Tahawwur Rana Case: आतंकी राणा को परिवार से बात करने की मिली इजाजत, दिल्ली कोर्ट ने दी सशर्त अनुमति
Tahawwur Rana Case Update: मुंबई हमलों का नाम सुनते ही दहशत और दर्द की यादें ताजा हो जाती हैं। और अब, इस हमले से जुड़े एक अहम किरदार - तहव्वुर हुसैन राणा - एक बार फिर सुर्खियों में है। सोमवार को दिल्ली कोर्ट ने तहव्वुर राणा को परिवार से बात करने की इजाजत दे दी।
इससे पहले दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 6 जून को राणा की न्यायिक हिरासत को 9 जुलाई तक बढ़ाया था। ये वही राणा है, जिस पर 26/11 मुंबई हमलों की साजिश में शामिल होने और डेविड हेडली की मदद करने का गंभीर आरोप है।

क्या है तहव्वुर राणा का रोल?
तहव्वुर राणा, पाकिस्तान में पला-बढ़ा और बाद में कनाडा और अमेरिका में नागरिकता ली। वह आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली का बचपन का दोस्त है। जांच के मुताबिक, हेडली ने मुंबई में हमला करने की प्लानिंग राणा की मदद से की थी। राणा ने भारत में एक ऑफिस तक खोल दिया था ताकि हेडली को कवर मिल सके।
अदालत में क्या हुआ?
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को अपने परिवार से एक बार फोन पर बात करने की इजाजत दे दी है। स्पेशल जज चंदरजीत सिंह की कोर्ट में यह आदेश सोमवार को पारित हुआ। कोर्ट ने साफ किया कि राणा केवल एक बार ही अपने परिजनों से बात कर सकेगा और यह कॉल तिहाड़ जेल प्रशासन की निगरानी में होगी। कॉल की पूरी प्रक्रिया जेल मैनुअल के तहत संचालित की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की सुरक्षा में चूक न हो।
सेहत को लेकर मांगी गई नई मेडिकल रिपोर्ट
कोर्ट ने राणा की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति को लेकर भी चिंता जताई है। जज ने जेल प्रशासन को आदेश दिया है कि वह राणा की सेहत की ताजा मेडिकल रिपोर्ट दस दिनों के भीतर अदालत में पेश करे। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए और किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
इसके अलावा कोर्ट ने यह सवाल भी उठाया है कि क्या राणा को नियमित रूप से परिवार से फोन पर बातचीत की अनुमति दी जानी चाहिए या नहीं। इस संदर्भ में तिहाड़ जेल प्रशासन को विस्तृत जवाब देने को कहा गया है। जेल प्रशासन को यह बताना होगा कि क्या राणा की स्थिति और सुरक्षा के लिहाज से ऐसा कोई फैसला संभव है, या फिर इससे जेल के नियमों पर असर पड़ सकता है।
NIA क्यों चिंतित है? क्या तिहाड़ की दीवारों के पीछे राणा को सता रही है पत्नी की याद?
शिकागो की सर्द हवाओं से लेकर तिहाड़ जेल की सलाखों तक, तहव्वुर राणा की जिदगी में आया ये सफर किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं लगता। अब जब वह भारत में 26/11 जैसे भयानक हमले के मामले में जेल की हवा खा रहा है, तो एक सवाल बार-बार उठता है - क्या राणा को अब अपनी पत्नी की याद आ रही है? राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने राणा की इस याचिका का सख्त विरोध किया। उनका कहना है कि परिवार से बात करने के बहाने राणा संवेदनशील जानकारी लीक कर सकता है। इससे जांच प्रभावित हो सकती है।
कौन है समराज अख्तर राणा?
तहव्वुर राणा की पत्नी डॉ. समराज अख्तर राणा एक प्रशिक्षित डॉक्टर हैं। उन्होंने भी राणा की तरह पाकिस्तान में ही मेडिकल की पढ़ाई की थी। दोनों की मुलाकात वहीं हुई और बाद में दोनों अमेरिका चले गए। समराज के नाम पर शिकागो में कुछ मेडिकल क्लिनिक और प्रैक्टिस से जुड़ी गतिविधियां भी थीं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वह वर्तमान में प्रैक्टिस कर रही हैं या नहीं।
परिवार से जुड़ाव और शिकागो की लाइफ
टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राणा अपनी पत्नी, दो बेटियों और एक बेटे के साथ शिकागो में रहता था। उसके पास कई बिजनेस थे, जिनमें इमीग्रेशन कंसल्टेंसी भी शामिल थी। यही बिजनेस बाद में डेविड हेडली के साथ मिलकर राणा की भारत में गतिविधियों का 'कवर' बना। शिकागो के अलावा कनाडा के ओटावा के बाहर भी उसका एक रिहायशी घर था।
अब अकेलापन और निगरानी में तिहाड़ की जिंदगी
अब जब राणा को तिहाड़ जेल में अकेले बंद कर रखा गया है, और परिवार से बात करने की इजाजत भी NIA ने रोक रखी है, तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि मानसिक रूप से वो कितना दबाव में होगा। सूत्रों की मानें तो राणा बार-बार अपनी पत्नी और बच्चों से बात करने की अनुमति मांग रहा है, लेकिन एजेंसियों को आशंका है कि वह कॉल के जरिए कोई संवेदनशील जानकारी लीक कर सकता है।
राणा की भारत वापसी कैसे हुई?
अमेरिका की जेल में सजा काटने के बाद, भारत ने उसका प्रत्यर्पण (extradition) मांगा। कई कानूनी दांवपेच के बाद, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2025 में राणा की याचिका खारिज कर दी और उसे भारत भेजा गया। 10 अप्रैल को जैसे ही वो दिल्ली के पालम एयरबेस पर उतरा, NIA ने उसे हिरासत में ले लिया।
अब एक नजर तहव्वुर राणा केस टाइमलाइन: 2008 से 2025 तक
- 26-29 नवंबर 2008: मुंबई में लश्कर-ए-तैयबा द्वारा किए गए आतंकी हमलों में 166 लोगों की मौत हुई।
- अक्टूबर 2009: अमेरिका में एफबीआई ने डेविड हेडली और तहव्वुर राणा को गिरफ्तार किया।
- मार्च 2010: हेडली ने 26/11 हमलों में अपनी भूमिका स्वीकार की और राणा के खिलाफ गवाही दी।
- जनवरी 2013: राणा को डेनमार्क स्थित अखबार पर हमले की साजिश में 14 साल की सजा हुई, 26/11 के आरोपों से बरी किया गया।
- अगस्त 2018: भारत की NIA कोर्ट ने राणा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया।
- जून 2020: अमेरिकी सरकार ने भारत के अनुरोध पर राणा की गिरफ्तारी की मांग की, अदालत ने हिरासत का आदेश दिया।
- मई 2023: कैलिफोर्निया की अदालत ने भारत को प्रत्यर्पण की अनुमति दी।
- अगस्त 2023: राणा की अपील खारिज हुई। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर हुई।
- अप्रैल 2025: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राणा की याचिका खारिज की, जिससे भारत को प्रत्यर्पण का मार्ग प्रशस्त हुआ।
- 10 अप्रैल 2025: राणा को भारत लाया गया और NIA ने हिरासत में लिया।
- 9 मई 2025: दिल्ली की विशेष NIA अदालत ने राणा को 6 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा।
- 27 मई 2025: राणा ने जेल से अपने परिवार से बात करने की अनुमति के लिए अदालत में याचिका दायर की।
- 6 जून 2025: दिल्ली की अदालत ने राणा की न्यायिक हिरासत 9 जुलाई तक बढ़ाई और तिहाड़ जेल प्रशासन से उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर रिपोर्ट मांगी।












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