FACT CHECK: मॉब लिंचिंग में गई थी तबरेज अंसारी की जान, घिर गई झारखंड पुलिस
बेंगलुरू। तबरेज अंसारी की मौत पर झारखंड पुलिस के दावों पर सवाल खड़ा हो गया है। एक ताजा मेडिकल रिपोर्ट ने झारखंड पुलिस के उन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया गया है, जिसमें झारखंड पुलिस ने मरहूम तबरेज अंसारी की मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट मान लिया थ जबकि नया मेडिकल रिपोर्ट ठीक झारखंड पुलिस के दावों से मेल नहीं खाती है।

एमजीएम मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर के एचओडी द्वारा हस्ताक्षिरत रिपोर्ट में कहा गया है कि अंतिम समय में तबरेज अंसारी की मौत का कारण भले ही कार्डियक अरेस्ट था, लेकिन उसकी मौत भीड़ द्वारा पिटाई से सिर पर आई गंभीर चोटों के चलते हुई। मेडिकल रिपोर्ट के ताजा खुलासे से निः संदेह झारखंड पुलिस को दावों की पोल खोल दी है, जो मॉब लिंचिंग की हुई मौत तबरेज की मौत अलग एंगल देने की कोशिश कर रही है।
फाइनल मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक तबरेज अंसारी की मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट जरूर था, लेकिन कार्डियक अरेस्ट की वजह मॉब लिंचिंग के दौरान उसके सिर में हुए कई फ्रैक्चर्स, पेल आर्गन और हॉर्ट चैंबर में खून भर गया था। यानी तबरेज की मौत की आखिरी वजह कार्डियक अरेस्ट जरूर थी, लेकिन कार्डियक अरेस्ट की वजह पिटाई थी, जो उसकी मौत का कारण बना।

गौरतलब है 24 वर्षीय तबरेज अंसारी की मौत की जांच के लिए गठित 5 सदस्यीय मेडिकल पैनल की टीम द्वारा रिपोर्ट तैयार किया गया है। जून, 2017 में तबरेज की मौत झारखंड राज्य के सरायकेला-खारसावन जिले में भीड़ द्वारा की गई पिटाई में हो गई थी। 6 अगस्त को जारी की गई मेडिकल रिपोर्ट इशारा करती है कि तबरेज अंसारी को सिर पर किसी ठोस और नुकीली चीज से हमला किया गया था। रिपोर्ट यह भी कहती है कि खोपड़ी में चोट लगने उसके दिमाग में रक्तस्राव (सबरैचनोइड रक्तस्राव) हो गया था, जिससे उसकी खोपड़ी के निचले में खून जम गया था।
एक वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बताया गया था कि मरहूम के खोपड़ी में गंभीर चोट लगी थी। उन्होंने आगे बताया कि पिटाई के दौरान महरूम के खोपड़ी और अन्य जगहों पर गंभीर चोटें आईं थी, जो कार्डियक अरेस्ट की प्रमुख वजह थी। नए मेडिकल रिपोर्ट ने तबरेज अंसारी द्वारा किसी भी प्रकार के जहर पीने के दावों को भी खारिज किया है। नए रिपोर्ट में कहीं भी तबरेज की मौत के लिए कार्डियक अरेस्ट नहीं सुझाया गया है।

अब सवाल उठता है कि झारखंड पुलिस द्वारा किए गए दावों में क्या मेडिकल रिपोर्ट में सुझाए गए उपरोक्त तथ्यों को दरकिनार कर दिया, जिसमें स्पष्ट रुप से कहा गया है कि कार्डियक अरेस्ट खोपड़ी में फ्रैक्चर्स के कारण हुआ। क्योंकि गंभीर रूप से घायल तबरेज को जब इलाज के लिए हॉस्पिटल लाया गया तब उसके खोपड़ी में हुए फ्रैक्चर का इलाज नहीं किया गया, जिसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सका।
तबरेज अंसारी की पोस्टमार्टम करने वाले टीम में शामिल डा. बी मार्डी ने बताया कि तबरेज को पिटाई के दूसरे दिन अस्पताल में चेक अप के लिए लाया गया था, जहां उसने पैर में दर्द की शिकायत की थी और सिर में चोट के बारे में कोई शिकायत नहीं की थी। उन्होंने ने बताया कि जांच के बाद मरहूम के पैर में हेयरलाइन फ्रैक्चर पाया गया था। उन्होंने आगे कहा कि सिर में लगी गंभीर चोट ही कार्डियक अरेस्ट की मुख्य वजह थी।

डा. मार्डी ने बताया कि खोपड़ी में फ्रैक्चर तभी होता है जब हमला जोरदार किया जाए और खोपड़ी में फ्रैक्चर होते ही फेफड़ा और हॉर्ट दोनों को प्रभावित होता है। उनके मुताबिक शरीर के किसी हिस्से पर चोट से होने वाला दर्द इंसान के फेफड़े और हॉर्ट को नुकसान पहुंचाते ही हैं।
नामजद 11 आरोपियों पर से हत्या का चार्ज हटाया गया
नए मेडिकल रिपोर्ट में आए तथ्य बेहद ही निर्णायक हो गए है, क्योंकि झारखंड पुलिस तबरेज अंसारी मॉब लिंचिंग में आरोपी 11 लोगों पर दर्ज हत्या के केस हटा लिए हैं। झारखंड पुलिस ने 11 आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस हटाने के पीछे दावा किया था कि तबरेज अंसारी की मौत कार्डियक अरेस्ट से हुई थी, लेकिन नए मेडिकल रिपोर्ट पुलिस के दावों को पूरी तरह से खारिज करती है।
उल्लेखनयीय है 29 जुलाई, 2017 झारखंड पुलिस ने सरायकेला-खारसावां जिले की पुलिस ने 13 नामजद आरोपियों में से 11 लोगों के खिलाफ का मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन झारखंड पुलिस द्वारा 11 आरोपियों पर से हत्या का केस वापस लिए जाने से अब उन आरोपियों पर आईपीसी की धारा 304 के तहत मुकदमा चलेगा, जिसमें कानून उन्हें हत्या की दोषियों की तरह देखेगी।

सरायकेला-खारसावां पुलिस अधिक्षक कार्तिक एस ने बताया कि पोस्टमार्टम, मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर 11 आरोपियों के खिलाफ दर्ज हत्या की चार्जसीट को हटाने का फैसला किया गया, जो यह कहता है कि 24 वर्षीय तबरेज की मौत कार्डियक अरेस्ट के चलते हुई थी। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट आरोपियों पर हत्या के मुकदमे को सही नहीं ठहराते है, क्योंकि मरहूम की मौत कार्डियक अरेस्ट से हुई थी।
पुलिस अधिक्षक ने बताया कि उन्हें भी मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सहसा भरोसा नहीं हुआ इसलिए सेकेंड ओपिनियन के लिए फोरेंसिक और पैथोलॉजिल तरीके से मामले की गहन जांच के लिए उच्च स्तरीय विशेषज्ञों की राय ली गई, लेकिन वहां भी पुलिस को समान रिपोर्ट मिले इसलिए आरोपियों पर से हत्या के मुकदमे हटा लिए गए और अब उन पर आईपीसी की धारा 304 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।
मालूम हो, आईपीसी की धारा 302 के तहत जहां 11 आरोपियों को तबरेज अंसारी की हत्या के जुर्म कोर्ट आजीवन कारावास की सजा के साथ फांसी की भी सजा सकती है, लेकिन हत्या का मुकदमा हटने के बाद आईपीसी की धारा 304 के तहत दर्ज मुकदमें में दोषी पाए जाने पर 10 वर्ष की सजा सुनाई जा सकती है और कोर्ट 10 वर्ष की सजा को आजीवन कारावास तक भी बढ़ा सकती है।
क्या था मामला
पेशे मजदूर मरहूम 24 वर्षीय तबरेज अंसारी पुणे में वेल्डिंग का काम करता था और घटना वाले दिन वह झारखंड अपने घर ईद मनाने गया हुआ था, जहां रात के वक्त गांव के कुछ लोगों ने उसे मोटरसाइकिल चोरी करने की कोशिश करने की आशंका में पकड़ लिया और उसके हाथ-पैर बांधकर एक खंभे में बांधकर लाठी-डंडा और लोहे का रॉड से उसको जमकर पीटा। तबरेज अंसारी की दर्दनाक पिटाई का एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें उसको पीट रहे उससे जबरन जय श्रीराम और जय हनुमान के नारे भी लगवाए जा रहे थे। हालांकि इसका सबूत पुलिस को नहीं मिल सका है कि नारे लगवाने लोग किस हिंदू संगठन से जुड़े हुए थे।

तबरेज अंसारी की पिटाई वाला वीडियो उसके परिवार ने सोशल मीडिया पर अपलोड किया था, जो देखते ही देखते पूरे देश में फैल गया था। कई शहरों में घटना को लेकर विरोध-प्रदर्शन हुआ और हरकत में आई पुलिस दूसरे दिन घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ित तबरेज अंसारी को गिरफ्तार कर लिया और फर्स्ट देने के बाद उसे जेल में डाल दिया जबकि तबरेज का परिवार ने दावा किया कि तबरेज के सिर पर गहरा घाव था और उसके शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी मौत भी सकती थी।
जेल में बंद तबरेज की तबियत जब बिगड़ने लगी तब उसी दिन जेल से बाहर निकालकर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उसकी तबियत में कोई सुधार नहीं हुआ तो उसे टाटा मेन हॉस्पिटल में रेफर कर दिया गया, जहां उसे चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जाता है जब तबरेज की मौत हुई तब उसकी पत्नी शाहिस्ता गर्भवती थी और पति की मौत सुनते ही उसको मिस कैरेज हो गया।
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