26/11 मुंबई हमला: तहव्वुर राणा ने मांगी परिवार से बात करने की छूट, जानें कोर्ट ने तिहाड़ से क्या कहा?

26/11 Mumbai Attack Update: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने शुक्रवार, 25 जुलाई 2025 को 26/11 मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा (Tahawwur Hussain Rana) की उस याचिका पर तिहाड़ जेल प्रशासन से जवाब तलब किया, जिसमें उसने अपने परिवार से फोन पर बात करने की अनुमति मांगी थी।

विशेष न्यायाधीश चंद्रजीत सिंह ने तिहाड़ जेल अधीक्षक को विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई 1 अगस्त 2025 के लिए निर्धारित की। जेल अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि राणा को बिस्तर और गद्दा उपलब्ध कराया गया है।

26 11 Mumbai Attack

तहव्वुर राणा का मामला

कनाडाई मूल के तहव्वुर हुसैन राणा को 26/11 मुंबई हमले का प्रमुख षड्यंत्रकारी माना जाता है। वह लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी डेविड कोलमैन हेडली (उर्फ दाऊद गिलानी) का करीबी सहयोगी था।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की 23 जुलाई 2025 की चार्जशीट के अनुसार, राणा ने मुंबई में एक नकली ऑफिस स्थापित कर हेडली की जासूसी गतिविधियों में मदद की थी। 26 नवंबर 2008 को हुए इस हमले में 10 पाकिस्तानी आतंकियों ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, ताज होटल, ओबेरॉय ट्राइडेंट, और नरीमन हाउस पर हमला किया था, जिसमें 166 लोग मारे गए थे और सैकड़ों घायल हुए थे।

प्रत्यर्पण और कानूनी कार्रवाई

राणा को 2025 की शुरुआत में अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया गया। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 4 अप्रैल 2025 को उसकी पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उसे दिल्ली में NIA की हिरासत में लिया गया। राणा को विशेष NIA कोर्ट द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया गया।

उस पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120B (षड्यंत्र), 121 (भारत सरकार के खिलाफ युद्ध), 302 (हत्या), 468 और 471 (जालसाजी), और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 16 व 18 के तहत आरोप लगाए गए हैं।

NIA की जांच में क्या खुलासा?

NIA की चार्जशीट में खुलासा हुआ कि राणा ने हेडली के साथ मिलकर हमले की साजिश रची थी। उसने हिरासत में कई अहम जानकारियां दी हैं, जिनकी पुष्टि के लिए भारत ने अमेरिका को म्युचुअल लीगल असिस्टेंस रिक्वेस्ट भेजी है। NIA का मानना है कि यह जानकारी हमले के अन्य षड्यंत्रकारियों और उनके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को उजागर कर सकती है। जांच एजेंसी आगे और चार्जशीट दाखिल कर सकती है।

26/11 मुंबई हमला भारत के इतिहास का सबसे भयावह आतंकी हमला था, और तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण भारत-अमेरिका के आतंकवाद विरोधी सहयोग की बड़ी उपलब्धि है। दिल्ली कोर्ट का तिहाड़ जेल से जवाब मांगना और NIA की चल रही जांच इस मामले में कठोर कार्रवाई की ओर इशारा करती है। अगली सुनवाई 1 अगस्त को होगी, और इस बीच जांच से और खुलासे होने की उम्मीद है। यह मामला न केवल राणा की सजा पर केंद्रित है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की मजबूत नीति को भी दर्शाता है।

ये भी पढ़ें- Tahawwur Rana Case: आतंकी राणा को परिवार से बात करने की मिली इजाजत, दिल्ली कोर्ट ने दी सशर्त अनुमति

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