IED ब्लास्ट क्या होता है? जिसका बेंगलुरू रामेश्वरम कैफे धमाके में हुआ इस्तेमाल, क्यों है आतंकियों का फेवरेट?
What is IED blast: बेंगलुरू का वालइफील्ड ब्रुकफील्ड एरिया जो फेमस आईटी हब के लिए जाना जाता है यहां पर शुक्रवार को मशहूर रामेश्ववर कैफे में एक बड़ा ब्लास्ट हुआ। जिसमें नौ लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। रामेश्वरम कैफे में जो ब्लास्ट हुआ वो IED ब्लास्ट था जिसकी पुष्टि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी की है।

बेंगलुरू रामेश्वर कैफे में हुए IED ब्लास्ट के बाद जहां पुलिस ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है वहीं बेंगलुरू के लोग दहशत में आ चुके हैं। आइए जानते हैं क्या होता है ये आईईडी ब्लास्ट? जिसका नाम सुनते ही दहशत फैल जाती है?
बेंगलुरू कैफे धमाके ने जर्मन बेकरी ब्लास्ट के जख्म किए ताजा
बता दें बेंगलुरू में रामेश्वरम कैफे में हुए धमाके ने 13 फरवरी 2010 को पुणे में हुए जर्मन बेकरी ब्लास्ट की याद दिला दी। तग आतंकियों ने कोरेगांव पार्क स्थित जर्मन बेकरी में बम धमाका किया था जिसमें 4 विदेशी नागरिकों समेत कुल 17 लोगों की मौत और 60 लोग घायल हुए थे। महाराष्ट्र एटीएस ने इस मामले में इंडियन मुजाहिद्दीन के आतंकी हिमायत बेग को अरेस्ट किया था और उसके पास से 1200 किलो विस्फोटक बरामद किया गया था।
ये भी पढ़ें- बेंगलुरू के जिस रामेश्वरम कैफे में हुआ ब्लास्ट उसकी महीने की कमाई है 4.5 करोड़, कभी फूड कार्ट चलाते थे फाउंडर
ED ब्लास्ट आतंकियों का है फेवरेट
दरअसल, IED ब्लास्ट आतंकियों का धमाका करने का पसंदीदा तरीका है। पुलगामा में आतंकी संगठन जैश-ए मोहम्मद ने 2019 इसी आईईडी ब्लास्ट के जरिए घातक हमले को अंजाम दिया था। इसके अलावा 2016 में पठानकोट एयरबेस में आतंकियों ने आईईडी ब्लास्ट से ही ब्लास्ट किया था जिसमें बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे।
IED ब्लास्ट क्या होता है?
IED ब्लास्ट यानी Improvised Explosive Device। ये एक तरह का बम होता है लेकिन मिलिट्री के बमों से थोड़ा अलग होता। इसका इस्तेमाल बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचाने के लिए किया जाता है। आईडी का धमाका होते ही चारों ओर भयंकर आग लग जाती है, और हर तरफ धुंआ ही धुंआ हो जाता है जो बहुत खतरनाक होता है।
कैसे आतंकी करते हैं IED ट्रिगर
घातक केमिकल के इस्तेमाल से तैयार किए जाने वाले इस आईईडी का इस्तेमाल आतंकी करते हैं। आतंकी IED ट्रिगर करने के लिए इंफ्रारेड, रिमोट कंट्रोल, मैग्ननेटिक ट्रिगर्स, प्रेशर सेसिंटव बार्स या ट्रिक वायर तरीकों को यूज करते हैं।
आतंकी हमला करने के लिए ऐसे बिछाते हैं IED का जाल
आमतौर पर IED इस्तेमाल सड़क किनारे और अन्य जगहों पर किया जाता है। इसकी खास वजह ये है कि इस पर वजन जैसे किसी का पैर या गाड़ी का पहिया पड़ने पर ही ब्लास्ट हो जाता है। आतंकी टारगेट करने के लिए कई बार इसे सड़क किनारे वायर की मदद से बिछाते हैं।












Click it and Unblock the Notifications