TN Politics: फ्लोर टेस्ट से पहले AIADMK में टूट! CM विजय के समर्थन मे आए बागी, EPS की बढ़ीं मुश्किलें
TN Politics CM Vijay Floor Test: तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा और नाटकीय मोड़ सामने आया है। अभिनेता से नेता बने और हाल ही में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने सी. जोसेफ विजय को विधानसभा में बहुमत साबित करने से ठीक पहले बड़ी राहत मिली है।
AIADMK नेता सीवी शन्मुगम ने दावा किया है कि पार्टी के एक बड़े गुट ने विजय की पार्टी TVK (तमिलगा वेत्री कझगम) सरकार को समर्थन देने का फैसला किया है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब मुख्यमंत्री विजय को 13 मई को तमिलनाडु विधानसभा में फ्लोर टेस्ट का सामना करना है। विधानसभा में बहुमत साबित करने से पहले AIADMK के भीतर उभरी टूट और समर्थन की घोषणा ने राज्य की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है।
जनादेश TVK के लिए नहीं, विजय के लिए है: AIADMK
AIADMK नेता सीवी शनमुगम ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जनता ने मुख्यमंत्री विजय के पक्ष में जनादेश दिया है और उनकी पार्टी का गुट इस जनादेश का सम्मान करता है।उन्होंने कहा-हम जनता के फैसले को स्वीकार करते हैं। जनादेश सिर्फ TVK के लिए नहीं, बल्कि विजय के मुख्यमंत्री बनने के लिए है। हम मुख्यमंत्री विजय को बधाई देते हैं और उनके नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन देते हैं।शन्मुगम ने दावा किया कि उनके गुट को AIADMK के अधिकांश विधायकों का समर्थन प्राप्त है और यही विधायक अब विजय सरकार के समर्थन में खड़े होंगे।
AIADMK split CV Shanmugham vs EPS: AIADMK में फूट: EPS बनाम शनमुगम
विधानसभा चुनावों में AIADMK ने कुल 47 सीटें जीती थीं। पार्टी प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) और सी.वी. शन्मुगमके बीच विजय सरकार को समर्थन देने को लेकर पिछले कुछ दिनों से मतभेद चल रहे थे। सीवी शन्मुगम का बयान ऐसे समय आया है जब AIADMK के भीतर पार्टी प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) को लेकर अंदरूनी विवाद की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक पार्टी के भीतर इस बात को लेकर मतभेद था कि विजय की सरकार को समर्थन दिया जाए या नहीं। शन्मुगम ने दावा किया कि EPS के पास केवल 20-22 विधायकों का समर्थन है, जबकि उनके गुट के पास बहुमत है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि EPS डीएमके के साथ मिलकर सरकार बनाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि इस आरोप पर अभी तक EPS की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
शनमुगम बोले- विधायक विजय से मिलेंगे
सीवी शनमुगम ने कहा कि उनके गुट के विधायक जल्द ही मुख्यमंत्री विजय से मुलाकात करेंगे और औपचारिक रूप से समर्थन पत्र सौंपेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि AIADMK का बड़ा हिस्सा वास्तव में विजय के साथ आता है, तो फ्लोर टेस्ट में सरकार को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
फ्लोर टेस्ट से पहले विजय के लिए बड़ी राहत
मुख्यमंत्री विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। लेकिन सरकार गठन के बाद सबसे बड़ी चुनौती विधानसभा में बहुमत साबित करना है। तमिलनाडु विधानसभा की कुल 234 सीटों में बहुमत के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में विजय की पार्टी TVK ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई थी। हालांकि बहुमत से 10 सीटें दूर रहने के कारण विजय को अन्य दलों का समर्थन जुटाना पड़ा।
किन दलों के समर्थन से बनी विजय सरकार?
चुनाव परिणाम आने के बाद तमिलनाडु में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बन गई थी। इसके बाद विजय ने छोटे दलों और सहयोगी पार्टियों से समर्थन मांगा। कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन के बावजूद बहुमत का आंकड़ा पूरा नहीं हो रहा था। बाद में वामपंथी दल CPI और CPI(M), विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने विजय सरकार को समर्थन दिया। इन दलों के समर्थन के बाद राज्यपाल ने विजय को सरकार बनाने की अनुमति दी और उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। अब AIADMK के एक बड़े गुट के समर्थन के दावे ने विजय सरकार की स्थिति और मजबूत कर दी है।
तमिलनाडु की राजनीति में बनता एक और नए समीकरण
AIADMK के भीतर बढ़ती टूट और विजय सरकार को समर्थन की घोषणा ने राज्य में नए राजनीतिक समीकरण पैदा कर दिए हैं। एक तरफ डीएमके विपक्ष में बैठकर सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी तरफ AIADMK के भीतर नेतृत्व संकट गहराता दिखाई दे रहा है। अब सबकी नजर 13 मई को होने वाले फ्लोर टेस्ट पर टिकी है, जहां मुख्यमंत्री विजय को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना होगा। हालांकि AIADMK गुट के समर्थन के दावे के बाद माना जा रहा है कि अभिनेता से नेता बने विजय के लिए यह रास्ता अब पहले से कहीं आसान हो सकता है।














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