Tahawwur Rana:'टपकता रहा खून, कसाब से 40 मिनट तक किया संघर्ष', कौन हैं दाते, जो अब राणा से कराएंगे कबूलनामा?
Tahawwur Rana Case: मुंबई आंतकी हमले का मुख्य आरोपी तहव्वुर राणा भारत में लैंड करने वाला है। उसे स्पेशल प्लेन से राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NIA) और RAW की टीम भारत लेकर आ रही है। 'ऑप्रेशन राणा' को अंजाम NIA और RAW की ज्वाइंट टीम ने दिया है, आपको बता दें कि एनआईए टीम की अगुवाई सदानंद दाते कर रहे हैं।
कौन हैं सदानंद दाते? (Tahawwur Rana)
आपको बता दें कि जिस वक्त मुंबई में नापाक लोगों ने खून की होली खेली थी, उस वक्त सदानंद दाते मुंबई पुलिस के सेंट्रल रीजन के एडिश्नल कमिश्नर थे। उस भयानक मंजर को अपनी आंखों से देखने वाले सदानंद दाते ने उसी वक्त कई दुश्मनों को अपनी गोलियों का निशाना बनाया था।

कसाब ने सदानंद दाते की ओर एक हथगोला फेंका था
इस हमले में एकमात्र जिंदा पकड़े गए आतंकी कसाब ने सदानंद दाते की ओर एक हथगोला फेंका था, जो कि उनसे मात्र तीन फुट की दूरी, पर गिरा था। जिसकी वजह से उनके साथी सब इंस्पेक्टर प्रकाश मोरे की मौत हो गई थी और खुद दाते भी बुरी तरह से घायल हो गए थे, हथगोले के छर्रे उनके पैरों और चेहरों को छलनी कर चुके थे लेकिन वो बिना धैर्य खोए 40 मिनट तक अजमल कसाब और अबू इस्माईल ( एक और आतंकी, जो कि बाद में मारा गया) से लड़ते रहे थे।
तहव्वुर राणा से सबसे पहले सवाल सदानंद दाते ही करेंगे (Tahawwur Rana)
अब इसे इत्तफाक कहिए या विधाता का न्याय, तहव्वुर राणा से सबसे पहले सवाल सदानंद दाते ही करेंगे। बेदाग छवि और काम के प्रति समर्पण की वजह से सदानंद दाते आज सबके आदर्श हैं। वह 1990 IPS बैच के अधिकारी हैं। सदानंद दाते ने महाराष्ट्र कैडर में सेवा दी है और NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों में भी जिम्मेदारियां निभाई हैं।
दाते लोगों के घर अखबार पहुंचाने का काम करते थे
सदानंद दाते का जन्म महाराष्ट्र के एक सामान्य मराठी परिवार में हुआ। वे बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहे थे, हालांकि बचपन उनका गरीबी में ही बीता। सदानंद की मां दूसरों के घर में काम करके परिवार का खर्चा चलाती थीं तो वहीं दाते अखबार लोगों के घर पहुंचाने का काम करते थे। अपनी निष्ठा, लगन और मेहनत से वो आईपीएस अधिकारी बने। सदानंद दाते को उनकी बहादुरी के लिए 'गैलेंट्री अवॉर्ड' से सम्मानित किया जा चुका है।
कौन है तहव्वुर राणा? (Tahawwur Rana)
12 जनवरी 1961 को चिचावतनी, पंजाब, पाकिस्तान में जन्मा तहव्वुर हुसैन राणा ने पाकिस्तान आर्मी मेडिकल कॉर्प्स में सैन्य चिकित्सक के रूप में सेवा की थी और इसके बाद वो कनाडा का निवासी बन गया। राणा अपने बचपन के मित्र डेविड हेडली के साथ मिलकर 2008 के मुंबई हमलों की योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें 166 लोग मारे गए थे। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राणा के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दी, जिसके बाद उसे इंडिया लाया जा रहा है।












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