उत्तराखंड पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 10 करोड़ की नकली NCERT बुक्स का जखीरा बरामद, जानिए कैसे चल रहा था खेल
fake NCERT books was recovered उत्तराखंड पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 करोड़ रुपये मूल्य की नकली NCERT पुस्तकों का बड़ा जखीरा बरामद किया है। लोगों को कन्फ्यूज करने के लिए किताबों में "NCERT" की जगह पर "ACERT" लिखा हुआ था, जिससे किसी को शक न हो।
उत्तराखण्ड पुलिस को उधमसिंहनगर में एक बड़ी सफलता मिली है। कार्रवाई में भारी मात्रा में नकली एनसीईआरटी पुस्तकों की बरामदगी का खुलासा हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कोतवाली रुद्रपुर पुलिस टीम द्वारा आनंदम रिजॉर्ट के पास एक कैंटर वाहन को रोककर चेकिंग की गई।

वाहन चालक ने कैंटर में किताबें होने तथा उन्हें मेरठ से लाने की जानकारी दी। कागजातों की जांच के दौरान चालक के पास ई-वे बिल नहीं पाया गया तथा प्रस्तुत बिलों में भिन्नता मिलने पर संदेह उत्पन्न हुआ। जांच के दौरान कैंटर के अंदर अत्यधिक मात्रा में एनसीईआरटी की पुस्तकें पाई गईं। चालक द्वारा संबंधित गोदाम भी दिखाया गया। संदिग्धता के आधार पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने प्रथम दृष्टया पुस्तकों को नकली बताया।
जिसके बाद मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में गोदाम का निरीक्षण किया गया, जहां लगभग 10 लाख पुस्तकों का भंडारण पाया गया। जांच में गोदाम स्वामी का नाम राजेश कुमार जैन पाया गया, जबकि उक्त गोदाम संदीप नामक व्यक्ति को किराये पर दिया गया था। एनसीईआरटी, नई दिल्ली से आई जांच टीम द्वारा पुस्तकों की गुणवत्ता की जांच में यह पाया गया कि छपाई, कागज, बाइंडिंग एवं कवर डिजाइन निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थे।
साथ ही एनसीईआरटी के लोगो में कूटरचना करते हुए "NCERT" के स्थान पर "ACERT" अंकित कर आमजन को भ्रमित करने हेतु पुस्तकों का मुद्रण, वितरण एवं भंडारण किया जा रहा था। दिल्ली से आई NCERT की टीम द्वारा पुस्तक सामग्री नकली होने की पुष्टि करने पर इस संबंध में कोतवाली रुद्रपुर में अभियोग पंजीकृत किया गया है, जिसकी विवेचना प्रचलित है। पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड दीपम सेठ द्वारा पुलिस टीम के इस उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए 20,000 रुपये की धनराशि से पुरुस्कृत करने की घोषणा की गई है।












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