसएस प्रवक्ता मनमोहन वैद्य ने शुक्रवार को कहा कि आरक्षण पूरी तरह खत्म कर दिया जाना चाहिए। जयपुर में लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, 'आरक्षण के नाम पर सालों तक लोगों को अलग करके रखा गया, इसे खत्म करने की जिम्मेदारी हमारी है। सभी को साथ लाने के लिए आरक्षण खत्म करना होगा। आरक्षण से अलगाववाद को बढ़ावा मिलता है इसलिए आरक्षण के बजाय अवसर को बढ़ावा देना चाहिए।' हालांकि विपक्षी पार्टियों की ओर से घेरे जाने के बाद आरएसएस प्रवक्ता ने अपना बयान वापस ले लिया लेकिन कांग्रेस और दूसरी पार्टियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस पर माफी की मांग कर रही हैं। आरएसएस प्रवक्ता मोहन वैद्य ने बयान पर बवाल मचता देख सफाई दी है। उन्होंने कहा, 'मैंने धर्म के आधार पर आरक्षण का विरोध किया था। मैंने यह कहा था कि जब तक समाज में लोगों के बीच भेदभाव है, तब तक आरक्षण रहेगा। धर्म के आधार पर आरक्षण देने से अलगाववाद बढ़ रहा है। संघ आरक्षण के पक्ष में है। दलितों और पिछड़ों को आरक्षण मिलना चाहिए।' चुनावी लिहाज से देखें तो वैद्य के बयान का असर बीजेपी के वोटों में पड़ सकता है। यूपी में 21 फीसदी दलित और 40 फीसदी ओबीसी मतदाता हैं। जबकि पंजाब में 30 फीसदी दलित वोटर हैं। अगर ये वोटर आरक्षण के मुद्दे की वजह से बीजेपी के हाथ से निकल गए तो पार्टी को काफी नुकसान होगा।

भाजपा की बनी पूर्ण बहुमत की सरकार तो बनेगा भव्य राम मंदिर
24 जनवरी, 2006-उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले एक बाद फिर से भारतीय जनता पार्टी ने राम मंदिर का मुद्दा उठाया है। भाजपा ने फिर से राम मंदिर के मुद्दे को हवा देते हुए कहा है कि अगर प्रदेश में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी तो अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अगर यूपी में भाजपा की सरकार बनती है तो उनकी सरकार अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण करवाएगी।

बेटी की इज्जत से बढ़कर है वोट की इज्जत'
25 जनवरी, 2016-अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चाओं में रहने वाले जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष और सांसद शरद यादव ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। शरद यादव ने एक कार्यक्रम में कहा कि वोट की इज्जत बेटी की इज्जत से भी बढ़कर है। उन्होंने कहा कि बेटी की इज्जत जाएगी तो गांव और मोहल्ले की इज्जत जाएगी लेकिन अगर वोट एक बार बिक गया तो इलाके की, देश की, सूबे की इज्जत और आबरू चली जाएगी और आने वाला सपना पूरा नहीं होगा।

प्रियंका गांधी से ज्यादा खूबसूरत महिलाएं स्टार प्रचारक हैं
25 जनवरी 2016-पूर्व राज्यसभा सांसद और भाजपा नेता विनय कटियार ने कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल प्रियंका गांधी पर निशाना साधा है। कांग्रेस के 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट में प्रियंका गांधी का नाम है और विनय कटियार ने प्रियंका गांधी का नाम स्टार प्रचारकों में शामिल होने पर कहा कि प्रियंका गांधी से जयादा बहुत सी सुदंर महिलाएं हैं जो प्रचारक हैं। उन्होंने कहा कि कुछ अभिनेत्रियां और कलाकार हैं, जो उनसे ज्यादा खूबसूरत हैं। आपको बताते चले कि भाजपा ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए अपनी जो 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी की है, उसमें विनय कटियार का नाम भी नहीं है।
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