Tamil Nadu: अग्निपरीक्षा में पास हुए CM विजय, DMK का वॉकआउट और AIADMK की बगावत ने पलटा पासा
Tamil Nadu Floor Test: तमिलनाडु की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण दिन रहा।तमिलनाडु विधानसभा में विजय की TVK सरकार ने आखिरकार फ्लोर टेस्ट जीत लिया। सरकार के पक्ष में 144 विधायकों ने वोट किया, जबकि विरोध में सिर्फ 22 वोट पड़े। इस जीत के साथ विजय सरकार ने सदन में अपना बहुमत साबित कर दिया और विपक्ष को बड़ा राजनीतिक झटका दिया।

तमिलनाडु विधानसभा में बोलते हुए, VCK विधायक वन्नी अरसु ने कहा कि, 'VCK सहित धर्मनिरपेक्ष पार्टियों ने सरकार को बिना शर्त समर्थन दिया है और विश्वास जताया है कि सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा करेगी। यह समर्थन BJP के कथित परोक्ष प्रयास को रोकने के लिए दिया गया था, जिसके तहत वह 'राज्यपाल शासन' (Governor's Rule) लागू करना चाहती थी। साथ ही, राज्य के अधिकारों की रक्षा की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया गया।'
उन्होंने बताया कि, "सरकार को राज्य के अधिकारों, मछुआरों के मुद्दों और निर्वाचन क्षेत्र के परिसीमन (delimitation) पर अपनी चिंताओं को ज़ोरदार ढंग से उठाना चाहिए। 'ऑनर किलिंग' (honour killings) के खिलाफ एक विशेष कानून लागू किया जाना चाहिए। नाश्ता योजना, 'तमिल पुधलवन' योजना और 200 यूनिट मुफ्त बिजली जैसी कल्याणकारी योजनाएँ अगले पाँच वर्षों तक जारी रहनी चाहिए।'
बहुमत के लिए जुटाया 150 विधायकों का समर्थन
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सरकार ने फ्लोर टेस्ट से पहले अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए पूरा जोर लगा दिया है। टीवीके सरकार को न केवल अपने सहयोगियों का साथ मिला है, बल्कि एआईएडीएमके (AIADMK) के बागी गुट और अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (AMMK) के इकलौते विधायक एस. कामराज का भी समर्थन हासिल हो गया है।
मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, टीवीके के पास अब विधानसभा में लगभग 150 विधायकों का समर्थन है, जो बहुमत के आंकड़े के लिहाज से एक राहत भरी खबर है।
AIADMK में बड़ी फूट: दो धड़ों में बंटी पार्टी
विश्वास मत से ठीक पहले तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी एआईएडीएमके (AIADMK) में नाटकीय मोड़ आया और पार्टी दो गुटों में विभाजित हो गई। पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) के नेतृत्व वाले गुट ने सख्त रुख अपनाते हुए अपने विधायकों को टीवीके सरकार का समर्थन न करने का निर्देश दिया है। वरिष्ठ नेता एग्री कृष्णमूर्ति ने चेतावनी दी है कि पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने वाले किसी भी विधायक को निष्कासित कर दिया जाएगा।
बागी गुट ने की समर्थन की घोषणा
दूसरी तरफ, एआईएडीएमके का एक और धड़ा सामने आया है जिसने 30 विधायकों के समर्थन का दावा किया है। इस गुट ने एस. पी. वेलुमणि को अपना विधायक दल का नेता चुना है। पूर्व मंत्री सी. वी. शनमुगम के आवास पर हुई बैठक के बाद नेताओं ने मीडिया को बताया कि उनका ग्रुप फ्लोर टेस्ट के दौरान टीवीके सरकार का समर्थन करेगा। शनमुगम ने स्पष्ट किया कि उनका गुट सरकार को गिरने नहीं देगा।
AMMK विधायक पर गिरी गाज
राजनीतिक उठापटक के बीच अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (AMMK) में भी कार्रवाई देखने को मिली है। पार्टी के इकलौते विधायक एस. कामराज ने जैसे ही टीवीके सरकार को समर्थन देने का ऐलान किया, उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। इन तमाम घटनाक्रमों के बाद अब सभी की नजरें आज होने वाले शक्ति परीक्षण पर टिकी हैं।















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