बेंगलुरू के जिस रामेश्वरम कैफे में हुआ ब्लास्ट उसकी महीने की कमाई है 4.5 करोड़, कभी फूड कार्ट चलाते थे फाउंडर
Rameshwaram Cafe: बेंगलुरू के मशहूर रामेश्चरम कैफै राजाजीनगर में शुक्रवार को बड़ा ब्लॉस्ट हुआ। जिसमें लगभग नौ लोग घायल हुए हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पुष्टि की है कि बेंगलुरु के ब्रुकफील्ड एरिया में स्थित रामेश्वरम कैफे में जो विस्फोट हुआ वो एक बम विस्फोट था।

ये वो ही रामेश्वरम कैफे (Rameshwaram Cafe) हैं जहां के इडली-डोसा का पूरा बेंगलुरू दीवाना है। ये बेंगलुरू की मशहूर फूड चेन हैं, रामेश्वरम कैफे ऐसी जगह है जहां पर बड़े-बड़े फिल्मी सितारें भी भीड़ में खड़े होकर डोसा इडली का मजा लेते नजर आते हैं।
सच पूछिए तो बेंगलुरू में रहने वालों के लिए ये ही कहना सही होगा "अगर रामेश्ववरम कैफे का इडली-डोसा, नहीं खाया तो फिर क्या खाया?" साउथ इंडियन व्यंजनों के लिए प्रसिद्ध रामेश्ववर कैफै वीकेंड हो या सामान्य दिन देर रात तक ये फूड लवर्स से गुलजार रहते हैं।
क्या हैं इसमें खास?
इस कैफे की खासियत ये है कि डोसा, इडली समेत सभी व्यंजन देशी घी में तैयार किया जाता है। यहां बने हर दक्षिण भारतीय व्यंजन का स्वाद तो ऐसा है कि बस उंगलियां चाटते रह जाओगे।
देर रात तक लगी रहती है लंबी लाइन
बेंगलुरू की रामेश्वरम कैफे (Rameshwaram Cafe) की चेन है, जेपीनगर,इंदिरा नगर, राजाजीनगर समेत अन्य जगहों पर स्थित है। इस कैफै की हर ब्रांच में लगभग हर दिन फूड लवर्स लंबी लाइन लगाए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आते हैं।
एक महीने की कमाई है 4.5 करोड़
बेंगलुरू का ये ऐसा साउथ इंडियन व्यंजनों का कैफे हैं जिसकी हर महीने की कमाई 4.5 करोड़ रुपये है और सलाना कमाई की बात करें तो 50 करोड़ रुपये से ज्यादा है।
2021 में हुई थी शुरूआत
आपको जानकर हैरानी होगी, कि डोसा, इडली बेचकर हर महीने कमाई 4.5 करोड़ की कमाई करने वाले बेंगलुरू के इस मशहूर कैफे की शुरूआत कोरोना लॉकडाउन खत्म होने के बाद 2021 में हुई थी। महज दो साल में अपने बेहतरीन स्वाद के कारण इसके कस्मर्स और कमाई में इजाफा होता जा रहा है।
आईआईएम पोस्ट ग्रेजुएट पत्नी, फूड कार्ड चलाने वाले पति ने की थी शुरूआत
बेंगलुरू की रामेश्वरम कैफे (Rameshwaram Cafe) की शुरूआत करने वाले एक साधारण से पति-पत्नी हैं। पत्नी आईआईएम-अहमदाबाद से पोस्ट-ग्रेजुएशन हैं और पति राघवेंद्र राव की शेषाद्रिपुरम में एक फूड कार्ट थी, जहां वह 15 वर्षों से अधिक समय से डोसा और इडली परोस रहे थे।
दिव्या-राघवेंद्र ने देखा था ये सपना
दिव्या और राघवेंद्र ने मिलकर 2021 में इसकी शुरूआत की। ट्रेडिशनल साउथ इंडियन फूड को सुर्खियों में जाना दिव्या का सपना था। इसलिए उन्होंने रामेश्वरम कैफे की शुरूआत की। दिव्या और राघवेंद्र का सपना रेस्तरां की एक वैश्विक चेन बनाने का था और साउथ इंडिया की समृद्ध और वैराइटी फूड को प्रसिद्धि दिलाना था।












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