Rajasthan: खरीफ सीजन से पहले 27 लाख किसानों को बड़ी सौगात, बिना ब्याज मिलेगा 1.5 लाख तक लोन, क्या है प्रोसेस?
Rajasthan में खरीफ सीजन शुरू होने से पहले किसानों के लिए बड़ी राहत की तैयारी की जा रही है। प्रदेश के सहकारी बैंक इस बार लाखों किसानों तक ब्याजमुक्त लोन पहुंचाने की कवायद में जुट गए हैं। सरकार और सहकारिता विभाग का फोकस इस बात पर है कि खेती के समय किसानों को पैसों की कमी न हो और उन्हें ऊंची ब्याज दर पर निजी साहूकारों से कर्ज लेने की मजबूरी से बचाया जा सके।
इसी योजना के तहत राज्यभर में करीब 27 लाख किसानों को ब्याजमुक्त लोन देने का लक्ष्य तय किया गया है। सहकारी समितियों और बैंकों को इसके लिए निर्देश भेजे जा चुके हैं। साथ ही नए किसानों को भी सहकारिता व्यवस्था से जोड़ने की तैयारी चल रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को योजना का फायदा मिल सके।

खरीफ सीजन से पहले बड़ा अभियान
सहकारिता विभाग की ओर से प्रदेशभर में ब्याजमुक्त लोन वितरण का अभियान चलाया जा रहा है। बैंक मुख्यालयों को लोन वितरण के लक्ष्य भेजे गए हैं और समितियों को किसानों तक पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। योजना का मकसद किसानों को समय पर खेती के लिए पैसा उपलब्ध कराना है।
ये भी पढ़ें: PM Kisan की 23वीं किस्त से पहले बिहार-यूपी के किसानों को बड़ा झटका, क्यों काटे गए 18 लाख लोगों के नाम?
खेती की बुवाई के दौरान अक्सर छोटे किसान पैसों की कमी के कारण साहूकारों से महंगा कर्ज लेने को मजबूर हो जाते हैं। ऐसे में यह ब्याजमुक्त लोन किसानों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
सीकर जिले में डेढ़ लाख किसानों को फायदा
सीकर केंद्रीय सहकारी बैंक ने इस बार 791 करोड़ रुपए का ब्याजमुक्त लोन बांटने का लक्ष्य तय किया है। जिले में करीब डेढ़ लाख सदस्य किसानों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा खरीफ सीजन में पांच हजार नए सदस्य जोड़ने की भी तैयारी की गई है। सहकारी समितियां गांव-गांव जाकर किसानों को योजना की जानकारी दे रही हैं।
कैसे मिलेगा ब्याजमुक्त लोन?
फिलहाल ब्याजमुक्त लोन की अधिकतम सीमा डेढ़ लाख रुपए तय की गई है। इस योजना में किसान को लोन पर ब्याज नहीं देना होगा। ब्याज की तीन प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और चार प्रतिशत राशि राज्य सरकार की ओर से वहन की जाएगी। इससे किसानों को बिना अतिरिक्त बोझ के खेती के लिए जरूरी पैसा मिल सकेगा।
डिफाल्टर किसानों को नहीं मिलेगा नया कर्ज
जिन किसानों ने पहले लिया गया लोन जमा नहीं कराया है, उन्हें नया लोन नहीं दिया जाएगा। सहकारी बैंक केवल उन्हीं किसानों को नया ऋण देगा जिनका पुराना रिकॉर्ड सही होगा।
नया सदस्य बनने के लिए किसान को खेत की जमाबंदी, बैंक पासबुक और जनाधार कार्ड के साथ आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद ग्राम सेवा सहकारी समिति की ओर से लोन स्वीकृत किया जाएगा।
321 समितियां संभाल रही जिम्मेदारी
सीकर जिले में फिलहाल 321 ग्राम सेवा सहकारी समितियां किसानों को लोन देने के काम में लगी हुई हैं। समितियों को निर्देश दिए गए हैं कि ज्यादा से ज्यादा किसानों तक योजना का लाभ पहुंचाया जाए।
सहकारिता विभाग के अधिकारियों का कहना है कि खरीफ सीजन को देखते हुए सभी सहकारी बैंकों को लक्ष्य दे दिए गए हैं। सीकर केंद्रीय सहकारी बैंक को 791 करोड़ रुपए का लोन वितरण लक्ष्य मिला है और उसी के अनुसार तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
ये भी पढ़ें: सीकर के जिस टीचर ने पकड़ी NEET की चोरी, उसकी शिकायत की वो 5 बड़ी बातें जिसने उड़ा दी NTA की नींद












Click it and Unblock the Notifications