TN Govt Formation: 'सत्ता में लौटेगी हमारी सरकार', AIADMK के दावे से बढ़ा तमिलनाडु का सियासी सस्पेंस
TN Govt Formation 2026: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के बाद राज्य की राजनीति में जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने 108 सीटें जीतकर राज्य की पारंपरिक द्रविड़ राजनीति को बड़ा झटका दिया है।
लेकिन त्रिशंकु विधानसभा के बीच सरकार गठन को लेकर अभी भी तस्वीर साफ नहीं हो पाई है। इसी बीच AIADMK ने भी सत्ता में वापसी का दावा ठोककर राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है।

AIADMK सांसद एम. थंबीदुरई ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि तमिलनाडु की जनता चाहती है कि AIADMK फिर से सत्ता में आए। उन्होंने भरोसा जताते हुए कहा कि भगवान की कृपा सेराज्य में AIADMK की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा,जनता की भावना है कि AIADMK को दोबारा सत्ता में आना चाहिए। भगवान की कृपा से यह उचित समय पर जरूर होगा।
TVK की आंधी ने बदले तमिलनाडु के राजनीतिक समीकरण
इस बार के चुनाव में सबसे बड़ा राजनीतिक उलटफेर विजय की पार्टी TVK के प्रदर्शन ने किया। पहली बार चुनाव लड़ रही पार्टी ने 108 सीटें जीतकर तमिलनाडु की राजनीति में नया केंद्र बना दिया। DMK और AIADMK जैसी पारंपरिक पार्टियां जहां दशकों से सत्ता की मुख्य दावेदार रही थीं, वहीं TVK ने इस चुनाव में दोनों दलों की राजनीतिक जमीन हिला दी।
हालांकि TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों के आंकड़े से अभी भी पीछे है। कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन के बाद भी पार्टी का आंकड़ा 113 तक ही पहुंच पाया है। इसी वजह से राज्य में सरकार गठन को लेकर लगातार जोड़-तोड़ और राजनीतिक बैठकों का दौर जारी है।
AIADMK के भीतर टूट की हलचल, लेकिन पार्टी कर रही इनकार
चुनाव परिणाम आने के बाद AIADMK को लेकर कई तरह की अटकलें सामने आई हैं। खबरें आईं कि पार्टी के कुछ विधायक पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में ठहराए गए हैं। साथ ही यह भी चर्चा रही कि पार्टी के भीतर एक धड़ा TVK को समर्थन देने के पक्ष में है।
हालांकि AIADMK नेतृत्व ने इन अटकलों को खारिज किया है। पार्टी महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) के करीबी नेताओं ने साफ कहा है कि AIADMK किसी भी परिस्थिति में विजय की पार्टी को समर्थन नहीं देगी। इसके बावजूद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में AIADMK की भूमिका बेहद अहम हो सकती है।
राज्यपाल की भूमिका पर टिकी सबकी नजर
सरकार गठन को लेकर अब राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है। विजय लगातार राजभवन जाकर सरकार बनाने का दावा पेश कर रहे हैं। लेकिन राज्यपाल की ओर से अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, राज्यपाल ने TVK से बहुमत के समर्थन का स्पष्ट प्रमाण मांगा है। दूसरी ओर वाम दल और कुछ विपक्षी पार्टियां यह दलील दे रही हैं कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते विजय को पहले सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए और बहुमत का परीक्षण विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के जरिए होना चाहिए।
क्या AIADMK फिर बना सकती है सरकार?
एम. थंबीदुरई का बयान ऐसे समय आया है जब राज्य की राजनीति में हर दिन नए समीकरण बन और बिगड़ रहे हैं। AIADMK भले ही इस चुनाव में 47 सीटों तक सिमट गई हो, लेकिन पार्टी अब भी तमिलनाडु की बड़ी राजनीतिक ताकत मानी जाती है।
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि अगर TVK बहुमत साबित करने में असफल रहती है और DMK भी पर्याप्त समर्थन जुटाने में कामयाब नहीं होती, तो AIADMK किसी नए गठबंधन या राजनीतिक समीकरण के जरिए सत्ता की दौड़ में फिर से शामिल हो सकती है। फिलहाल तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर सस्पेंस बरकरार है, लेकिन इतना तय है कि विजय की एंट्री ने राज्य की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है और अब हर दल नई रणनीति बनाने में जुटा हुआ है।














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