Who Was Satish: धर्मशाला में पैराग्लाइडिंग हादसे में जान गंवाने वाले सतीश कौन? ट्रेक ऑफ के वक्त हुई घटना
Dharamshala Paragliding Accident: हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में एक दुखद पैराग्लाइडिंग हादसे में गुजरात के अहमदाबाद निवासी 25 वर्षीय सतीश की जान चली गई। यह घटना इंद्रुनाग पैराग्लाइडिंग साइट के पास बंगोटू में हुई, जो एक गैर-अधिकृत स्थल है।
पुलिस के अनुसार, सतीश टेंडम उड़ान में थे, और टेकऑफ के दौरान उनका पैराग्लाइडर असंतुलित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें उनके साथ मौजूद पायलट भी घायल हो गया। यह इस साल धर्मशाला में पैराग्लाइडिंग हादसे में दूसरी मौत है। आपको बता दें कि हादसा रविवार, 13 जुलाई 2025 को दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ था।

Who Was Satish: कौन थे सतीश?
सतीश, अहमदाबाद, गुजरात के रहने वाले 25 वर्षीय पर्यटक थे, जो अपने परिवार के साथ धर्मशाला की सैर पर आए थे। वह साहसिक खेलों के शौकीन थे और इंद्रुनाग के पास पैराग्लाइडिंग का अनुभव लेना चाहते थे। दुर्भाग्यवश, टेकऑफ के दौरान पैराग्लाइडर का संतुलन बिगड़ने से वह और पायलट सुरज एक गहरे गड्ढे में गिर गए। सतीश को गंभीर चोटें आईं, और उन्हें तुरंत धर्मशाला के जोनल अस्पताल ले जाया गया। बाद में उन्हें टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां सोमवार, 14 जुलाई 2025 को उनकी मृत्यु हो गई। पायलट सुरज का अभी भी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
हादसे का कारण: गैर-अधिकृत स्थल और सुरक्षा चूक
कांगड़ा जिला पर्यटन विकास अधिकारी विनय धीमान ने बताया कि यह हादसा एक गैर-अधिकृत स्थल पर हुआ, जो हिमाचल प्रदेश एयरो-स्पोर्ट्स नियम 2022 और उच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है। नियमों के अनुसार, पैराग्लाइडिंग केवल अधिसूचित स्थलों पर और मार्शल की मौजूदगी में होनी चाहिए, लेकिन इस मामले में न तो साइट अधिसूचित थी और न ही कोई मार्शल मौजूद था। धीमान ने कहा, 'हमने पायलट और ऑपरेटर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उनके जवाब के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।'
पुलिस ने भी इस मामले में लापरवाही का केस दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है। कांगड़ा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) हितेश लखनपाल ने बताया कि हादसे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो प्रारंभिक जांच का हिस्सा होगा।
धर्मशाला में इस साल दूसरा हादसा
यह इस साल धर्मशाला के इंद्रुनाग साइट पर दूसरा घातक पैराग्लाइडिंग हादसा है। इससे पहले 18 जनवरी 2025 को अहमदाबाद की 19 वर्षीय भावसार खुशी की उसी साइट पर टेकऑफ के दौरान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। उस हादसे में भी पायलट घायल हुआ था। इन लगातार हादसों ने हिमाचल प्रदेश में साहसिक खेलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी
सोशल मीडिया पर इस हादसे को लेकर लोगों में गुस्सा देखा जा रहा है। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि भारत में साहसिक खेलों के लिए सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया जाता। एक यूजर ने लिखा, 'इंद्रुनाग में कुछ महीने पहले भी एक युवती की मौत हुई थी, फिर भी उसी साइट पर उड़ानें जारी थीं। यह लापरवाही अस्वीकार्य है।'
पुलिस और पर्यटन विभाग ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या हादसे का कारण तकनीकी खराबी थी या सुरक्षा नियमों की अनदेखी। कांगड़ा ASP ने कहा, 'हम यह भी जांच रहे हैं कि क्या उड़ान सूर्यास्त के बाद हुई, जो नियमों के खिलाफ है।'
क्या कहती हैं पुलिस?
ASP हितेश लखनपाल ने बताया कि सतीश के परिवार को हादसे की सूचना दे दी गई है। पोस्टमॉर्टम के बाद उनका शव परिवार को सौंप दिया जाएगा। इस बीच, स्थानीय प्रशासन ने इंद्रुनाग साइट पर पैराग्लाइडिंग गतिविधियों की समीक्षा शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
हिमाचल प्रदेश में पिछले डेढ़ साल में पैराग्लाइडिंग हादसों में कम से कम सात लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें कुछ विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। इन हादसों ने साहसिक खेलों की सुरक्षा और नियमन पर सवाल खड़े किए हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बिना उचित प्रशिक्षण, लाइसेंस और मार्शल की मौजूदगी के ऐसे खेलों को संचालित करना जोखिम भरा है। यह हादसा न केवल सतीश के परिवार के लिए एक त्रासदी है, बल्कि यह हिमाचल के पर्यटन उद्योग के लिए भी एक चेतावनी है कि सुरक्षा को प्राथमिकता देना अनिवार्य है।
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